अभिक्षमता परीक्षण क्या है, इसके मापन और प्रकार

अभिक्षमता मानव क्षमता का एक प्रमुख अंग है। इसका तात्पर्य विभिन्न
क्षेत्रों में कौशल या ज्ञान प्राप्त करने की अर्जित तथा जन्मजात योग्यता से है।
इसके आधार पर व्यक्तिगत विभिन्नताओं को बताया जा सकता है। फ्रीमैन के
अनुसार अभिक्षता का तात्पर्य गुणों तथा विशेषताओं के एक ऐसे संयोग से होता
है जिससे विशिष्ट ज्ञान तथा संगठित अनुक्रियाओ के कोशल जैसे किसी भाषा
बोलने की क्षमता, यांत्रिक कार्य करने की क्षमता का पता लगाया जा सकता है।

अभिक्षमता परीक्षण क्या है ?

मनोवैज्ञानिकों ने अभिक्षमता को मापने हेतु कुछ परीक्षण निर्मित किए है। जिन्हें अभिक्षमता परीक्षण कहते
है। अभिक्षमता परीक्षण से तात्पर्य यह है कि किसी विशिष्ट क्षेत्र में व्यक्ति की अन्तःनिहित क्षमता को मापने
के लिए बनाया जाता है। यह उपलब्धि परीक्षण से अलग होता है क्योंकि उपलब्धि परीक्षण में व्यक्ति की
विशिष्टता और निपुणता के क्षेत्र का पता प्रशिक्षण दिये जाने के बाद लगाया जाता है जबकि अभिक्षमता
परीक्षण प्रशिक्षण के पहले की स्थिति पर प्रकाश डालता है। किसी विशेष क्षेत्र में व्यक्ति के निष्पादन के बारे
में पूर्व कथन करने वाले संज्ञात्मक परीक्षण को ही अभिवृति परीक्षण कहा जाता है। कई परीक्षण है जो
पूर्णकथन का कार्य तो करते है पर संज्ञात्मक कौशल को नहीं मापते वे अभिक्षमता परीक्षण नहीं कहलाते। 

संज्ञात्मक कौशलों के मापन हेतु कुछ परीक्षण दिये गए है जैसे स्टैनफोर्ड-बिने बुद्धि मापनी,WAIS, WISC,WPPSI आदि। यदि इन परीक्षणों को व्यक्ति की क्षमता के पूर्ण कथन करने हेतु काम में लिया
जाये तो इन्हें सामान्य अभिक्षमता परीक्षण माना जायेगा परन्तु इन परीक्षणों के माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र
में ही व्यक्ति के निष्पादन के बारे में पूर्ण कथन किया जाये तो इसे विशिष्ट अभिक्षमता परीक्षण कहा जाता
है।

अभिक्षमता का मापन

अभिक्षमता परीक्षणों को उनकी प्रकृति के
अनुसार प्रमुख रूप से दो वर्गो में विभाजित किया जा सकता है।

  1. बहुअभिक्षमता परीक्षण माला
  2. विशिष्ट अभिक्षमता परीक्षण

1. बहुअभिक्षमता परीक्षण माला

इस परीक्षण माला का तात्पर्य उन
परीक्षण मालाओं से होता है जिसके द्वारा एक साथ कई क्षेत्रों में अन्तर्निहित
क्षमताओं का मापन होता है। इसके अन्तर्गत मुख्य रूप से तीन परीक्षण आते हैं।

1. विभेदी अभिक्षमता परीक्षण- इस परीक्षण का प्रयागे मुख्य रूप से नियोजन
परीक्षण में किया जाता है। ये परीक्षण व्यक्ति की विभिन्न अभिक्षमता में
विभेद को व्यक्त करने के कारण भेदक अभिक्षमता परीक्षण कहलाते हैं। इनमें
शाब्दिक बोध, आंकिक बोध, स्थानगत बोध, यांत्रिक बोध, लिपिकीय क्षमता,
स्वभावगत झुकाव से सम्बन्धित उपपरीक्षण है।

