हरबर्ट स्पेन्सर के प्रमुख कार्य एवं सिद्धान्त

हरबर्ट स्पेन्सर का जन्म इंग्लैंड के डर्बी नामक स्थान में, 1820 र्इ0 में हुआ था। माता एवं पिता दोनों ही तरफ से वह विद्रोही एवं सुधारवादी धर्मावलम्बियों एवं प्रगतिशील राजनीतिक परिवारों से जुड़ा था। हरबर्ट स्पेन्सर के पिता, विलियम जार्ज स्पेन्सर में यह विरोध का भाव अधिक था। उन्हें दर्शन, साहित्य, विज्ञान आदि का ज्ञान था। …

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सर टी0 पी0 नन का जीवन परिचय

प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री सर टी0 पी0 नन का जन्म 1870 में, इंग्लैंड में हुआ था। नन अध्यापकों के परिवार से जुड़े थे। उनके पिता और पितामह ने ब्रिस्टल नामक स्थान पर एक विद्यालय की स्थापना की थी। बाद में इसे वेस्टन-सुपर-मेयर नामक स्थान में स्थानान्तरित कर दिया गया। सोलह वर्ष की आयु से ही टी0 पी0 नन …

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स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन परिचय

स्वामी दयानन्द सरस्वती के बचपन का नाम मूलशंकर था। उनका जन्म सन् 1824 में गुजरात प्रांत के काठियावाड़ सम्भाग में मोरवी राज्य (अब जिला राजकोट) के एक छोटे-से गाँव टंकारा के एक समृद्ध सनातनी परिवार में हुआ था। पिता का नाम करसन लाल जी तिवारी था। वे शैवमत के कट्टर अनुयायी थे। बालक मूलशंकर कभी स्कूल …

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स्वामी विवेकानन्द का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

12 जनवरी, 1863 को स्वामी विवेकानन्द का जन्म कलकत्ता के एक प्रसिद्ध वकील विश्वनाथ दत्त के घर हुआ। माता प्रेम से उन्हें वीरेश्वर कहती थी पर नामकरण संस्कार के समय उनका नाम नरेन्द्रनाथ रखा गया। बचपन से ही नरेन्द्रनाथ में विलक्षण प्रतिभा के लक्षण दिखते थे। एक तरफ वे अत्यंत ही चंचल थे तो दूसरी तरफ …

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श्री अरविन्द का जीवन परिचय

श्री अरविन्द का जन्म 15 अगस्त, 1872 को कलकत्ता में हुआ था। वे तीन भार्इयों में कनिष्ठ थे। उनके पिता कृष्णधन घोष एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे। उन्होंने इंग्लैंड में चिकित्साशास्त्र का अध्ययन किया था। वे पाश्चात्य संस्कृति को श्रेष्ठ मानते थे और उसी रंग में रंगे हुए थे। उनकी माता श्रीमती स्र्वणलता देवी प्रसिद्ध राष्ट्रवादी राजनारायण …

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रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म बंगाल के एक अत्यंत ही सम्पन्न एवं सुसंस्कृत परिवार में 6 मर्इ, 1861 को हुआ था। धर्मपरायणता, साहित्य में अभिरूचि तथा कलाप्रियता उन्हें विरासत में मिली। वे महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर के कनिष्ठ पुत्र थे। महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर अपने समय के प्रसिद्ध विद्वान एवं उत्साही समाज सुधारक थे। इन्होंने ही सर्वप्रथम 1863 र्इ0 …

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महामना पं0 मदनमोहन मालवीय का जीवन परिचय

महामना के समय भारत की राजनीतिक-सामाजिक स्थिति  पूरी उन्नीसवीं शताब्दी भारत में अंग्रेजी साम्राज्य के विस्तार का इतिहास है। इस शताब्दी में लगभग संपूर्ण भारत पर अंग्रेजो का प्रभुत्व स्थापित हो गया। देशी रियासतों में भी वास्तविक सत्ता अंग्रेज अधिकारियों के हाथों में ही थी। भारतीयों की हर प्रकार की स्वतंत्रता छीन ली गर्इ थी। वे …

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महात्मा गांधी का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर,1869 को गुजरात के काठियावाड़ जिले के पोरबन्दर नामक स्थान पर हुआ था। उनके पिता करमचंद गाँधी पोरबन्दर रियासत के दीवान थे। बाद में वे राजकोट और कुछ समय बाद बीकानेर के भी दीवान बने। वे र्इमानदार, साहसी एवं उदार प्रकृति के व्यक्ति थे। …

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पुरुषोत्तम दास टण्डन का जीवन परिचय एवं शैक्षिक विचार

राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन का जन्म इलाहाबाद में 1 अगस्त, 1882 को हुआ। उनके पूर्वज मूलत: पंजाब के निवासी थे। उनके पिता श्री शालिग्राम टंडन इलाहाबाद के एकाउण्टेण्ट जनरल आफिस में क्लर्क थे और राधास्वामी सम्प्रदाय के मतावलम्बी थे। पिता संत प्रकृति के थे अत: उनके व्यक्तित्व का प्रभाव बालक पुरूषोत्तम पर प्रारम्भ से ही पड़ा। …

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वैयक्तिक अध्ययन (Case Study)

वैयक्तिक अध्ययन पद्धति सामाजिक शोध में तथ्य संकलन की एक महत्वपूर्ण विधि है। इसका प्रयोग विविध सामाजिक विज्ञानों में कर्इ दशकों से होता आया है। अनेकों विद्धानों ने अपने अध्ययनों में इस पद्धति का प्रयोग किया है। यह पद्धति किसी भी सामाजिक इकार्इ का उसकी सम्पूर्णता एवं गहनता में अध्ययन करती है। इसके द्वारा किया गया …

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