भर्ती का अर्थ एवं स्रोत

भर्ती एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कार्य करने के लिए इच्छुक व्यक्तियों का पता लगाया जाता है तथा नियुक्ति हेतु आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। भर्ती करने का उदद्ेश्य आवश्यक मात्रा में आवेदकों को प्राप्त करना है। भर्ती एक सतत् प्रक्रिया है, जिसके द्वारा कर्मचारियों की आवश्यकता की पूर्ति मॉंग के …

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पारिश्रमिक का अर्थ

कर्मचारियों द्वारा संगठन को दी गर्इ सेवाओं के बदले में मिलने वाले अनेकों वित्तीय एवं गैर-वित्तीय प्रतिफलों से है। इसमें मजदूरी, वेतन भत्ते और अन्य लाभांश सम्मिलित है जिसे एक नियोक्ता अपने कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के बदले प्रदान करता है। भागों पारिश्रमिक को दो भागों में वगीकृत किया जा सकता है : (क) आधारभूत/प्राथमिक पारिश्रमिक। …

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निदेशन का अर्थ एवं कार्य

निदेशन का अर्थ उद्देश्य की प्राप्ति के लिए संगठन में कार्यरत लोगों को निर्देश देने, मार्ग दर्शन करनें, पर्यवेंक्षण करने नेतृत्व प्रदान करने एवं उनको प्रेरित करने से है। निदेशन लोगों को यह बताने की प्रक्रिया है कि उन्हे क्या करना है तथा यह देखना कि वे इसे सर्वश्रेष्ठ तरीके से करें। अत: निदेशन के कार्य …

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पर्यवेक्षण क्या है ?

कर्मचारियों को क्या करना है एवं कैसे करना है संबंधी दिशा-निर्देश देने के पश्चात् प्रबन्धकों का यह कर्तव्य बन जाता है कि वे देखें कि कार्य निर्देशों के अनुसार हो रहा है अथवा नहीं। इसे पर्यवेक्षण कहते हैं। प्रबन्धक पर्यवेक्षक का कार्य करते हैं तथा यह सुनिश्चित करते हैं कि कार्य निर्देशों एवं योजनाओं के अनुसार …

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अभिप्रेरणा का अर्थ, महत्व एवं प्रकार

अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रबन्धकों को कर्मचारियों को संक्रिय एवं प्रेरित करना पड़ता है। इसे अभिप्रेरण कहते हैं। यह एक शक्ति है जो व्यक्ति में प्रबल इच्छा जागृत कर स्वेच्छा से इस प्रकार कार्य करने की प्रेरणा उत्पन्न करती है कि विशिष्ट उद्देश्यों की प्राप्ति कर सके। यह वित्तीय (बोनस, कमीशन आदि) अथवा गैर …

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नेतृत्व का अर्थ, परिभाषा एवं शैली

Leadership की उत्पत्ति के संबंध में दो विचार या सिद्धांत हमारे सामने आते हैं- (i) Man theory (ii) Time theory Man theory इस सिद्धांत के समर्थकों का कहना है कि नेता जन्मजात होते हैं। व्यक्ति में नेता के गुण तथा योग्यता किसी भी परिस्थिति में उसे नेता बना देती है। और नेता जन्म से ही शारीरिक, …

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व्यावसायिक वित्त क्या है ?

व्यक्ति जीविकापोर्जन के लिए कोर्इ न कोर्इ कार्य करता हैं कोर्इ वस्तुओं का लेनदेन करता है तो कोर्इ अपनी कला के माध्यम से धन अर्जन करता है जैसे, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, आदि व्यवसाय या पेशे में सफलता प्राप्त करने के लिए समाग्री, उपकरण एवं अन्य व्यवसायिक समाग्री की आवश्यकता होती है इन समाग्रियों को क्रय करने …

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ऋणपत्र क्या है ?

ऋणपत्रों से कम्पनी दीर्घकालीन ऋण प्राप्त करती है इसमें कम्पनी निवेशको को एक निश्चित प्रतिशत पर प्रतिवर्ष ब्याज देती है चाहे कम्पनी को लाभ हो या नहीं। जब कम्पनी को पूंजी की आवश्यकता होती है तब कम्पनी ऋणपत्र जारी करके पूंजी प्राप्त करती है या हम शेष कह सकते हैं कि ऋणदाता कम्पनी को ऋण देता …

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वित्तीय नियोजन क्या है ?

वित्तीय नियोजन का अर्थ वित्तीय नियोजन का आशय उपक्रम के मूल उद्देश्य की प्राप्ति हेतु वित्तीय क्रियाओं का अग्रिम निर्धारण है। वित्तीय नियोजन के अर्थ के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचारों में भिन्नता पार्इ जाती है। वित्तीय नियोजन के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचारों को दो वर्गों मे विभाजित किया जा सकता हैं -(1) …

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वित्तीय बाजार क्या है ?

व्यवसायिक उपक्रम अपनी स्थार्इ एवं कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को पूर्ण करने के अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन वित्त कोषों को पूरा करने हेतु एकत्र करते हैं वित्तीय बाजार के अन्तर्गत वे व्यक्ति जिनके पास अधिक धन है वे अपना धन उन व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता की पूर्ति हेतु उधार लेते हैं जिनकों उनकी आवश्यकता होती है इस …

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