आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य कौन-कौन से हैं?

आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य, आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य कौन-कौन से हैं? धनवन्तरि तथा दिवोदास पौराणिक इतिहास में भी दिवोदास नाम के अनेक व्यक्ति मिलते है। हरिवंश पुराण के 29 वे अध्याय में काश वंश में धन्वन्तरि तथा दिवोदास का काशीराज के रूप में उल्लेख मिलता है। यह वंशावली निम्न प्रकार है – …

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वैकल्पिक चिकित्सा का क्या अर्थ है? वैकल्पिक चिकित्सा की मूल मान्यताएं

वैकल्पिक चिकित्सा को दूसरे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है। जैसे-पूरक चिकित्सा पद्धति, समग्र चिकित्सा पद्धति, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति। जब किसी रोगी को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारम्परिक चिकित्सा भी दी जाती है, तब यह पारम्परिक चिकित्सा ‘‘वैकल्पिक चिकित्सा’’ कहलाती है और जब रोगी को केवल पारम्परिक चिकित्सा ही दी जाती है, किसी प्रकार की …

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प्रोटीन की कमी से बच्चों में होने वाले दो रोगों के नाम

प्रोटीन नाम सर्वप्रथम सन् 1938 में वैज्ञानिक मुल्डर (Mulder) द्वारा प्रस्तावित किया गया। इस शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के ‘‘प्रोटियोस’’ (Proteose) शब्द से हुआ जिसका आशय है ‘पहले आने वाला’ (To come first)। यह नाम इसलिए प्रस्तावित हुआ क्योंकि उस समय भी यह तत्व जीवन के लिए सबसे प्रमुख तत्व माना जाता था। यह भी …

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जन स्वास्थ्य स्तर गिरने के कारण, जन स्वास्थ्य स्तर में सुधार के लिए सुझाव

सामान्यत: स्वास्थ्य से तात्पर्य बीमारियों से मुक्त होने से समझा जाता है, परंतु वैज्ञानिक दृष्टि से इसे स्वास्थ्य नहीं कहा जाता है। स्वास्थ्य होने का तात्पर्य शारीरिक, मानसिक, अध्यात्मिक एवं सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति से है।  शाब्दिक दृष्टि से जन स्वास्थ्य का आशय जनता के स्वास्थ्य से है। क्योंकि जन से आशय जनता से तथा …

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स्वस्थ व्यक्तियों पर मूत्र चिकित्सा का प्रभाव \ रोगी व्यक्तियों पर मूत्र चिकित्सा का प्रभाव

शाब्दिक रुप से देखने पर मूत्र चिकित्सा का अर्थ स्वत: ही स्पष्ट हो जाता है-’’ मूत्र द्वारा विविध रोगों की चिकित्सा करना मूत्र चिकित्सा कहलाता है। इसके अन्तर्गत प्रमुख रुप से स्वमूत्र एवं गौमूत्र द्वारा चिकित्सा करने का वर्णन आता है। मूत्र चिकित्सा को प्राचीन शास्त्रों में शिवाम्बु कल्प का नाम देते हुए कहा गया है …

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संगीत हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

ध्वनि चिकित्सा के जितने भी रूप है, उनमें संगीत चिकित्सा सर्वाधिक लोकप्रिय है। यदि हम गहराई से अनुभव करें तो पायेंगे कि ब्रह्माण्ड की सम्पूर्ण संरचना ही संगीतमय है। सृष्टि के आदि में भी सर्वप्रथम अनाहत नाद अर्थात् ऊँकार की ध्वनि ही उत्पन्न हुयी थी और उसके बाद फिर सृष्टि रचना का क्रम आरींा हुआ। इस …

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प्रार्थना का अर्थ, परिभाषा, प्रार्थना का निर्माण करने वाले कौन-कौन पृथक्-पृथक् तत्व हैं ?

प्रार्थना मनुष्य की जन्मजात सहज प्रवृत्ति है। संस्कृत शब्द प्रार्थना तथा आंग्ल (इंग्लिश) भाषा के Prayer शब्द, इन दोनों में अर्थ का दृष्टि से पूरी तरह से समानता है –  संस्कृत में ‘‘प्रकर्षेण अर्धयते यस्यां सा प्रार्थना’’ अर्थात प्रकर्ष रूप से की जाने वाली अर्थना (चाहना अभ्यर्थना)   आंग्ल भाषा का Prayer यह शब्द Preier, precari, prex, prior …

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प्राण चिकित्सा क्या है प्राण चिकित्सा की सावधानियॉ

प्राण चिकित्सा के अन्तर्गत उपचारक अपने हाथों के माध्यम से ब्रह्माण्डीय प्राणऊर्जा को ग्रहण करके हाथों द्वारा ही रोगी व्यक्ति में प्रक्षेपित करता हैं। इस प्रकार इस चिकित्सा पद्धति में चिकित्सक रोगी की प्राणशक्ति को प्रभावित करके उसे स्वास्थ्यलाभ प्रदान करता है। प्राण चिकित्सा के द्वारा न केवल दूसरों का वरन् स्वयं का भी उपचार किया …

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एक्यूप्रेशर चिकित्सा क्या है इस चिकित्सा पद्धति के लाभ

एक्यूप्रेशर (Acupressure) वह चिकित्सा पद्धति है। जो अधिक प्रभावशाली व प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति का सिद्धान्त पूरी तरह प्राकृतिक है। इस पद्धति के एक अन्य विशेषता यह है कि यह चिकित्सा पद्धति बिल्कुल सुरक्षित चिकित्सा पद्धति है। इस में किसी प्रकार की नुकसान की सम्भावना नहीं होती है। इस पद्धति में शरीर के …

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एक्यूप्रेशर चिकित्सा का इतिहास || Acupressure in Hindi

Acupressure एक्यूप्रेशर चिकित्सा वह पद्धति है जिससे पैरो, हाथों व चेहरे के कुछ खास केन्द्रों पर दबाव डाला जाता है इन केन्द्रों को Respopnse Center या Reflex Center भी कहते है हिन्दी में इसे प्रतिबिम्ब केन्द्र कहते है। रोग की अवस्था में इन केन्द्रो पर जब प्रेशर देते है तो वहाँ पर बहुत तेज दर्द होता …

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