परामर्श का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, आवश्यकता एवं लक्ष्य

परामर्श एक प्राचीन शब्द है और शब्द को परिभाषित करने के प्रयास प्रारम्भ से ही किए गए हैं। वैबस्टर शब्दकोष के अनुसार-’’परामर्श का आशय पूछताछ, पारस्परिक तर्क वितर्क अथवा विचारों का पारस्परिक विनिमय है।’’ इस शाब्दिक आशय के अतिरिक्त परामर्श के अन्य पक्ष भी हैं जिनके आधार पर परामर्श का अर्थ स्पष्ट हो सकता है। उनके …

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शैक्षिक निर्देशन क्या है? शैक्षिक निर्देशन आवश्यकता एवं महत्व

शिक्षा बालक के भावी जीवन का आधार तैयार करती है यदि शिक्षा के हरेक सोपान में बालक को उचित शैक्षिक निर्देशन मिलता है, तो उसका व्यवहारिक व्यावसायिक एवं आर्थिक जीवन सफल, सुखी एवं संतुष्ट होता है वैसे तो शैक्षिक निर्देशन का प्रारंभ तभी से हो जाता है, जब बालक विद्यालय जाना प्रारंभ भी नहीं करता है। …

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व्यावसायिक निर्देशन के उद्देश्य और विशेषताएं

व्यावसायिक निर्देशन के आशय पर (1924) में ‘नेशनल वोकेशनल गाइडेंस एसोसिएशन’ के द्वारा उल्लेख किया  गया है। इस ऐसोसिएशन ने अपनी रिपोर्ट में व्यावसायिक निर्देशन को परिभाषित करते हुए लिखा कि व्यवसाय निर्देशन व्यवसाय को चुनने, उसके लिए तैयार करने, उसमें प्रवेश करने तथा उसमें विकास करने हेतु सूचना देने, अनुभव देने तथा सुझाव देने की प्रक्रिया …

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निर्देशन सेवाओं के प्रकार

निर्देशन सेवाओं के अन्तर्गत विशिष्ट कियाओं को नियोजित, व्यवस्थित एवं कियान्वित किया जाता है। प्रत्येक प्रकार की निर्देशन सेवा का सम्बन्ध कुछ विशेष प्रकार की कियाओं से होता है तथा इन कियाओं के माध्यम से विशिष्ट उद्देश्यों की प्राप्ति की जाती है।  निर्देशन सेवाओं के प्रकार इस सन्दर्भ में जिन आठ प्रकार की निर्देशन सेवाओं को …

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निर्देशन के उद्देश्य और सिद्धांत

निर्देशन ऐसी विकास की प्रकिया है जिसके आधार पर इन समस्याओं के समाधान की क्षमता का विकास प्रत्येक व्यक्ति में किया जा सकता है। समस्याओं के विविध पक्षों, कारणों, परिणामों, परिस्थितियों आदि से व्यक्ति को अवगत कराने के साथ ही, इसके आधार पर उन वैयक्तिक एवं सामाजिक विशेषताओं का भी विकास किया जा सकता है जिनके …

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निर्देशन का अर्थ, परिभाषा, विशेषता प्रकृति, क्षेत्र

निर्देशन क्या है? इस सम्बन्ध में समस्त विद्वान एकमत नहीं है। वर्तमान युग के विवादग्रस्त प्रत्ययों में, यह एक ऐसा प्रत्यय है, जिसे विभिन्न रूपों में परिभाषित क्रिया गया है, फिर भी, सामान्यत: निर्देशन को एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में स्वीकार क्रिया जाता है, जिसके आधार पर किसी एक अथवा अनेक व्यक्तियों को किसी न …

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वाक्य विश्लेषण किसे कहते हैं? वाक्य में पदों का क्रम

वाक्य में आए हुए शब्द अथवा वाक्य खंडों को अलग-अलग करके उनका पारस्परिक सम्बन्ध बताना वाक्य-विश्लेषण कहलाता है। विश्लेषण करते हुए, ‘उद्देश्य’, विधेय, कारक, विशेषण, क्रिया-विशेषण, पूरक क्रिया आदि का लिंग, वचन, काल आदि की पहचान की जाती है।  वाक्य-विश्लेषण करते हुए शब्द दोषों व वाक्य दोषों का उल्लेख भी करना चाहिए। रचना के आधार पर …

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भाषा कौशल का अर्थ एवं विशेषताएँ

भाषा कौशल भाषा का व्यावहारिक पक्ष है। तथ्यों, भावों, विचारो तथा कौशल में शारीरिक अंगो, ज्ञान-इन्द्रियों, कर्म-इन्द्रियो को क्रियाशील रहना पडता है। भाषा कौशल मुख माध्यम का कार्य करती है। भाषा कौशल के मुख के अंगो को अधिक क्रियाशील होना पड़ता है। शारीरिक अंगो के साथ ज्ञान-इन्द्रियॉं तथा कर्म-इन्द्रियॉं भी सक्रिय रहती है। इस प्रकार भाषा …

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कला शिक्षा के अध्ययन के प्रमुख उद्देश्य क्या है?

कला शिक्षा विद्यार्थियों के सृजनात्मक विकास के लिये महत्त्वपूर्ण उपयुक्त माध्यम के रूप में पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा है। यह शिक्षा मुख्यत: दो तथ्यों पर आधारित है। प्रथम तथ्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी अनेकों छुपी हुई सृजनात्मक योग्यताओं से परिपूर्ण होता है एवं द्वितीय तथ्य है कि कला शिक्षा बालक की इन सृजनात्मक योग्यताओं को परिपूर्ण …

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वुड के घोषणा पत्र के प्रमुख उद्देश्य जो उसने अपनी प्रस्तावना में लिखे हैं

1853 के वर्ष को आधुनिक भारतीय शिक्षा के विकास की ‘किशोरावस्था’ की संज्ञा प्रदान की जा सकते है, क्योंकि इस वर्ष में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के आज्ञा-पत्र के नवीनीकरण (Renewal) के समय ब्रिटिश पार्लियामेन्ट ने भारत में कम्पनी द्वारा किये गये शिक्षा प्रयासों को और अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया। यद्यपि इसमें भी उनके साम्राज्यवादी …

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