जैव भू-रसायन चक्र के प्रकार

विभिन्न अध्ययनों से पता चला हे कि पिछले 100 करोड़ों वर्षों में वायुमंडल व जलमंडल की सरंचना में रसायनिक घटकों का संतुलन लगभग एक जैसा अर्थात बदलाव रहित रहा है। रासायनिक ऊतकों से होने वाले चक्रीय प्रवाह के द्वारा बना रहता है। यह चक्र जीवों द्वारा रासायनिक तत्वों के अवशोषण से आरंभ होता हे और उनके वायु जल …

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रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत एवं सामान्य इच्छा का सिद्धांत

रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत रूसो ने सामाजिक समझौता सिद्धांत का वर्णन अपनी पुस्तक ‘सोशल कांट्रेक्ट’ (सामाजिक समझौता) में किया है। इस रचना में रूसो ने आदर्श समाज की स्थापना की युक्ति सुझाई है, जिससे मानव जाति की मानव जाति को प्राकृतिक अवस्था के कष्टों से मुक्ति मिल सके। जिस प्रकार हॉब्स व लॉक ने …

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जॉन स्टुअर्ट मिल का जीवन परिचय

उपयोगितावाद के अन्तिम प्रबल समर्थक जॉन स्टुअर्ट मिल का जन्म 20 मई, सन् 1806 ई0 को लन्दन में हुआ। वह अपने पिता जेम्स मिल (1773-1836) की प्रथम सन्तान था। उसके पिता स्वयं उपयोगितावादी सुधारक होने के नाते उसे उपयोगितावादी शिक्षा देना चाहते थे। जॉन स्टुअर्ट मिल स्वयं भी एक प्रतिभाशाली बालक था। उसने मात्र 3 वर्ष …

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जेरेमी बेंथम का जीवन परिचय एवं राजनीतिक विचार

असाधारण प्रतिभा के धनी उपयोगितावादी विचारक जेरेमी बेन्थम का जन्म 15 फरवरी 1748 ई0 को लन्दन के एक प्रतिष्ठित वकील परिवार में हुआ। उसने अपनी विलक्षण बुद्धि के बल पर मात्र 4 वर्ष की आयु में ही लेटिन भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया। उसने 13 वर्ष की आयु में मैट्रिक तथा 15 वर्ष की आयु …

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कौटिल्य का जीवन परिचय एवं कृतियाँ

कौटिल्य का जीवन परिचय ‘कौटिल्य’ का जन्म एवं नाम चाणक्य का जन्म 325 ई0पू0 हुआ था। कुछ विद्वानों का मत है कि आचार्य कौटिल्य का जन्म 400 ई0पू0 हुआ था। उनके पिता का नाम संभवतः चणक् अथवा शिवगुप्त था। आचार्य कौटिल्य के जीवन काल के विषय में यही कहा जा सकता है कि वे सम्राट चंद्रगुप्त …

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केदारनाथ सिंह का जीवन परिचय एवं रचनाएं

समकालीन कविता में केदारनाथ सिंह एक महत्वपूर्ण नाम है। अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तीसरा सप्तक‘ (1959) से  लेकर ‘सृष्टि पर पहरा‘ ‘2014‘तक उनका व्यापक काव्य संसार फैला हुआ है। समकालीन कविता में उन्हें बहुश्रुत और  बहुउद्धत कवि के रूप में स्मरण किया जाता है। उन्होंने अपने समय की कविता के दनात्मक पक्ष को सबल करने के साथ …

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गोपालदास नीरज का जीवन परिचय, शिक्षा एवं आजीविका

गोपालदास नीरज का जीवन परिचय गोपालदास नीरज का जन्म 4 जनवरी, 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरावली नामक ग्राम में एक साधारण कायस्थ परिवार में बाबू ब्रज किशोर शर्मा के यहाँ एक बालक का जन्म हुआ। ‘गोपालदास नीरज’ का प्रारम्भिक जीवन दुखों के संघर्षमय तूफान से गुजरा है। अपने अबोध बचपन में ही …

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शरद जोशी जीवन परिचय, रचनाएँ, भाषा शैली, साहित्य में स्थान

शरद जोशी ने सामाजिक परिवर्तनों, राजनीतिक और सांस्कृतिक उथल-पुथल को बड़ी बारीकी से समझा और देखा था।  शरद जोशी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर गहरा असर पड़ा। शरद जोशी वर्तमान व्यवस्था से बहुत क्षुब्ध थे। वे स्वयं कदम-कदम पर दिखने वाले व्यवस्था के खोखलेपन को एक पल भी सहने के लिए तैयार नहीं होते थे। वे …

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श्रीलाल शुक्ल का जीवन परिचय, प्रमुख रचनाएँ, भाषा शैली

श्रीलाल शुक्ल हिन्दी के प्रमुख साहित्यकार थे। वह समकालीन कथा-साहित्य में उद्देश्यपूर्ण व्यंग्य लेखन के लिये विख्यात थे। श्री लाल शुक्ल का (जन्म 31 दिसम्बर 1925) को हुआ, तथा निधन- 28 अक्तूबर 2011 को। जनपद के समकालीन कथा साहित्य में उद्देश्यपूर्ण व्यंग्य लेखन के लिये विख्यात साहित्यकार माने जाते थे। उन्होंने ‘‘1947 में’’ इलाहाबाद विश्वविद्यालय से …

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हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

हरिशंकर परसाई जी हिन्दी के एक प्रख्यात व्यंग्यकार हैं परसाई जी की ख्याति न केवल व्यंग्यकार के रूप में बल्कि प्रतिबद्ध लेखक के रूप में है। व्यंग्य कोई विधा नहीं बल्कि लेखक की प्रकृति या स्परिट है। इसलिये परसाई जी का मौलिक चिन्तन कहानी, उपन्यास, निबन्ध, संस्मरण आदि अनेक विधाओं में व्यक्त हुआ है।  हरिशंकर परसाई …

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