सत्याग्रह का अर्थ और सत्याग्रह के रूप

सत्याग्रह का अर्थ सत्याग्रह का अर्थ है, ‘आग्रह’, सत्य के लिये नैतिक दबाव डालना। सत्याग्रह का शाब्दिक अर्थ सत्य के लिये आग्रह करना होता है। यह संसार में जो कुछ भी बुरा, अन्यायपूर्ण, अपवित्र तथा असत्य है, उसका प्रतिरोध प्रेम, आत्म-यंत्रणा, आत्म-शुद्धता तथा विरोधी की आत्मा में स्थित दिव्यता पर सीधा प्रभाव डालते हुए करने की …

Read more

महात्मा गांधी के शिक्षा दर्शन | गांधीजी के अनुसार शिक्षा का अर्थ, उद्देश्य एवं सिद्धांत

महात्मा गांधी  महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को पोरबन्दर (गुजरात) में हुआ था। महात्मा गांधी बचपन का नाम मोहनदास था। महात्मा गांधी के पिता श्री कर्मचन्द गांधी पोरबन्दर रियासत के दीवान थे और महात्मा गांधी की माता श्रीमती पुतलीबाई थी। महात्मा गांधी जी को पोरबन्दर के प्राथमिक स्कूल में प्रवेश दिलाया। जब गांधी जी की आयु सात …

Read more

मौखिक अभिव्यक्ति किसे कहते हैं | मौखिक अभिव्यक्ति की विशेषताएं

मनुष्य जब अपने विचारों को दूसरे के समक्ष रखने के लिए भाषा का बोलकर प्रयोग करता है तो उसे मौखिक अभिव्यक्ति कहा जाता है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह अपने दैनिक कार्य-व्यापार में अनेक व्यक्तियों के संपर्क में आता है और भाषा के माध्यम से अपने विचार प्रकट करता है। विचारों के संप्रेषण के लिए …

Read more

पठन कौशल के प्रकार और पठन कौशल का महत्व

लिखित भाषा को पढ़ने की क्रिया को पठन कौशल कहा जाता है, जैसें- पुस्तकों को पढ़ना, समाचार-पत्रों को पढ़ना आदि। भाषा के संदर्भ में पढ़ने का अर्थ कुछ भिनन होता है। भाव और विचारों को, लिखित भाषा के माध्यम से अभिव्यक्ति को पढ़कर समझना पठन कहा जाता है। लिखने का उद्देश्य होता है कि भाव और …

Read more

भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक

भाषा का संबंध संस्कृति से होता है जिसे एक संस्कृति प्रपंच कहा जाता है भिन्न-भिन्न संस्कृतियों के लोग एक ही भाव या विचार को विभिन्न शब्दों में व्यक्त कर सकते हैं भाषा संप्रेषण एक लोकप्रिय माध्यम है भाषा के माध्यम से बालक अपने विचारों इच्छाओं और भावनाओं को दूसरों के साथ व्यक्त कर सकता है और …

Read more

वाद्य यंत्र क्या है वाद्य यन्त्र कितने प्रकार के होते हैं?

वाद्य जिनसे स्वर अथवा स्वरावलियां उत्पन्न कर उनका संगीत में उपयोग किया जाता है, स्वर वाद्य कहलाते हैं। जैसे सितार, सरोद, बांसुरी, संतूर व हारमोनियम। वाद्य, जिनका उपयोग गायन व स्वर वाद्य की में लय अथवा गति को सुचारु रखने हेतु किया जाता है, ताल वाद्य कहलाते हैं। जैसे – तबला, पखावज व ढोलक आदि। वाद्य …

Read more

तबले की उत्पत्ति एवं आविष्कार

तबला एक वाद्य यंत्र है। संगीत में वर्तमान समय में तबला महत्वपूर्ण ताल वाद्य के रूप में स्थान रखता है। संगीत, नृत्य विधा या वाद्य वादन की कोई भी विधा तबले के बिना अधूरी जान पड़ती है। तबला, दाहिना और बायाँ दो अलग-अलग संरचनाओं का संयुक्त रूप है। दाहिने को तबला तथा बांए को डग्गा कहते …

Read more

जीवन का अर्थ, परिभाषा एवं लक्षण

जीवन का अर्थ  जीवन शब्द ‘जीव’ शब्द के साथ ‘ल्युट’ प्रत्यय लगाने से बना है। जीवन का अर्थ है जीवनम् अर्थात् जिन्दा रहना। इसे जन्म से मृत्यु तक का समय अथवा जिंदगी भी कहा जाता है। ‘जीवन’ शब्द का अर्थ है जीता रहना, प्राण धारण करना, जीवित दशा, जिंदगी, जीवन की आधार रूप वस्तु।’ समय तथा …

Read more

स्तूप किसे कहते हैं? भारत के प्रमुख स्तूप

स्तूप किसे कहते हैं ? स्तूप’ का शाब्दिक अर्थ ‘ढेर’ अथवा थूहा! मिट्टी व अन्य पदार्थो का ढेर या एकत्र किये गये समूह को ‘स्तूप’ कहते हैं। स्तूप शब्द संस्कृत- स्तूप: अथवा प्राकृत थूप, ‘स्तूप’ धातु से निष्पन्न है, जिसका अर्थ है एकत्रित करना, ढेर लगाना, तोपना या गाड़ना होता है। विद्वानों का विचार है कि …

Read more

उदयगिरि की गुफाएं और खंडगिरि की गुफाएं

उदयगिरि में रानीगुफा, रविगुफा, मंचपुरी, गणेशगुफा, हाथीगुफा तथा व्याघ्रगुफा हैं। खंडगिरि में नवमुनिगुफा, देवसभा, अनन्तगुफा आदि मुख्य गुफाएं हैं। उदयगिरि की गुफाएं रानीगुफा  उदयगिरि की गुफाओं में रानीगुफा सबसे बड़ी एवं विशिष्ट है। इनमें निवास के लिए दो तल हैं। प्रत्येक तल में एक मध्यवर्ती कक्ष तथा आँगन (49×24 फुट) है। आँगन के तीन ओर भवन …

Read more