रोजगार कार्यालय का अर्थ एवं उसकी भूमिका

रोजगार कार्यालय हमारे देश में रोजगार कार्यालयो की स्थापना सरकार ने की है। इनके माध्यम से रोजगार की खोज करने वाले एवं रोजगार प्रदाताओं को एक दूसरे से मिलाया जाता है। रोजगार कार्यालय उन लोगों की सूची तैयार करता है जो नौकरी करना चाहते हैं तथा उनकी योग्यतानुसार नौकरी के विभिन्न वर्गों के लिये उनके नामों …

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अनुक्रमणिका क्या है?

संकेत करना या इंगित करना. अत: यह आंकड़ां अथवा एकत्र किये गये अभिलेखों की ओर इंगित कराने की पद्धति हैं। अनुक्रमणिका पत्रों एवं दस्तावेजों की फाइल बनाने का एक महत्वपूर्ण सहायक है। अनुक्रमणिका नाम, विषय तथा अन्य शीर्षक, जिनके अंतर्गत दस्तावेज फाइल किए जाते हैं, उनके निर्धारण की प्रक्रिया है। यह अभिलेखों के लिए मार्गदर्शिका होती …

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लेखांकन क्या है ?

बहीखाता के विवेचन से यह स्पष्ट हो जाता है कि व्यापारिक सौदों को निश्चित पुस्तकों में विधिवत् लिखना ही बहीखाता या पुस्तपालन है, किन्तु केवल व्यवहारों को निश्चित पुस्तकों में लिखने से व्यापार के परिणाम तथा उसकी वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। एक निश्चित अवधि के परिणामों को जानने के लिए विभिन्न …

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लेखांकन की अवधारणा

लेखांकन का सैद्धांतिक आधार लेखा पुस्तकों को तैयार करने तथा बनाएँ के लिए कुछ नियम एवं सिद्धांत विकसित किये गय है। इन नियम /सिद्धांत को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो में बाँटा जा सकता है। लेखांकन अभिलेखों को तैयार करने एवं रखने के यह आधार है। इसमें हम विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व को पढेग़े …

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दर्शन का अर्थ, परिभाषा, आवश्यकता एवं विशेषताएँ

दर्शन का अर्थ दर्शन शब्द संस्कृत की दृश् धातु से बना है- ‘‘दृश्यते यथार्थ तत्वमनेन’’ अर्थात् जिसके द्वारा यथार्थ तत्व की अनुभूति हो वही दर्शन है। अंग्रेजी के शब्द फिलॉसफी का शाब्दिक अर्थ ‘‘ज्ञान के प्रति अनुराग’’ होता है। भारतीय व्याख्या अधिक गहरार्इ तक पैठ बनाती है, क्योंकि भारतीय अवधारणा के अनुसार दर्शन का क्षेत्र केवल …

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अभिक्षमता का अर्थ, मापन एवं अभिक्षमता परीक्षण के प्रकार

अभिक्षमता का अर्थ किसी व्यक्ति की उस तत्परता, योग्यता, क्षमता या रूझान से है जो किसी कार्य या व्यवसाय में भावी सफलता पाने हेतु आवश्यक हेाती है तथा जिसका प्रस्फुटन शिक्षा एवं अभ्यास के द्वारा होता है। ऐसी प्रतिभा, योग्यता या क्षमता प्राय: जन्मजात होती है। विंघम के शब्दों में अभिक्षमता ‘‘किसी विशिष्ट प्रशिक्षण के उपरान्त …

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वृद्धि एवं विकास

अभिवृद्धि व्यक्ति के स्वाभाविक विकास को अभिवृद्धि कहते है। गर्भाशय में भ्रूण बनने के पश्चात जन्म होते समय तक उसमें जो प्रगतिशील परिवर्तन होते है वह अभिवृद्धि है। इसके अतिरिक्त जन्मोपरान्त से प्रौढावस्था तक व्यक्ति में स्वाभाविक रूप से होने वाले परिवर्तन, जो अधिगम एवं प्रशिक्षण आदि से प्रभावित नही है, और ऊध्र्ववर्ती है, भी अभिवृद्धि …

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संज्ञानात्मक विकास का अर्थ एवं सिद्धान्त

संज्ञानात्मक विकास मनुष्य के विकास का महत्वपूर्ण पक्ष है। ‘संज्ञान’ शब्द का अर्थ है ‘जानना’ या ‘समझना’। यह एक ऐसी बौद्धिक प्रक्रिया है जिसमें विचारों के द्वारा ज्ञान प्राप्त किया जाता है। संज्ञानात्मक विकास शब्द का प्रयोग मानसिक विकास के व्यापक अर्थो में किया जाता है जिसमें बुद्धि के अतिरिक्त सूचना का प्रत्यक्षीकरण, पहचान, प्रत्याºवान और …

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भाषा विकास

भाषा का अर्थ होता है- कही हुर्इ चीज। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार भाषा दूसरों तक विचारों को पहुंचाने की योग्यता हैं इसमें विचार-भाव के आदान प्रदान के प्रत्येक साधन सम्मिलित किये जाते हैं। जिसमें विचारों और भावों के प्रतीक बना लिये जाते हैं जिससे कि आदान प्रदान के व्यापक रूप में भिन्न रूपों जैसे लिखित, बोले गये, …

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बुद्धि का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

प्राचीन काल से ही बुद्धि ज्ञानात्मक क्रियाओं में विषेश रूचि का विषय रहा है। बुद्धि के कारण ही मानव अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ माना जाता है। प्राय: यह कहा जाता है कि ‘बुद्धिर्यस्य बलंतस्य’ अर्थात् जिसमें बुद्धि है वही बलवान है। मनोविज्ञान के क्षेत्र में भी बुद्धि एक चर्चा का विषय रहा है। व्यक्तियों को बुद्धि …

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