जल दुर्लभता क्या है और इसके मुख्य कारण क्या है ?

मांग के अनुसार जल की पूर्ति न हो पाना जल दुर्लभता (Water scarcity) कहलाता है। यही जल दुर्लभता विश्व की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है जब कि पृथ्वी का तीन- चौथाई भाग जल से घिरा है और जल एक नवीकरण योग्य संसाधन है तब भी विश्व के अनेक देशों और क्षेत्रों में जल की कमी कैसे …

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उद्यमी का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएँ

उद्यमी (Entrepreneur) वह व्यक्ति होता है, जो किसी उत्पादन से संबंधित सभी संसाधनों का कुशलतम उपयोग करता है वर्तमान में उत्पादन के समस्त साधनों की उपलब्धी पृथक-पृथक जगह से होती है तथा इन साधनों को एकत्र (इकट्ठा) करके इनमें वैज्ञानिक समन्वय स्थापित करने वाले व्यक्ति को ही ‘उद्योगपति’ या ‘उद्यमी’ कहा जाता है। यह भी पढ़ें: उद्यमी …

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परीक्षा का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

परीक्षा का अर्थ छात्रों की उपलब्धि से संबंधित साक्ष्यों को इकट्ठा करने की प्रक्रिया परीक्षा (Examination) कहलाती है । इसमें परीक्षणों की रचना, प्रशासन, परीक्षाओं का संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन तथा छात्रों की उपलब्धि सूचित करने की प्रक्रिया शामिल होती है। परीक्षा की परिभाषा किसी क्षेत्र में छात्रों की उपलब्धि अथवा योग्यता की जाँच के …

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नौकरशाही का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं

औद्योगिक क्रान्ति के तुरन्त बाद सामाजिक व राजनीतिक ढांचे में आए परिवर्तनों ने संगठन की जिस प्रणाली को वह जन्म दिया, वह नौकरशाही ही है। सामाजिक आर्थिक परिवर्तन के दौर में परम्परागत समाज को संतुलित, व्यवस्थित और विकसित होने हेतु नौकरशाही जैसे तन्त्र की अत्यधिक आवश्यकता महसूस की गई। यद्यपि विशिष्ट वर्ग के रूप में नौकरशाही …

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नौकरशाही का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, आलोचना

राजनीति का अस्तित्व, सत्ता से है। राजनीतिक सत्ता का अंतरंग भाग नौकरशाही है, सत्ता का महत्व उसके पद से आँका जाता है। क्षमता तथा दायित्व के निर्वाह के लिए एक सत्ता को ऐसे द्वितीयक समूह का निर्माण करना पड़ता है जो सत्ता की रीति-नीति का क्रियान्वयन कर सके। सत्ता का अस्तित्व तभी तक है जब तक …

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तुलनात्मक राजनीति का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, क्षेत्र, महत्व

तुलनात्मक राजनीति का अर्थ तुलनात्मक राजनीति तुलनात्मक सरकारों, गैर-शासकीय राजनीतिक संस्थाओं, कबीलों, समुदायों व उनकी प्रक्रियाओं व व्यवहारों का अध्ययन है। तुलनात्मक राजनीति की परिभाषा 1. ब्रायबन्ती (Braibanti) ने लिखा है-”तुलनात्मक राजनीति सामाजिक व्यवस्था में उन तत्वों की पहचान और व्याख्या है जो राजनीतिक कार्यों तथा उनके संस्थागत प्रकाशन को प्रभावित करते हैं।” 2. एडवर्ड ए0 फ्रीमैन …

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शेयर बाजार के कार्य, क्रेता एवं विक्रेता शेयर बाजार में दो प्रकार के कार्य करते हैं

शेयर बाजार से आशय उस बाजार से है जहां नियमित कम्पनीयों के अंशपत्र, ऋणपत्र, प्रतिभूति, बाण्ड्स आदि का क्रय विक्रय होता है। शेयर बाजार एक संघ, संगठन या व्यक्तियों की संस्था है जो प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय या लेनदेन के उद्देश्य हेतु सहायक नियमन व नियंत्रण के लिए स्थापित किया जाता है फिर चाहे वह निर्गमीत हो …

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कार्य संतुष्टि क्या है ? कार्य संतुष्टि को प्रभावित करने वाले घटक अथवा तत्त्व

कार्यसंतोष से आशय व्यक्ति की अपने कार्य एवं कार्य से सम्बन्धित परिस्थितियों सम्बन्धी विभिन्न अभिवृत्तियों के परिणाम से लिया जाता है। वास्तव में कार्य संतोष शब्द का उपयोग व्यावहारिक विज्ञान उन्मुख शोधकर्त्ता व्यक्ति की कार्य सम्बन्धी मानसिक वृत्ति एवं कार्य निष्पादन के सम्बन्ध को स्थापित करने के रूप में करते है। व्यक्ति अपने कार्य एवं परिस्थितियों …

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लेखा परीक्षण क्या है लेखा परीक्षण की कुछ विशिष्टताओं का वर्णन?

शब्द “लेखा-परीक्षण” लैटिन भाषा के शब्द Audire से नि:सृत हुआ है। पहले लेखा मंडलियां लेखा परीक्षक के सम्मुख प्रस्तुत होकर लेखे का वृत्तांत सुनाती थीं। सभ्यता के प्रारंभिक चरणों में लेखा विधियां इतनी अशिष्ट होती थी और रिकार्ड करने वाले सौदों की संख्या इतनी थोड़ी होती थी कि हर व्यक्ति अपने सौदों की जांच स्वयं ही …

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लोक उपक्रम समिति क्या है लोक उपक्रम समिति इन पक्षों में अपना दखल नहीं दे सकती

संसद की तीन प्रमुख समितियों में से लोक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings) एक है। यह समिति 1 मई, 1964 को अस्तित्व में आई। इस समिति में 22 सदस्य होते हैं जिसमें से 15 लोकसभा से तथा 7 सदस्य राज्य सभा के होते हैं। इस समिति के अन्य सदस्यों का चयन आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार …

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