अनुलोम विवाह और प्रतिलोम विवाह किसे कहते है।

जब एक उच्च वर्ण, जाति, उपजाति, कुल एवं गोत्र के लडके का विवाह ऐसी लड़की से किया जाय जिसका वर्ण, जाति, उपजाति, कुल एवं वंश के लडके से नीचा हो तो ऐसे विवाह को अनुलोम विवाह कहते हैं। दूसरे शब्दों में इस प्रकार के विवाह में लड़का उच्च सामाजिक समूह का होता है और लड़की निम्न …

Read more

जल प्रदूषण किसे कहते हैं? जल प्रदूषण के कारण।

जल की भौतिक, रासायनिक तथा जीवीय विशेषताओं में हानिकारक प्रभाव उत्पन्न करने वाले परिवर्तन को जल प्रदूषण कहते हैं। जल पर्यावरण का जीवनदायी तत्व है। वनस्पति से लेकर जीव जन्तु अपने पोषक तत्वों की प्राप्ति जल के माध्यम से करते हैं। जल पृथ्वी के 70 % भाग में पाया जाता है। जीवन पानी पर निर्भर करता …

Read more

हिंदी साहित्य का काल विभाजन और नामकरण

 हिंदी साहित्य का काल विभाजन के कई आधार हो सकते हैं। कर्ता के आधार पर –प्रसाद युग, भारतेंदु युग, द्विवेदी युग।  प्रवृत्ति के आधार पर-भक्तिकाल, संतकाव्य, सूफीकाव्य, रीतिकाल, छायावाद, प्रगतिवाद। विकासवादिता के आधार पर-आदिकाल, आधुनिक काल, मध्यकाल। सामाजिक तथा सांस्कृतिक घटनाओं के आधार पर-राष्ट्रीय धारा, स्वातंत्रयोनर काल, स्वच्छंदतावाद, आदि।  यह भी पढे: हिंदी साहित्य का इतिहास : काल …

Read more

जीवन बीमा की परिभाषा इंडियन स्टैम्प एक्ट की धारा 98 (1) के अनुसार

जीवन बीमा की परिभाषा इंडियन स्टैम्प एक्ट की धारा 98 (1) में जीवन बीमा की परिभाषा इस प्रकार दी गई है:- “जीवन बीमा पॉलिसी का तात्पर्य किसी जीव या जीवों या किसी घटना या आकस्मिकता जिसका सम्बंध किसी जीव या जीवों से या के ऊपर निर्भरता से है, पर आधारित बीमा पॉलिसी से है सिवाय उन …

Read more

प्राचीन कालीन शिक्षा के मुख्य उद्देश्य क्या है ? | Education in Ancient India in Hindi

प्राचीन कालीन शिक्षा भारत का अतीत गौरवमय रहा है। यहाँ की आध्यात्मिकता ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। प्राचीन काल में शिक्षा आध्यात्मिकता पर आधारित थी। शिक्षा मुक्ति एवं आत्मबोध के साधन के रूप में व्यक्ति के लिए नहीं अपितु धर्म के लिए थी। भारत की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परम्परा विश्व के इतिहास में प्राचीनतम …

Read more

शिक्षा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background of Education)

शिक्षा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background of Education) उद्देश्य इस इकाई के अध्ययन के पश्चात् आप – – प्राचीन कालीन शिक्षा प्रणाली के उद्देश्यों को परिभाषित कर सकेगें। – प्राचीन काल की शिक्षा के स्वरूप को समझ सकेगें। – प्राचीन कालीन शिक्षा के प्रशासन तथा वित्त के बारे में बता सकेगें। – प्राचीन कालीन शिक्षा के …

Read more

शिक्षा को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारक (Geographical Factors Affecting Education)

शिक्षा को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारक (Geographical Factors Affecting Education) भौगोलिक कारक भारत एक विशाल देश है जिसमें दुर्गम रेगिस्तान, अगम्य पर्वतमालाएँ तथा भीषण जंगल है। इस भौगोलिक विविधता के परिणामस्वरूप ही शिक्षा को अनिवार्य नही बनाया जा सका। पर्वतीय क्षेत्र में आवागमन के कारण बालक एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिक्षा ग्रहण करने …

Read more

शिक्षा को प्रभावित करने वाले शैक्षिक कारक (Educational Factors Affecting Education)

शिक्षा को प्रभावित करने वाले शैक्षिक कारक (Educational Factors Affecting Education) शिक्षा जगत में प्रचलित पाठ्यक्रम प्रायः दोषपूर्ण हैं। इस पाठ्यक्रम में स्थानीय आवश्यकताओं पर कोई बल नही दिया गया है। राजस्थान में राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (SCIERT) इस कार्य को करती है। पाठ्यक्रम में पुस्तकीय ज्ञान पर बल दिया गया है। साथ …

Read more

शिक्षा को प्रभावित करने वाले आर्थिक कारक (Economic Factors Affecting Education)

शिक्षा को प्रभावित करने वाले आर्थिक कारक (Economic Factors Affecting Education) देश के अधिकांश लोग निर्धनता की सीमा रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे है। जबकि कुछ लोग वैभव, समृद्धि व भोग विलास का जीवनयापन कर रहे है। इस प्रकार की विलासिता लोगों में वैमनस्य, कटुता एवं असन्तोष उत्पन्न कर देश के लिए घातक सिद्ध हो …

Read more

शिक्षा को प्रभावित करने वाले सामाजिक कारक (Social Factors Affecting Education)

सामाजिक कारक किसी भी देश की सामाजिक परिस्थितियों वही की शिक्षा के उद्देश्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण होती है। उदाहरणार्थ – प्राचीन भारत में शिक्षा का उद्देश्य “ईश्वर प्राप्ति” था। भारत वर्ष परायण देश था। फलत: “नर से नारायण” बनने पर बल दिया जाता था। अपरा विद्या को श्रेष्ठ बतलाया गया था। युग बदला, समाज परिवर्तन …

Read more