संस्कृति एवं व्यवसाय

संस्कृति व्यावसायिक पर्यावरण का बहुत ही जटिल एवं गूढ़ घटक है। संस्कृति के विभिन्न आयामों को भलीभांति समझना उत्पाद-विकास, उत्पाद प्रोत्साहन, व्यावसायिक रणनीति, मानव संसाधन प्रबन्धन एवं सामाजिक, राजनैतिक पर्यावरण के प्रबन्धन के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण है। जो व्यावसायिक संगठन संस्कृति के विभिन्न घटकों को भली-भांति अध्ययन किये बिना अपना कार्य करते हैं, वे प्राय: …

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सारणी क्या है?

एक निर्धारित उद्देश्य को सामने रखकर संबंधित आंकड़ों को कॉलम तथा पंक्तियों के रूप में प्रस्तुत करने को सारणी कहते है। सारणी आंकड़ों को सरल संक्षिप्त और व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती है। ज्यों आप निम्नलिखित सूचना को सारणीबद्ध कर सकते हैं? ‘‘एक विद्यालय में 50 विज्ञान के, 50 कला के और 50 वाणिज्य विषय के …

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अनुपात का अर्थ

अनुपात दो मात्राओं (राशिया) का संबधं है ये दो मात्राए पद कहलाते है। पहले पद को दूसरे पद से भाग करके अनुपात निकाला जाता है। हमारे पेनों को उदाहरण में दो पद है पेन अ जिसकी कीमत 6रु. है पहला पद है आरै पेन ब जिसकी कीमत 2रु. है दूसरा पद है। अ पेन पहला पद …

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राष्ट्रीय आय क्या है ?

राष्ट्रीय आय देश के निवासियों को प्राप्त उन साधन आयो का योग है जो उन्हे देश के आर्थिक क्षेत्र के अंदर और बाहर उत्पादन कार्यों के लिए एक वर्ष में प्राप्त होती है ये साधन आय कर्मचारियों पारिश्रमिक, किराया, ब्याज, व लाभ के रूप में होती है राष्ट्रीय आय तीन दृष्टि कोणों से देखी जो सकती …

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विदेशी व्यापार का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व

विदेशी व्यापार का अर्थ उस व्यापार से है जिसके अंतर्गत दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं आरै सेवाओं का विनिमय किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि भारत अमेरिका से व्यापार करता है तो यह विदेशी व्यापार होगा। इसे इस प्रकार भी समझा जा सकता है कि प्रत्येक देश अन्य देशों से क्रय …

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व्यापार शेष का अर्थ

व्यापार शेष के अंतर्गत आयातों और निर्यातों का विस्तृत विवरण रहता है। व्यापार शेष आयातों और निर्यातों के अंतर को स्पष्ट करता है। किसी देश का व्यापार शेष या आयातों धनात्मक याने कि अनुकूल या णात्मक याने की प्रतिकूल हो सकता है। जब एक देश के आयातों की तुलना में निर्यात अधिक होता है तो उसे …

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भुगतान शेष क्या है?

भुगतान शेष का अर्थ देश के समस्त आयातों एवं निर्यातों तथा अन्य सेवाओं के मूल्यों के संपूर्ण विवरण से होता है। जो कि एक निश्चित अवधि के लिए बनाया जाता है इसके अंतर्गत लेनदेन को दो पक्ष होते है। एक और लेन दारियों का विवरण होता है जिसे धनात्मक पक्ष कहते है और दूसरी और देनदारियों …

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संगठन क्या है ?

हमारे समाज में धार्मिक संगठन (जैसे – विश्व हिन्दू परिषद, जमायते इस्लामी, कैथोलिक क्रिश्चियन सोसाइटी), राजनीतिक संगठन (कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी) आध् यात्मिक संगठन। राधास्वामी सत्संग, ओशो इंटरनेशनल, जूना अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा), आतंकवादी संगठन (लश्करे तैयबा, जैश ए मोहम्मद, तालिबान) वैधानिक संगठन (रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया, योजना आयोग) आदि …

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संगठन संरचना का अर्थ एवं परिभाषा

किसी भी संगठन की संरचना, उसके गठन के उद्देष्यों को ध्यान में रखकर की जाती है। एक उपयुक्त संगठन संरचना ही, संगठन के संसाधनों में अच्छा समन्वय कर सकती है और अनुकूलतम परिणामों को प्राप्त करने में सहायक होती है। इसीलिये किसी भी संगठन संरचना का निर्माण सावधानी पूर्वक, गठन के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर …

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अधिकार सत्ता क्या है ?

अधिकार को शक्ति से भी सम्बोधित किया जाता है आदेशों का पालन निवेदन करके, अनुनय द्वारा , प्रार्थना द्वारा, स्वीकृति या मंजूरी द्वारा, शक्ति द्वारा, उत्पीड़न द्वारा, प्रतिबन्धों द्वारा, उत्पीड़न द्वारा, आर्थिक व अनार्थिक दण्ड द्वारा आदि विधियों से किया जा सकता है। वर्तमान समय में आदेशों का पालन कराने के लिए निवेदन या प्रार्थना ही …

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