2. सामान्य अभिक्षमता परीक्षण माला- सवर्पथ््म 1962 में इसका पय्रोग सैन्य
सेवाओं में किया गया। इसमें 12 उपपरीक्षण है जिससे 9 विभिन्न कारकों का
मापन होता है। सामान्य मानसिक क्षमता (G), संख्यात्मक अभिक्षमता (N),
शाब्दिक अभिक्षमता (V), स्थानिक अभिक्षमता (S), आकार प्रत्यक्षण (P),
लिपिकीय प्रत्यक्षण (Q), पेशी समन्वय (K), अंगुली दक्षता (F) तथा हस्तचालित
दक्षता (M) है। इन सभी परीक्षणों पर आये प्राप्तांक का मानक प्राप्तांक ज्ञात
करके सामान्य अभिक्षमता का पता लगाया जाता है।

3. फ्लैनगन अभिक्षमता परीक्षण- इस परीक्षण का प्रयोग व्यवसायिक परामर्श
तथा कर्मचारी चयन में किया जाता है। इसका निर्माण फ्लैनेगन द्वारा 21
व्यावसायिक अभिक्षमताओं का मापन करने के लिए बनाया गया था। इनमें से
19 व्यवसायिक अभिक्षमता मापने के लिए शाब्दिक परीक्षण तथा अभिक्षमता
मापने के लिए क्रियात्मक परीक्षण विकसित किये गए है।

2. विशिष्ट अभिक्षमता परीक्षण

ये परीक्षण किसी विशिष्ट अभिक्षमता
का मापन करते है। विशिष्ट अभिक्षमता से तात्पर्य व्यक्ति में अन्तनिर्हित किसी
विशेष तरह की अन्तशक्ति जैसे यांत्रिकी, संगीत, कला तथा लिपिकीय अभिक्षमता
से है।

1. लिपकीय अभिक्षमता परीक्षण- इसके द्वारा व्यक्ति की लिपकीय
अभिक्षमता अर्थात किसी कार्य को तेजी से शुद्ध-शुद्ध करने की क्षमता
का मापन से होता है। माइनेसोरा लिपिकीय परीक्षण में मुख्य रूप से दो
भाग है – संख्या तुलना तथा नाम तुलना।

2. यात्रिक अभिक्षमता परीक्षण-इस परीक्षण में यांत्रिक अभिक्षमता के
प्रत्येक पहलू को मापने के लिए अलग-अलग परीक्षण का निर्माण किया
गया है।

  1. यांत्रिक सज्जीकरण परीक्षण- इस परीक्षण द्वारा मशीन के विभिन्न
    पार्ट-पुर्जो को एकत्रित करके उसे ठीक ढंग से सजाने की क्षमता का
    मापन होता है। दिये गए समय में वह जितने पार्ट पुर्जो को सही ढंग से
    सजाता है उसके प्राप्तांक के आधार पर यांत्रिक अभिक्षमता की पता
    चलता है। माइनेसोटा सज्जीकरण परीक्षण प्रमुख है।
  2. सूचना परीक्षण- इसमें मशीन के सचं ालन के बारे में व्यक्ति के मन में
    संचित सामान्य सूचनाओं के बारे में ज्ञान प्राप्त होता है। यह प्रशिक्षु
    यान्त्रिकों के चयन में अत्यन्त उपयोगी होता है। ओरोके यांत्रिक अभिक्षमता
    परीक्षण प्रमुख परीक्षण है। जिसके दो भाग है – स्क्रूड्राइवर एवं बहु-विकल्प
    एकांश
  3. यांत्रिक तर्कणा परीक्षण- इसमें यात्रिक परिस्थितियों में चिन्तन
    करके किसी विशेष निष्कर्ष पर पहुंचने की क्षमता का मापन होता है।
    विनेट यांत्रिक बोध परीक्षण प्रमुख यांत्रिकी परीक्षण है।
  4. दक्षता परीक्षण- इस परीक्षण में हाथ अंगुली आदि का प्रयागे
    करने की दक्षता का माप होता है। यांत्रिक पेशों में इसकी आवश्यकता
    होती है। इस परीक्षण का क्रियान्वयन वैयक्तिक रूप से किया जाता है।
    इसमें बिनेट हैण्डटूल दक्षता परीक्षण प्रमुख है। 
  5. स्थानिक सम्बन्ध परीक्षण- इसमें वस्तुओं का सही स्थिति में होने के
    प्रत्यक्षण की क्षमता में इसकी जरूरत होती है। माइनेसोटा पेपर फार्म बोर्ड
    परीक्षण प्रमुख स्थानिक सम्बन्ध परीक्षण है।

