महालवाड़ी व्यवस्था क्या थी इसके परिणाम या प्रभाव

महालवाड़ी व्यवस्था क्या है ? महालवाड़ी व्यवस्था के अंतर्गत भू-राजस्व प्रति खेत के स्थान पर प्रतिग्राम या जागीर के आधार पर निर्धारित किया गया। इसमें गाँव का मुखिया भू-पति गाँव के सभी कृषकों से भू-राजस्व की रकम वसूलकर कोष में जमा कराता था। समस्त महाल या ग्राम सम्मिलित रूप से राजस्व जमा कराने हेतु उत्तरदायी थे। …

Read more

ई-गवर्नेंस के उद्देश्य और उपयोगिता

सरकारी सेवाएं प्रदान करने के लिए सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करना इलेक्ट्रॉनिक शासन या E-Governance कहलाता है। सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से सरकार को जनता एवं अन्य अभिकरणों को सूचनाओं के प्रसार हेतु प्रक्रिया को दक्ष, त्वरित एवं पारदर्शी बनाने तथा प्रशासनिक गतिविधियों के निष्पादन में सुविधा रहती है। एक तरह से सरकार की …

Read more

समाजवादी पार्टी की स्थापना कब हुई थी?

समाजवादी पार्टी का गठन 4-5 नवम्बर 1992 ई0 को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय स्थापना सम्मेलन में हुआ। इस सम्मलेन में सर्वसम्मति से मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया तथा उन्हें पार्टी के गठन के लिए अधिकृत किया गया। समाजवादी पार्टी की स्थापना के समय से ही कुछ लोग प्रयासरत थे कि समाजवादी पार्टी न …

Read more

वारकरी संप्रदाय क्या है ? वारकरी संप्रदाय के संत कौन थे?

वारकरी हिन्दु धर्म की अध्यात्मिक परंपरा है, महाराष्ट्र और उत्तरी कर्नाटक जैसी भारतीय राज्यों से जुड़ा हुआ है। भगवान श्री विट्ठल के भक्त को वारकरी कहते है तथा इस संप्रदाय को वारकरी सम्प्रदाय कहा जाता है।  ‘वारकरी’ शब्द में ‘वारी’ शब्द अंतर्भूत है। वारी का अर्थ है यात्रा करना, फेरे लगाना। जो अपने आस्था स्थान की …

Read more

संत तुकाराम महाराज का जीवन चरित्र और प्रमुख रचनाएँ

संत तुकाराम महाराज का जीवन चरित्र संत तुकाराम महाराज विट्ठल के भक्त थे। उनके जन्म काल के बारे में मतभेद है। डॉ. अशोक का मत ने उनका जन्म सन् 1568, प्रभाकर सदाशिव पंडित ने सन् 1597, प्रसिद्ध इतिहासविद् राजवाडे़ ने उनका जन्म शके 1490, श्री भारदे ने उनका जन्म शके 1520, श्री पांगारकर व महीपति बुवा …

Read more

हरिवंश राय बच्चन: जीवन परिचय, प्रमुख रचनाएँ, साहित्यिक विशेषताएं

हरिवंश राय बच्चन उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवि रहे हैं। वे अपनी काव्य-यात्रा के प्रारम्भिक दौर में मध्ययुगीन फ़ारसी कवि उमर खय्याम के जीवन-दर्शन से बहुत प्रभावित रहे। उमर खय्याम की रुबाइयों से प्रेरित उनकी प्रसिद्ध कृति मधुशाला को कवि-मंच पर जबरदस्त लोकप्रियता मिली। कवि की विलक्षण प्रतिभा इश्क, मोहब्बत, पीड़ा जैसी रूमानियत से भरी …

Read more

प्रोटीन की कमी से होने वाले रोगों के नाम

प्रोटीन जन्तु तथा वनस्पति दोनों साधनों से प्राप्त होता है। प्रोटीन का निर्माण प्रारम्भिक रूप से वनस्पति में ही होता है। वनस्पति भूमि से नाइट्रोजन, जल, हवा आदि लेकर प्रोटीन का निर्माण करते हैं तथा अपने बीजों में संग्रह करते हैं। मनुष्य जन्तु एवं वनस्पति दोनों माध्यम से प्रोटीन का उपयोग करता है, परन्तु जन्तु प्रोटीन …

Read more

कार्बोहाइड्रेट्स के प्रमुख स्रोतों के नाम, कार्बोहाइड्रेट कार्य करता है

आहार में ऊर्जा का अधिकतर भाग कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) से ही लिया जाता है। सामान्य रूप से 55 से 65 प्रतिषत ऊर्जा का भाग कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) के द्वारा लिया जाना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) का निर्माण पेड़-पौधों की हरी पत्तियों के द्वारा होता है। पेड़-पौधे भूमि से जल तथा वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर सूर्य के प्रकाश …

Read more

ओशो रजनीश का जीवन परिचय | Osho Rajneesh Life History

ओशो का जीवन परिचय ओशो का जन्म मध्यप्रदेश के कुचवाड़ा गांव में 11 दिसम्बर 1931 को हुआ था। ओशो का नाम रजनीश चन्दमोहन था। चन्दमोहन के पिता का नाम श्री बाबूलाल व माता का नाम सरस्वती जैन था। उनके पिता का कपड़ों का व्यापार था। ओशो के ग्यारह भाई बहन थे। जिनमें ओशो ही सबसे बड़े …

Read more

वसा के प्रमुख स्रोत एवं शरीर में वसा के कार्य

वसा किन्हीं एक एल्कोहल जैसे- सिसदीन तथा ग्लिसरॉल तथा एक वसीय अम्ल के संयोजन से बनते हैं। वसीय अम्लों में कार्बन तथा हाइड्रोजन अधिक मात्रा में तथा आक्सीजन अपेक्षाकृत कम मात्रा में उपस्थित होने से सभी वसाओं की ज्वलनशक्ति बहुत अधिक होती है।  वसाओं में ऑक्सीजन तथा कार्बन- हाइड्रोजन का अनुपात भिन्न होने के कारण यह …

Read more