सामाजिक यथार्थ का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति

सामाजिक यथार्थ से तात्पर्य ‘‘समाज से सम्बन्धित किसी भी घटनाक्रम का ज्यों का त्यों चित्रण ही सामाजिक यथार्थ कहलाता है।’’ इसके अतिरिक्त सामाजिक यथार्थ से तात्पर्य आम प्रचलित शब्दों में मनुष्य द्वारा की गई सामान्य क्रियाओं के सच्चे चित्रण से लिया जाता है। साहित्य से ही हमें तत्कालीन समाज की परिस्थितियों तथा जन-सामान्य के जीवन का …

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प्लेटो का जीवन परिचय, प्रमुख रचनाएँ, शिक्षा दर्शन

प्लेटो 18 या 20 वर्ष की आयु में सुकरात की ओर आकर्षित हुआ। यद्यपि प्लेटो तथा सुकरात में कुछ विभिन्नताएँ थीं लेकिन सुकरात की शिक्षाओं ने इसे अधिक आकर्षित किया। प्लेटो सुकरात का शिष्य बन गया। प्लेटो का गुरु सुकरात था। सुकरात के विचारों से प्रेरित होकर ही प्लेटो ने राजनीति की नैतिक व्याख्या की, सद्गुण को ज्ञान …

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स्वतंत्रता का अर्थ, परिभाषा, स्वतंत्रता पर जे. एस मिल के विचार

स्वतंत्रता (Freedom) का अर्थ है नियंत्रणों से मुक्ति, अथवा उनका अभाव। किसी व्यक्ति को मुक्त अथवा कुछ करने में स्वतंत्र माना जा सकता है, जब उसके कार्य अथवा विकल्प दूसरे के कार्यों अथवा विकल्पों द्वारा बाधित अथवा अवरुद्ध न हों।  यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता का अर्थ, परिभाषा, प्रकार स्वतंत्रता का अर्थ स्वतंत्रता साधारण अर्थ में किसी भी बन्धन से …

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राष्ट्रीयता का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, गुण, तत्व या घटक

राष्ट्रीयता (Nationality) किसी भी राष्ट्र के व्यक्तियों के मध्य एका की भावना होती है, इसमें देशप्रेम, देशभक्ति व देश के प्रति समर्पण की भावना छिपी रहती है और राष्ट्र हित की भावना के आगे वैयक्तिक व सामूहिक हितों को त्याग का प्रवृत्ति पायी जाती है, यही भावना राष्ट्रीयता कहलाती हैं। यह भी पढ़ें: राष्ट्रीयता की परिभाषा और …

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सृजनात्मकता का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, सिद्धांत

सृजनात्मकता वह योग्यता है जो व्यक्ति को किसी समस्या का विद्ववतापूर्ण समाधान खोजने के लिए नवीन ढंग से सोचने तथा विचार करने में समर्थ बनाती है। प्रचलित ढंग से हटकर किसी नये ढंग से चिंतन करने तथा कार्य करने की योग्यता ही सृजनात्मकता है। सृजनात्मकता का अर्थ सृजनात्मकता का सामान्य अर्थ है सृजन अथवा रचना करने …

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रूसो का जीवन परिचय, रूसो का शिक्षा दर्शन – Jean-Jacques Rousseau

रूसो  रूसो का पूरा नाम जीन जैक रूसो (Jean-Jacques Rousseau) है। जीन जैक रूसो एक प्रसिद्ध प्रकृतिवादी शिक्षा दार्शनिक थे। जीन-जक्क़ुएस रूसो का जन्म 28 जून, 1712 ई0 को स्विटजरलैंड के जेनेवा नामक नगर में एक सम्मानित परिवार में हुआ था। उसके पिता एक फ्रांसिसी घड़ीसाज थे।  जन्म के तुरन्त बाद रूसो की माता का देहान्त हो गया। उसकी …

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चिंतन क्या है ? अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं इसकी मौलिक या आधारभूत दक्षता

अपनी दैनिक बातचीत में हम चिंतन शब्द का प्रयोग कई मनोवैज्ञानिक क्रियाओं के लिए करते है। उदाहरण स्वरूप अपना अनौपचारिक परिचय देते हुए जब मैं यह कहता हूँ कि मैं उन दिनों के बारे में सोच रहा हूँ जब मैं कालेज में विद्यार्थी था। तो यहॉ में सोच (चिंतन) शब्द का प्रयोग मनोवैज्ञानिक क्रिया याद के …

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सामान्यीकृत चिंता विकार क्या है सामान्यीकृत चिंता विकार के कौन से कारण अथवा कारक जिम्मेदार हैं।

जब अधिक चिंता दीर्घकाल तक बनी रहती है तो वह सामान्यीकृत चिंता विकार का रूप ले लेती है। बहुत से मनोवैज्ञानिकों ने सामान्यीकृत चिंता विकार को परिभाषित किया है इन परिभाषाओं के अवलोकन से हम सामान्यीकृत चिंता विकार के संप्रत्यय को भली भॉंति समझ सकते हैं। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक रोनाल्ड जे कोमर ने अपनी पुस्तक ‘फण्डामेंटल्स ऑफ …

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मनोरोग के प्रकार

अधिकतर शारीरिक स्थितियों को हेतुकी एवं संरचात्मक विकृति के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। कुछ सामान्य चिकित्सकीय स्थितियों जैसे माइग्रेन,ट्राईजेमिनल न्यूरालजिया को अभी तक इस प्रकार से वर्गीकृत नहीं किया जा सका है, जिसके कारण उनका वर्गीकरण केवल लक्षणों के आधार पर ही किया गया है। मानसिक विकार मुख्य रूप से इस दूसरे प्रकार …

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आकाश तत्व का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व

संसार में पंच महा भूतो में आकाश तत्व प्रधान होता है। यह सबसे अधिक उपयोगी एवं प्रथम तत्व है। जिस प्रकार परमात्मा असीम एंव निराकार है उसी प्रकार आकाश तत्व का असीम एवं निराकार है। आकाश तत्व का उसी प्रकार नाश नही हो सकता जिस प्रकार ईश्वर को कभी नश्ट नहीं किया जा सकता। भारतीय मान्यताओं …

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