3. संगीतिक अभिक्षमता परीक्षण- इसका प्रयागे व्यक्ति की संगीत अभिक्षमता
के मापन के लिए किया जाता है। सीशोर संगीत प्रतिभा परीक्षण में श्रवण
विभेदन के छह (6) पहलुओं का ध्वनि लेख रिकार्ड व्यक्ति को सुनाया
जाता है उसे विभेद कर सही बताना होता है यह छह पहलू – तारत्व,
प्रबलता, समय, ध्वनिरूप, लय तथा ध्वनिक स्मृति है।

4. कलात्मक अभिक्षमता – परीक्षण में कलात्मक अभिक्षमता के दो पहलुओं का
मापन होता है – सौन्दर्य संवेदी निर्णय तथा सौंदर्य संवेदी उत्पादन।
सौन्दर्य संवेदी निर्णय के लिए मायर आर्ट निर्णय परीक्षण का प्रयोग होता
है। सौन्दर्य संवेदी उत्पादन में हार्न आर्ट अभिक्षमता आविष्कारिका का
प्रयोग होता है।

अभिक्षमता परीक्षण के प्रकार

अभिक्षमता परीक्षण तीन प्रकार के होते हैं:-

  1. सामान्य अभिक्षमता परीक्षण 
  2. भेदक अभिक्षमता परीक्षण 
  3. विशिष्ट अभिक्षमता परीक्षण 

1. सामान्य अभिक्षमता परीक्षण – इसके द्वारा सामान्य कायक्षमता का मापन किया जाता है। सामान्य अभिक्षमता परीक्षण प्राय: व्यक्ति की सामान्य बुद्धि, मानसिक योग्यता या सीखने की योग्यता का मापन करते हैं। इस वर्ग में सामान्य बुद्धि परीक्षण या मानसिक योग्यता परीक्षण जैसे सामान्य प्रकृति के मापन उपकरण रखे जाते हैं।

2. भेदक अभिक्षमता परीक्षण – इस प्रकार के अभिक्षमता परीक्षण में अनेक परीक्षणों का समूह होता है। प्रकार के परीक्षण होते हैं। ये विभिन्न परीक्षण या उप-परीक्षण व्यक्ति की भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की अभिक्षमताओं केा इंगित करती है। जिन पर व्यक्ति के द्वारा प्राप्त अंकों का तुलनात्मक अध्ययन करके व्यक्ति की अधिक अभिक्षमता वाले क्षेत्रों केा ज्ञात कर लिया जाता है। ये परीक्षण व्यक्ति की विभिन्न अभिक्षमताओं में विभेद करता है। इसलिये इसे भेदक अभिक्षमता परीक्षण्k (Differential Aptitude Test) कहते हैं। 
इस प्रकार के परीक्षण में मुख्यत: शाब्दिक बोध, आंकिक बोध, यान्त्रिक बोध, लिपिकीय क्षमता आदि से सम्बन्धित उप-परीक्षण होते हैं।विभदेक अभिक्षमता परीक्षण (DAT), सामान्य अभिक्षमता परीक्षण बटै री (GATB), अभिक्षमता सर्वेक्षण (A.S.) तथा अभिक्षमता वर्गीकरण परीक्षण (ACT) आदि कुछ प्रमुख विदेशी अभिक्षमता परीक्षण है।
3. विशिष्ट अभिक्षमता परीक्षण – किसी विशिष्ट क्षेत्र में व्यक्ति की अभिक्षमता का मापन करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। विशिष्ट क्षेत्रों में यान्त्रिक, संगीत, शिक्षण व चिकित्सा के क्षेत्र में योग्यताएं आती हैं। इसके लिए यान्त्रिक अभिक्षमता परीक्षण, संगीत अभिक्षमता परीक्षण, शिक्षण अभिक्षमता परीक्षण तथा चिकित्सीय अभिक्षमता परीक्षणों का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए कुछ विदेशी परीक्षण  है-

  1. होर्न कला अभिक्षमता सूची
  2. मियर कला परीक्षण
  3. ग्रेवस डिजाइन निर्णय परीक्षण
  4. संगीत अभिक्षमता प्रोफाइल
  5. सीषोर का संगीत प्रतिभा परीक्षण
  6. विंग का संगीत बुद्धि प्रमापीकृत परीक्षण
  7. मिनिसोटा लिपिकीय परीक्षण
  8. बेनेट के यान्त्रिक बोध के परीक्षण

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