भारत में कृषि विपणन व्यवस्था में पाए जाने वाले प्रमुख दोषों का वर्णन

कृषि विपणन से अभिप्राय कृषि उत्पाद के क्रय विक्रय से है। भारत में कृषि विपणन की जो व्यवस्था प्रचलित है। उसमें कृषक अपने उत्पाद को मेलों तथा ग्रामीण हाॅट में बेचता है। इसके अतिरिक्त नियमित मण्डियों द्वारा सरकारी खरीद भी कृषि विपणन का हिस्सा है। भारत की कृषि विपणन व्यवस्था में अनेक दोष है। जिन्हें दूर …

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क्रेडिट रेटिंग क्या होती है? What is Credit Rating?

भारत में सर्वप्रथम सन् 1987 में पहली साख क्षमता मूल्यांकन संस्था Credit Rating & Information Services of India Ltd. (CRISIL) स्थापित की गयी। वर्तमान समय इस क्षेत्र में दो अन्य संस्थायें Credit Analysis and Research Ltd. (CARE) ,oa Information and Credit Agency of India Ltd. (ICRAL) भी कार्य कर रही हैं। वर्तमान प्रतियोगी युग में प्रत्येक …

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एकाधिकार बाजार क्या है इसकी प्रमुख विशेषताएं ?

एकाधिकार अंग्रेजी भाषा का मोनोपाॅली शब्द ग्रीक शब्द के मोनोपाॅलियन (Monopolion) शब्द से लिया गया है। इसका अर्थ है बिक्री का एकमात्र अधिकार। एकाधिकार को अंग्रेजी में Monopoly के नाम से पुकारा जाता है Monopoly अंग्रेजी भाषा के दो शब्दों Mono तथा poly से मिलकर बना है। mono का अर्थ है अकेला, poly का अर्थ है …

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मनोविज्ञान के क्षेत्र और उनका वर्णन

 मनोविज्ञान के क्षेत्र 1. नैदानिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान की सबसे प्रचलित एवं प्रयुक्त शाखा, नैदानिक मनोविज्ञान है। नैदानिक मनोवैज्ञानिक का कार्य समस्या से ग्रसित लोगों को ठीक करना है ताकि वे अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में समायोजन स्थापित कर सकें। शोध निदान और उपचार नैदानिक मनोवैज्ञानिक के तीन मुख्य कार्य है- जिनकी विभिन्न विधियों के माध्यम से …

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मर्चेंट बैंकिंग क्या है ? मर्चेंट बैंकर कौन कौन से कार्य करते हैं?

प्रारम्भिक अवस्थाओं में जो छोटे छोटे व्यापारी कमीशन लेकर ऋण देने एवं दिलाने का कार्य करते थे उन्हें मर्चेंट बैंकर कहा (merchant banker) जाता था। वर्तमान मर्चेंट बैंकिंग (merchant banking) इससे कहीं अधिक परिवर्तित, परिमार्जित एवं व्यापक अवधारणा है। वर्तमान समय में मर्चेंट बैंकिंग में कम्पनियों एवं निगमों की ओर से पूंजी बाजार में सार्वजनिक निर्गमन …

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सम उत्पाद वक्र क्या है ? सम-उत्पाद वक्रों की मुख्य मान्यताएँ

उत्पादन फलन तथा उत्पादन के नियम अध्याय में हमने एक फर्म के संबंध में यह अध्ययन किया कि वह एक परिवर्तनशील साधन का अधिक प्रयोग करके अथवा सभी साधनों का अधिक प्रयोग करके अपने उत्पादन में वृद्धि करती है। इस अध्याय में हम उस फर्म के संबंध में अध्ययन करेंगे जो अपने उत्पादन का विस्तार उन …

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अभिक्षमता परीक्षण क्या है, इसके मापन और प्रकार

अभिक्षमता मानव क्षमता का एक प्रमुख अंग है। इसका तात्पर्य विभिन्न क्षेत्रों में कौशल या ज्ञान प्राप्त करने की अर्जित तथा जन्मजात योग्यता से है। इसके आधार पर व्यक्तिगत विभिन्नताओं को बताया जा सकता है। फ्रीमैन के अनुसार अभिक्षता का तात्पर्य गुणों तथा विशेषताओं के एक ऐसे संयोग से होता है जिससे विशिष्ट ज्ञान तथा संगठित …

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भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI) की स्थापना कब हुई इसके उद्देश्य और कार्य ?

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI) की स्थापना 1 जुलाई 1964 को रिजर्व बैंक की एक सहायक संस्था के रूप में की गयी थी। 1 सितम्बर 1964 से पुनर्वित्त निगम का विलय इसमें कर दिया गया तथा 16 फरवरी 1976 से यह बैंक पूर्णरूप से केन्द्रीय सरकार के नियन्त्रण में आ गया है।  औद्योगिक विकास बैंक की स्थापना …

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मांग की लोच का अर्थ एवं परिभाषा, प्रकार

किसी वस्तु की मांग, विशेष रूप से, उसकी कीमत, उपभोक्ता की आय तथा संबंधित वस्तु की कीमत पर निर्भर करती है। अतः ‘मांग की लोच’ से यह ज्ञात होता है कि किसी वस्तु की कीमत अथवा उपभोक्ता की आय अथवा संबंधित वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने से उस वस्तु की मांग की मात्रा में कितना …

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कृषि लागत और मूल्य आयोग के कार्य

करते सरकार ने झा समीति की सिफारिशों को मानते हुए 1965 में ‘कृषि मूल्य आयोग‘ का गठन किया। 1980 में इस आयोग का नाम बदलकर ‘कृषि लागत तथा मूल्य आयोग रख दिया गया। आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य सचिव, दो सरकारी सदस्यों सहित तीन गैर सरकारी सदस्य होते हैं गैर सरकारी सदस्यों में कृषक समुदाय …

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