यज्ञ चिकित्सा क्या है?

‘यज्ञ’ का भावार्थ-परमार्थ एवं उदार-कृत्य है। ‘यज्ञ’ शब्द पाणिनीसूत्र ‘‘यजयाचयतविच उप्रक्चरक्षो नड़्’’ में नड़् प्रत्यय लगाने पर बनता है अर्थात् यज्ञ शब्द ‘यज्’ धातु से बना है, यज् धातु के तीन अर्थ हैं- देवपूजन, दान और संगतिकरण। इस प्रकार हवि या हवन के द्वारा देवताओं का पूजन का नाम ‘यज्ञ’ है। ईश्वरीय दिव्य शक्तियों की आराधना, उपासना, उनकी …

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रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत एवं सामान्य इच्छा का सिद्धांत

रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत रूसो ने सामाजिक समझौता सिद्धांत का वर्णन अपनी पुस्तक ‘सोशल कांट्रेक्ट’ (सामाजिक समझौता) में किया है। इस रचना में रूसो ने आदर्श समाज की स्थापना की युक्ति सुझाई है, जिससे मानव जाति की मानव जाति को प्राकृतिक अवस्था के कष्टों से मुक्ति मिल सके। जिस प्रकार हॉब्स व लॉक ने …

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जॉन स्टुअर्ट मिल का जीवन परिचय

उपयोगितावाद के अन्तिम प्रबल समर्थक जॉन स्टुअर्ट मिल का जन्म 20 मई, सन् 1806 ई0 को लन्दन में हुआ। वह अपने पिता जेम्स मिल (1773-1836) की प्रथम सन्तान था। उसके पिता स्वयं उपयोगितावादी सुधारक होने के नाते उसे उपयोगितावादी शिक्षा देना चाहते थे। जॉन स्टुअर्ट मिल स्वयं भी एक प्रतिभाशाली बालक था। उसने मात्र 3 वर्ष …

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जेरेमी बेंथम का जीवन परिचय एवं राजनीतिक विचार

असाधारण प्रतिभा के धनी उपयोगितावादी विचारक जेरेमी बेन्थम का जन्म 15 फरवरी 1748 ई0 को लन्दन के एक प्रतिष्ठित वकील परिवार में हुआ। उसने अपनी विलक्षण बुद्धि के बल पर मात्र 4 वर्ष की आयु में ही लेटिन भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया। उसने 13 वर्ष की आयु में मैट्रिक तथा 15 वर्ष की आयु …

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योग क्या है वर्तमान में इसकी योग उपयोगिता ?

योग एक आध्यात्मिक विद्या है किन्तु आधुनिक समय में योग का उन्नयन एवं विकास स्वास्थ्य योग विज्ञान के रूप में हो रहा है। आज योग को स्वास्थ्य के क्षेत्र में असीम सफलता प्राप्त हो रही है और लोग इससे पूर्णरूप से प्रभावित एवं लाभान्वित हो रहें हैं। योग और आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य और पर्यावरण का …

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कौटिल्य का जीवन परिचय एवं कृतियाँ

कौटिल्य का जीवन परिचय ‘कौटिल्य’ का जन्म एवं नाम चाणक्य का जन्म 325 ई0पू0 हुआ था। कुछ विद्वानों का मत है कि आचार्य कौटिल्य का जन्म 400 ई0पू0 हुआ था। उनके पिता का नाम संभवतः चणक् अथवा शिवगुप्त था। आचार्य कौटिल्य के जीवन काल के विषय में यही कहा जा सकता है कि वे सम्राट चंद्रगुप्त …

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सूफी मत का इतिहास

सूफी शब्द की उत्पत्ति के संबंध में भी विद्वानों के कई विचार हैं। कुछ का मानना है कि इस शब्द की उत्पत्ति सफा शब्द से हुई जिसका अर्थ है पवित्र। मुसलमानों में जो सन्त पवित्रता और त्याग का जीवन व्यतीत करते थे वे सूफी कहलाये। एक और विचार है कि सूफी शब्द की उत्पत्ति सूफ शब्द …

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चेतना का अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं महत्व

चेतना का अर्थ चेतना मन की एक स्थिति ही है – जिसके अन्तर्गत बाह्य जगत के प्रति संवेदनशीलता तीव्र अनुभूति का आवेग, चयन या निर्माण की शक्ति इन सबके प्रति चिन्तन विद्यमान रहता है ये सब बातें मिलकर किसी भी व्यक्ति की पूर्ण चैतन्य अवस्था का निर्माण करती है।   चेतना समझने की वस्तु है उसे परिभाषित …

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संत शब्द का अर्थ और परिभाषा

सामान्यत: ‘संत’ शब्द का प्रयोग प्राय बुद्धिमान, पवित्रात्मा, सज्जन, परोपकारी, सदाचारी आदि के लिए प्रयोग किया जाता है। कभी-कभी साधारण बालेचाल में इसे भक्त, साधु या महात्मा जैसे शब्दों का भी पर्याय समझ लिया जाता है। जहाँ तक ‘सतं’ शब्द के शाब्दिक निर्वचन का प्रश्न है उस संदर्भ में संस्कृत के शब्द ‘सन्त:’ से निर्मित हुआ …

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चार्वाक दर्शन क्या है ?

चार्वाक दर्शन क्या है ?  लोक में अन्यन्त प्रिय लोकायत- दर्शन ही चार्वाक दर्शन कहलाता है। देवताओं के गुरू बृहस्पति द्वारा प्रणीत होने के कारण इसका नाम बार्हस्पत्य-दर्शन है। ईश्वर और वेद के प्रामाण्य का सर्वथा खण्डन करने के कारण यह ‘नास्तिक दर्शन’ है। भारतीय दर्शन में बौद्ध-जैन इत्यादि अन्य दर्शनों को भी नास्तिक की संज्ञा …

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