दूरस्थ शिक्षा का प्रारूप एवं आवश्यकता

मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की अवधारणा  दूरस्थ शिक्षा शब्द से ही स्पष्ट है कि दूर से ही स्थान पर प्रदत्त शिक्षा। दूरस्थ शिक्षा से तात्पर्य ऐसे गैर प्रचलित और अपरम्परागत शिक्षा के मानकों पर एक प्रण्न चिन्ह लगाते हुये इनसे अलग विशेषताओं को धारण करने वाली शिक्षा से है। दूरस्थ शिक्षा विविध शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले तथा …

Read more

दूरस्थ शिक्षा का ऐतिहासिक विकास

दूरस्थ शिक्षा का उद्भव  पत्राचार के रूप में दूरस्थ शिक्षा का इतिहास 1840 से मानी जाती है। आधुनिक नवीन प्रणाली का प्रारम्भिक रूप ‘‘ओल्ड टैसटामन’’ के अनुदेशनात्मक लेखों से मिलता है, इसके अतिरिक्त आम धारणा के अनुसार इसका प्रारम्भ 1840 र्इ0 में आइजक पिटमैन द्वारा शार्ट हैण्ड पाठ्यक्रम पेनी डॉक से भेजने से हुआ है। 1856 …

Read more

स्व-अधिगम सामग्री क्या है ?

स्व-अधिगम साग्रमी दूरस्थ शिक्षा की मूलाधार है। इसे स्व-अनुदेशनात्मक, स्व-अध्ययन सामग्री एवं स्व-शिक्षण सामग्री के रूप में पुकारा जाता है। सभी नामों के मूल में एक ही तथ्य है अपने आप पढ़ने-सीखने वाली सामग्री अर्थात् ऐसी पाठ्यवस्तु सामग्री जिसे अध्येता स्वतंत्रत रूप से अध्ययन करके अपनी गति अपनी रूचि से सीखता है, और स्वयं अपना शिक्षण …

Read more

दूरस्थ शिक्षा परिषद क्या है ?

दूरस्थ शिक्षा परिषद् इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के अन्तर्गत स्थापित एक विद्यालयी संस्था है, जो कि देश भर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की देख-रेख तथा प्रचार-प्रसार के लिये उत्तरदायी है। विश्व भर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा एक लोकप्रिय माध्यम के रूप में उभर रहा है। इसको नियमित शिक्षा के विकास के रूप में …

Read more

दूर शिक्षा में अनुसंधान

अनुसंधान किसी विषय क्षेत्र को सम्बन्धित समस्या का सर्वागीण विश्लेषण हैं। वास्तव में अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसमें प्रदत्तों के विश्लेषण के आधार पर किसी समस्या के विश्वसनीय समाधान को ज्ञात किया जाता है। आप जानते है कि यह एक व्यक्तिगत एवं सुनियोजित प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानवीय ज्ञान में वृद्धि की जाती है और मानव …

Read more

प्लेटो का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

प्लेटो का जन्म 427 र्इसा पूर्व में एथेन्स के एक अत्यन्त ही समृद्ध तथा कुलीन परिवार में हुआ था। उसका पालन-पोषण अमीरों की भाँति हुआ। पर वैभव और ऐश्वर्य का यह वातावरण प्लेटो के व्यक्तित्व के विकास को अवरोधित नहीं कर सका। वह बहुआयामी व्यक्तित्व का स्वामी था। उसने तत्कालीन उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। वह …

Read more

जॉन डीवी का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

जॉन डीवी का जन्म 1859 में संयुक्त राज्य अमेरिका में बर्लिंगटन (वर्मोन्ट) में हुआ था। विद्यालयी शिक्षा बर्लिंगटन के सरकारी विद्यालयों में हुआ। इसके उपरांत उन्होंने वर्मोन्ट विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। जॉन हापकिन्स विश्वविद्यालय से उन्हें पी-एच0डी0 की उपाधि मिली। इसके उपरांत उन्होंने मिनीसोटा विश्वविद्यालय (1888-89), मिशीगन विश्वविद्यालय (1889-94), शिकागो विश्वविद्यालय (1894-1904) में दर्शनशास्त्र पढ़ाया। 1904 …

Read more

जॉन कमेनियस का जीवन परिचय

जॉन एमास कमेनियस का जन्म 1592 र्इ0 में मोरेविया के निवनिज नामक ग्राम में एक अत्यन्त ही विद्यानुरागी एवं प्रगतिशील समुदाय में हुआ था। इस सम्प्रदाय ने धार्मिक सुधार हेतु प्रगतिशील कदम उठाये। साथ ही साथ शिक्षा हेतु विभिन्न स्तर के शिक्षा केन्द्रों की स्थापना की। इस तरह के वातावरण में पलने-बढ़ने से शिक्षा के प्रति …

Read more

फ्रेडरिक फ्रोबेल का जीवन परिचय

फ्रेडरिक फ्रोबेल का जन्म 21, अप्रैल, 1782 को दक्षिणी जर्मनी के एक गाँव में हुआ था। जब वह नौ महीने का ही था उसकी माता का देहान्त हो गया। पिता से बालक फ्रोबेल को उपेक्षा मिली। विमाता उससे घृणा करती थी। इससे फ्रोबेल प्रारम्भ से ही नितान्त एकाकी हो गया। फ्रोबेल पर इस एकाकीपन का प्रभाव …

Read more

मारिया मांटेसरी का जीवन परिचय

मारिया मान्टेसरी का जन्म 1870 र्इ0 में इटली के एक सम्पन्न तथा सुशिक्षित परिवार में हुआ था। मारिया मान्टेसरी ने व्यवस्थित ढंग से शिक्षा प्राप्त की और 1894 में, चौबीस वर्ष की अवस्था में उन्होंने रोम विश्वविद्यालय से चिकित्सा में एम0डी0 की उपाधि प्राप्त की। इसके उपरान्त इसी विश्वविद्यालय में उन्हें मन्द बुद्धि बालकों की शिक्षा …

Read more