अकबर का इतिहास

जलाल्लुद्दीन मुहम्मद का जन्म अमरकोट के हिन्दू सामन्त राणा बीरसाल के महल में 15 अक्टूबर 1542 के अकबर की नव विवाहित हमीदा बानू बेगम से हुआ । इसका पिता इस समय शेरशाह के हाथों पराजित होकर इधर-उधर भटक रहा था । इसी बीच अकबर अपने माता-पिता से बिछुड़ गये और उसके चाचा ने इनका पालन पोषण …

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जहांगीर का इतिहास

जहांगीर के बचपन का नाम सलीम था । इनका जन्म 1569 र्इ. में हुआ । इनकी माता मरियम उज्जमानी थी । सलीम के पांच वर्ष के होते ही शिक्षा की उचित व्यवस्था किया था । अब्दुल रहीम खान खाना के अधिन रखकर शिक्षा की व्यवस्था किया था । 15 वर्ष की अवस्था में सलीम की सगार्इ आमेर …

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शाहजहाँ का जीवन परिचय

शाहजहां का जन्म 5 फरवरी 1592 र्इ. को हुआ । शाहजहां का शासन काल मुगल साम्राज्य की समृद्धि का काल रहा इतिहासकारों ने शाहजहां को महान भवन निर्माता मानते हैं । साहित्य सांस्कृतिक उन्नति- शाहजहां मुगलकालीन साहित्य व संस्कृति के विकास के लिए सर्वोत्कृष्ट माना जाता है । इनके शासन काल में भवन निर्माण कला, चित्रकला, …

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मुगलों के पतन के कारण

1526 र्इ. में बाबर ने मुगल साम्राज्य की नींव डाली लगभग 200 वर्षो तक भारतवर्ष में मुगलों का आधिपत्य रहा । हुमायूं के समय साम्राज्य में भयंकर संकट आया, जिससे उसे राजगद्दी छोडकर र्इरान की ओर भागना पड़ा । शासन पर शेरशाह का अधिकार हो गया, शेरशाह की मृत्यु के तुरन्त बाद हुमायूं ने अधिकार कर …

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सूफी आंदोलन क्या है ?

रहस्यवादी एवं उदारवादी विचार धाराओं से प्रभावित होकर इस्लाम धर्म में एक सम्प्रदाय का उदय हुआ, उसे ही सूफी सम्प्रदाय कहा जाता है। सूफी शब्द की उत्पत्ति ‘‘सूफ’’ शब्द से हुर्इ है। सूफ का अर्थ बिना रंगा हुआ ऊन का लाबादा होता है । उसे बैरागी या संन्यासी धारण करते थे। दिनकर जी के अनुसार ‘‘सूफीवाद …

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भक्ति आंदोलन क्या है ?

सल्तनत काल से ही हिन्दू मुस्लिम संघर्ष का काल था । दिल्ली सुल्तानों ने हिन्दू धर्म के प्रति अत्याचार करना आरंभ कर दिये थे । उन्होंने अनेक मंदिरेां और मुर्तियों को तोड़ने लगे थे । जिससे हिन्दुओ ने अपने धर्म की रक्षा के लिए एकेश्वरवाद को महत्व दिया और धर्म सुधारको ने एक आन्दोलन चालाया यही …

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भारतीय पुनर्जागरण क्या है ?

अर्थ:-पुनर्जागरण को अग्रेंजी भाषा में रिनेसां कहा गया है या यों कहे कि अग्रेंजी भाषा में रिनेसां शब्द का पुनर्जागरण हिन्दी रूपान्तर है । यह मूल रूप से फ्रांसीसी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है ‘‘फिर से जागना’’ । आधुनिक युग का प्रारम्भ पुनर्जागरण से प्रारम्भ होता है । किन्तु हम यहां पुनर्जागृत भारत की …

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असहयोग आन्दोलन के कारण, कार्यक्रम एवं प्रभाव

भारतीयों को प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात् अंग्रेजों द्वारा स्वराज्य प्रदाय करने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु स्वराज्य की जगह दमन करने वाले कानून दिये गये तो उनके असन्तोष का ज्वालामुखी फूटने लगा । ऐसी स्थिति में गाँधीजी के विचारों में परिवर्तन होना स्वाभाविक था । भारतीय जनता को असहयोग आन्दोलन के पक्ष …

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सविनय अवज्ञा आन्दोलन के कारण, महत्व एवं प्रभाव

1929 र्इ. में लाहौर के काँग्रेस अधिवेशन में कँाग्रेस कार्यकारणी ने गाँधीजी को यह अधिकार दिया कि वह सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरंभ करें। तद्नुसार 1930 में साबरमती आश्रम में कांग्रेस कार्यकारणी की बैठक हुर्इ। इसमें एक बार पुन: यह सुनिश्चित किया गया कि गाँधीजी जब चाहें जैसे चाहें सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरंभ करें। सविनय अवज्ञा आन्दोलन …

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भारत छोड़ो आन्दोलन के कारण और परिणाम

क्रिप्स मिशन के भारत आगमन से भारतीयों को काफी उम्मीदें थीं, किन्तु जब क्रिप्स मिशन खाली हाथ लाटैा तो भारतीयों को अत्यन्त निराशा हुर्इ । अत: 5 जुलार्इ, 1942 र्इ. को ‘हरिजन’ नामक पत्रिका में गाँधीजी ने उद्घोष कि- ‘‘अंग्रेजो भारत छोड़ो । भारत को जापान के लिए मत छोड़ों, बल्कि भारत को भारतीयों के लिए व्यवस्थित …

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