भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण

भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण उच्च जन्म-दर घटती हुर्इ मृत्यु-दर अवैध प्रवास बढ़ता जीवन प्रत्याशा विवाह व सन्तानोत्पत्ति की भावना अशिक्षा एवं अज्ञानता बाल विवाह अंधविश्वास लडके की चाह मे लडकियाँ पैदा करना 1. जन्म-दर – किसी देश में एक वर्ष में जनसंख्या के प्रति हजार व्यक्तियों में जन्म लेने वाले जीवित बच्चों की संख्या …

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लोहा के प्रकार

मेग्नेटाइट- यह सबसे उत्तम कोटि का अयस्क हैं। इसमें धातु अंश 70 प्रतिशत पायी जाती हैं। इसका रंग काला होता हैं।  हैमेटाइड- यह लाल,कत्थर्इ, रंग का होता हैं। इसमें लोहांश 60 से 70 प्रतिशत पायी जाती हैं।  लिमोनाइट- इसका रंग पीला या भूरा होता हैं। इसमें लोहांश की मात्रा 40 से 60 प्रतिशत तक पाया जाताहैं  …

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खनिज संसाधन क्या है ?

पुर्नजागरण के उपरान्त संसार में एक नया बदलाव आया और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा से यूरोपवासियों ने अथाह धन कमाया। ‘आवश्यकता ही आविष्कार की जननी हैं।’ संसार में एक से एक नवीन आविष्कारों ने खनिज का दोहन प्रांरभ कर दिया।  परिभाषा- ‘‘खनिज प्राकृतिक रासायनिक यौगिक तत्व हैं। जो पम्रुखतया अजैव प्रक्रियाओं से बना हैं। भूमि से खोदकर निकाले …

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वन संसाधन क्या है?

जलवायु तथा उच्चावचन की भिन्नताओं के कारण भारत में प्राकृतिक वनस्पति की बहुत विविधता मिलती हैं। ‘‘ धरातल पर पाये जाने वाले पेड़, पौधे, घास, झाड़िया एवं लताओं का समूह वन कहलाता हैं।’’ सन् 1999 के आंकड़ों के अनुसार 6.37 करोड़ हैक्टेयर भूमि अर्थात 19.39 प्रतिषत भाग में फैला हुआ हैं। भौगोलिक आधार पर वनों का …

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संसाधन की परिभाषा

1. स्मिथ एवं फिलिप्स के अनुसार- ’’भौतिक रूप से संसाधन वातावरण की वे प्रक्रियायें हैं जो मानव के उपयोग में आती हैं।’’ 2. जेम्स फिशर के शब्दों में- ’’संसाधन वह कोर्इ भी वस्तु हैं जो मानवीय आवष्यकतों और इच्छाओं की पूर्ति करती हैं।’’ 3. जिम्मर मैन के अनुसार-  ‘‘संसाधन पर्यावरण की वे विषेशतायें हैं जो मनुश्य …

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जैव मण्डल क्या है?

जैवमण्डल जैवमण्डल से तात्पर्य पृथ्वी के उस भाग से है जहां सभी प्रकार का जीवन पाया जाता है। पृथ्वी के तीन परिमण्डल स्थलमंडल, वायु मंडल और जैवमंडल -जहॉं आपस में मिलते हैं, वही जैवमंडल स्थित हैं। जैव मंडल की परत पतली लेकिन अत्याधिक जटिल हैं। किसी भी प्रकार का जीवन केवल इसी परत में संभव हैं …

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जलवायु का वर्गीकरण

तापमान और वर्षा जलवायु के प्रमुख निर्धारक तत्व या कारक हैं । इन दोनों का आपस में संबंध होता है । अधिक तापमान वाले जलीय क्षेत्रों में वर्षा अधिक होती है:- जैसे महासागरीय क्षेत्रों में । क्योंकि तापमान जलीय क्षेत्रो से ही वाष्प ग्रहण करती है । मरूस्थलीय भागों में अधिक तापमान के बाद भी जल …

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ऋतु के प्रकार

वायुमंडलीय दशाओं में विभिन्नताओं के अनुसार वर्ष को कर्इ ऋतुओं में बॉंटा जाता है। ऋतु वर्ष की वह विशिष्ट अवधि है, जिसमें मौसम की दशाएं लगभग समान रहती हैं। ऋतु के बदलने के साथ मौसम की दशाएँ भी बदल जाती हैं। भूमध्यरेखीय वृत्त के ऊपर सूर्य की किरणें वर्ष भर लगभग लंबवत् पड़ती हैं। अत: इन …

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ज्वार भाटा की उत्पत्ति

महासागरों में ज्वार की उत्पत्ति मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति से होती है। सूर्य, पूथ्वी से 14,99,37,000 किमी दूर है, जबकि चन्द्रमा केवल 3,92,595 किमी दूर है, अत: चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति सूर्य की आकर्षण शक्ति से 2 1 /2 गुना अधिक प्रभाव डालती है। फलत: पृथ्वी का एक भाग जो ठीक …

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आद्रता क्या है?

वायुमण्डल में उपस्थित जलवाष्प को आद्रता कहते है। वायुमण्डल के संगठन में जलवाष्प का योग 2 प्रतिशत होता है। परन्तु यह मात्रा स्थान, स्थान पर बदलती रहती है जो शून्य से लेकर 5 प्रतिशत तक हो सकती है। समस्त जलवाष्प का 50 प्रतिशत भाग वायुमण्डल के निचले 2000 मीटर (6500 फीट) तक वाले भाग में विद्यमान …

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