ऑफबाउ नियम क्या है ?

इस सिद्धान्त के अनुसार, किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम जाना जा सकता है। इलेक्ट्रॉन हमेंशा कम ऊर्जा वाले ऑर्बिटलों में पहले भरते हैं। किसी कोश के s-ऑर्बिटल में सबसे कम ऊर्जा होती है। उसी प्रकार p-ऑर्बिटल की ऊर्जा d तथा f-ऑर्बिटलों की ऊर्जा से कम होती है अर्थात् इलेक्ट्रान उस उपकोश में भरेगा, …

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वायुमंडल की संरचना

वायुमंडल में वायु की अनेक परतें हैं, जो घनत्व और तापमान की दृष्टि से एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं। सामान्यत: यह धरातल से लगभग 1600 कि.मी. की ऊँचार्इ तक फैला है। वायुमंडल के कुल भार की मात्रा का 97 प्रतिशत भाग लगभग 30 कि.मीकी ऊँचार्इ तक विस्तृत है। तापमान और घनत्व की भिन्नता के आधार पर …

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परमाणु के मौलिक कण

सन् 1897 में जे. जें. थाम्सन ने इलेक्ट्रॉन का परमाणु के घटक के रूप मेंं आविष्कार किया। उसने निर्धारित किया कि इलेक्ट्रान पर एक ऋण आवेश होता है और उसका द्रव्यमान परमाणु की तुलना में बहुत कम होता है, चूॅंकि परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन होता है, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि परमाणु में धन …

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ज्वालामुखी क्या है ?

ज्वालामुखी भूपर्पटी में वह छिद्र या द्वार होता है जिनके द्वारा शैल पदार्थ,शैल के टुकड़े, राख, जलवाष्प तथा अन्य गर्म गैसे धीरे-धीरे अथवा तेजी से उद्गार के समय निकलते है। ये पदार्थ के आंतरिक गर्म भागों मे पाये जाते हैं, जहॉं शैल संस्तर अपेक्षाकृत कमजोर होते है। आपको आश्चर्य हो रहा होगा कि ये उद्गार होते …

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व्यापार के प्रकार

भारत के व्यापार को दो भागों में बांटा गया हैं। आंतरिक व्यापार विदेशी व्यापार। आंतरिक व्यापार-  जब दो या दो से अधिक व्यक्ति फर्म संगठन या संगठन राज्य देश की सीमा के भीतर वस्तुओ का आदान प्रदान करते हैं तो उसे आंतरिक व्यापार कहते हैं। जैसे जूट पश्चिम बंगाल मे कपास महाराष्ट्र और गुजरात में गन्ना …

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पृथ्वी की आंतरिक संरचना

पृथ्वी के आन्तरिक भागों में तीन परतों को माना गया है। पृथ्वी के आन्तरिक भागों को देख पाना संभव नही है क्योंकि पृथ्वी बहुत बड़ा गोला है और इसके अन्दर की बनावट गहरार्इ बढ़ने के साथ-साथ बदलती जाती है। मानव ने इसके कुछ ही किलोमीटर तक के आन्तरिक भाग को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। पृथ्वी …

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कृषि के प्रकार, महत्व एवं विशेषताएं

कृषि – परिचय एवं महत्व  भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। अति प्राचीन काल से ही कृषिकार्य किया जाता हैं। जब संसार के अधिकांश मानव असभ्य थे, उस समय भारतवासी कृषि में निपुण थे। इस बात का इतिहास साक्षी हैं। आर्य युग में जुतार्इ सिंचार्इ, कटार्इ, निदार्इ, आदि कार्य किया जाता था। कृषि के साथ पशुपालन …

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जैव विकास के सिद्धांत, प्रमाण एवं मूलभूत कारक

जैव विकास- भूवैज्ञानिक काल के दौरान सरल प्रकार के पूर्वजों से ‘‘परिवर्तन’’ के फलस्वरूप जटिल जीवों का बनना विकास कहलाता है। जैव विकास के सिद्धांत – आज के विभिन्न जीव उसी रूप में नहीं बने जिस रूप में आज पाए जाते हैं, बल्कि वे एक सामान्य पूर्वज रूप से, जो कहीं अधिक सरल प्रकार का रहा …

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पर्यटन का अर्थ

पर्यटन का अर्थ  पर्यटन अपने आधुनिक रूप में, प्रारम्भिक समय के मानवीय इतिहास के भ्रमणों/ यात्राओं के समान नही है यहूिदया की भाषा मे शब्द ‘‘तोरह्’’ का अर्थ अध्ययन करना या खोज करना है ‘‘टफअर’’ उसमें से निकाला प्रतीत होता है लैटिन में मूल शब्द ‘‘टोरनोस’’ उसके समीपस्थ है ‘टोरनोस’ एक प्रकार के गोल पहिये जैसा उपकरण …

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सुरक्षा परिषद के कार्य

सुरक्षा परिषद् का मुख्य कार्य अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाये रखना है। इसके लिए वह उन मामलों व परिस्थितियों पर तुरंत विचार करती है जो शांति हेतु खतरा पैदा कर रही है। चार्टर की धारा 33 से 38 तक धाराएं अंतर्राष्ट्रीय झगड़ों केांशांतिपूर्ण निपटारे के सबंध में 39 से 51 तक की धाराएं शांति को सकंट …

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