मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की प्रमुख विशेषताएं अथवा एक अच्छे वैज्ञानिक परीक्षण में विशेषताएं होती है?

यदि सामान्य बोलचाल की भाषा में प्रश्न का उत्तर दिया जाये तो कहा जा सकता है कि मनोवैज्ञानिक परीक्षण व्यावहारिक रूप से किसी व्यक्ति का अध्ययन करने की एक ऐसी व्यवस्थित विधि है, जिसके माध्यम से किसी प्राणी को समझा जा सकता है, उसके बारे में निर्णय लिया जा सकता है, उसके बारे में निर्णय लिया …

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राष्ट्रीयता की परिभाषा और स्वरूप

राष्ट्रीयता एक निश्चित, भू-भाग में रहने वाले, जातीयता के बंधन में बंधे, एकता की भावना से युक्त, समान संस्कृति, धर्म, भाषा, साहित्य, कला, परम्परा, रीति-रिवाज, आचार-विचार, अतीत के प्रति गौरव-अगौरव और सुख-दु:ख की समान अनुभूति वाले विशाल जनसमुदाय में पायी जाने वाली एक ऐसी अनुभूति है जो विषयीगत होने के साथ-साथ स्वत: प्रेरित भी है। यह …

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अनुसूचित जाति की परिभाषा, जाति के उत्पत्ति के कारक

हिन्दू जाति व्यवस्था एक सामाजिक व्यवस्था है। यह वर्ण व्यवस्था का परिवर्तित रूप है। वर्ण चार थे और इनका आधार श्रम विभाजन था। प्रथम तीन वर्ण-ब्राह्मण, क्षत्रिय तथा वैश्य द्विज कहलाते थे तथा चौथा वर्ण शूद्र था। शूद्रों का कार्य द्विजों की सेवा करना था। प्राचीन हिन्दू धर्म ग्रंथों के अध्ययन से यह ज्ञात होता है …

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जर्मनी मे नाजीवाद के उदय के कारण

नाजीवाद फासीवाद का ही एक उग्र रूप है जिसको हिटलर ने जर्मनी में विकसित किया। नाजीवाद के अंतर्गत राष्ट्रवाद को सर्वोचता प्रदान की गई है, रजनी पाम दत्त के अनुसार इटली में फासीवाद आने तक उदारवादी’ लोकतंत्रवादी और सामाजिक लोकतंत्रवादी हलकों में आमतौर पर यह माना जाता था कि फासीवाद और यहाँ का औद्योगिक सर्वहारा वर्ग …

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1789 की फ्रांसीसी क्रांति के कारण, घटनाएं एवं प्रभाव

जे. ई. स्वाइन के अनुसार, फ्रांस में 1789 में एक महान क्रान्ति हुई जो वहां की निरंकुश शासन व्यवस्था तथा तत्कालीन दोषपूर्ण सामाजिक व्यवस्था, विशेषाधिकारों और नौकरशाही के विरूद्ध थी। इस क्रान्ति के परिणामस्वरूप कालान्तर में यूरोप की पुरातन व्यवस्था का अन्त हो गया तथा सामाजिक राजनीतिक एवं आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। वस्तुतः विश्व …

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भारतीय दर्शन क्या है? भारतीय दर्शन की प्रमुख विशेषताएं

भारतीय दर्शन अध्यात्म विद्या है। भारत में दर्शनशास्त्र मूल रूप से आध्यात्मिक है। ‘दर्शन’ शब्द दर्शनार्थक दृश् धातु से बनता है जिसका अर्थ है देखना या अवलोकन करना। अत: इसका व्युत्पत्तिलभ्य अर्थ किया जाता है ‘दृश्यते अनेन इति दर्शनम्’ अर्थात् जिसके द्वारा देखा जाय और क्या देखा जाय ? साधारणत: हम आँखों से देखते हैं तथा …

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अर्थव्यवस्था के प्रकार और अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताएं

अर्थव्यवस्था मानवीय आवश्यकताओं की संतुष्टि करने के लिये एक मानव निर्मित संगठन है। प्राचीनकाल में, ‘जीविका प्राप्त करना’ सरल था परन्तु सभ्यता के विकास के साथ यह अत्यंत जटिल हो गया है। यहां यह ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जिस विधि से व्यक्ति जीविका अर्जन करता है वह वैध तथा न्यायपूर्ण होनी चाहिए। अन्यायपूर्ण तथा …

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संगीत का अर्थ, परिभाषा, उत्पत्ति एवं मुख्य तत्व

संगीत की व्युत्पति “सम् गै (गाना) + कत” है अर्थात् ‘गै’ धातु में ‘सम’ उपसर्ग लगाने से यह शब्द बनता है। ‘गै’ का अर्थ है – ‘गाना’ और सम (सं) एक अव्यय, है, जिसका व्यवहार समानता, संगति, उत्कृष्टता, निरन्तरता, औचित्य आदि को सूचित करने के लिये किया जाता है। अत: संगीत का अर्थ-’उत्कृष्ट, पूर्ण तथा औचित्यपूर्ण …

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ग्राम पंचायत किसे कहते हैं तथा उसके क्या क्या कार्य हैं?

ग्राम सभा एक ऐसी अवधारणा है जो सामान्य जन की आवश्यकताओं एवं इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करती है और जाति, धर्म, लिंग, वर्ग, राजनीतिक प्रतिबद्धता पर विचार किए बिना ग्रामीण समुदाय को सन्दर्भित करती है। यह आमजन की सर्वोच्चता को स्थापित करती है। ग्राम सभा स्थानीय स्तर पर गांव के प्रत्येक मतदाता को निर्णय-निर्माण, योजना निर्माण, क्रियान्वयन …

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अस्तित्ववाद के प्रमुख विचारक कौन हैं

अस्तित्ववाद बीसवीं सदी का दर्शन है हालांकि यह संज्ञान में काफी पहले आ गया था। अस्तित्ववाद से हमारा परिचय साहित्यिक आंदोलन के रूप में होता है। अस्तित्ववाद में सिद्धांत व विचार की अपेक्षा व्यक्ति के अस्तित्व को महत्व दिया गया। वह उन सभी मान्यताओं, सिद्धांतों व संस्थाओं का विरोध करता है जो मानवीय गरिमा व उसके …

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