नवपाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं

नवपाषाण शब्द उस काल को सूचित करता है जब मनुष्य को धातु के बारे में जानकारी नही थी। परन्तु उसने स्थायी निवास, पशु-पालन, कृषि कर्म, चाक पर निर्मित मृदभांड बनाने शुरू कर दिए थे। इस काल की जलवायु लगभग आज कल के समान थी इसलिए ऐसे पौधे पैदा हुए जो लगभग आज के गेंहू तथा जौ …

Read more

पुरापाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं

पुरापाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं मानव ने अपनी आवश्यकता के अनुरूप औजार बनाने की प्रक्रिया संभवत: लकड़ी तथा अन्य कार्बनयुक्त पदार्थ के औजार बनाने से शुरू की जो आज उपलब्ध नहीं है। परन्तु जब उसने पाषाण उपकरण बनाने शुरू किए तब से हमें पुरातात्विक प्रमाण उपलब्ध होने लगे। ये उपकरण मानव ने अपनी जरूरतों के अनुसार …

Read more

वैयक्तिक विक्रय क्या है अनेक विद्वानों एवं प्रमुख संस्थाओं द्वारा वैयक्तिक विक्रय को परिभाषित किया गया है

वैयक्तिक विक्रय विक्रयकला से विस्तृत अवधारणा है। यह विपणन के अन्य तत्त्वों जैसे मूल्य निर्धारण, विज्ञापन, उत्पाद विकास तथा अनुसन्धान तथा वस्तुओं के भौतिक वितरण को लागू करने का एक साधन है। विक्रय कला वैयक्तिक विक्रय का एक पहलू है। यह वैयक्तिक विक्रय में प्रयोग की जाने वाली कला कौशल है।  स्टिल एवं कनडिफ के अनुसार, …

Read more

खाद्य परिरक्षण किसे कहते हैं खाद्य परिरक्षण का एक महत्त्वपूर्ण सिद्धांत है।

खाद्य परिरक्षण वह है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को उनकी सही तथा अच्छी अवस्था में ही काफी लम्बे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। एक अति सरल उदाहरण लें-दूध का उबलना। हम दूध क्यों उबालते हैं? इसे लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के लिए। आप जानते हैं कि दूध को उबाल देने से दूध लम्बे …

Read more

ओगबर्न और निमकोफ ने परिवार के कार्य को छह श्रेणियों में विभाजित किया। ये छह श्रेणियां हैं:

परिवार के प्रकार्य की परिवार की संरचना पर निर्भर करते हैं और इसी तरह स्वयं समाज की प्रकृति भी परिवार के प्रकार्यों को निर्धारित करती है। आदिम समाज में परिवार के जो प्रकार्या होते हैं वे निश्चित रूप से औद्योगिक समाज के परिवारों से भिन्न होते हैं। आदिम समाज के परिवार में श्रम विभाजन बहुत थोड़ा …

Read more

हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना की विशेषताओं की विवेचना

हड़प्पा की सभ्यता, जिसे सिंधु घाटी की सभ्यता भी कहते हैं। हड़प्पा की सभ्यता की खोज 1920.22 में की गई थी, जब इसके दो बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थलों पर खुदाई की गई थी। ये स्थान थे, रावी नदी के किनारे बसा हड़प्पा और सिंधु नदी के किनारे बसा मोहनजोदड़ो। पहले स्थान की खुदाई की गई थी …

Read more

उपपुराण के नाम एवं उपपुराण की संख्या

पुराणों की भांति उपपुराणों की भी गणना की गयी है। विद्वानों का विचार है कि पुराणों के बाद ही उपपुराणों की रचना हुई है, पर प्राचीनता अथवा मौलिकता के विचार से उपपुराणों की महत्ता पुराणों के समान है। उपपुराणों में स्थानीय सम्प्रदाय तथा पृथक् पृथक् सम्प्रदायों की धार्मिक आवश्यकता पर अधिक बल दिया गया है।  उपपुराणों …

Read more

18 पुराणों के नाम और सभी पुराणों का संक्षिप्त परिचय

यास्क के निरुक्त के अनुसार, ‘पुराण’ की व्युत्पत्ति है- ‘पुरा नव’ भवति अर्थात् जो प्राचीन होकर भी नया होता है। इन व्युत्पत्तियों की मीमांसा करने से स्पष्ट होता है कि ‘पुराण’ का वर्ण्य विषय प्राचीनकाल से सम्बद्ध था। प्राचीन ग्रन्थों में पुराण का सम्बन्ध ‘इतिहास’ से इतना घनिष्ठ है कि दोनों सम्मिलित रूप से ‘इतिहास-पुराण’ नाम …

Read more

एक्यूप्रेशर चिकित्सा का इतिहास || Acupressure in Hindi

Acupressure एक्यूप्रेशर चिकित्सा वह पद्धति है जिससे पैरो, हाथों व चेहरे के कुछ खास केन्द्रों पर दबाव डाला जाता है इन केन्द्रों को Respopnse Center या Reflex Center भी कहते है हिन्दी में इसे प्रतिबिम्ब केन्द्र कहते है। रोग की अवस्था में इन केन्द्रो पर जब प्रेशर देते है तो वहाँ पर बहुत तेज दर्द होता …

Read more

वामपंथी आंदोलन क्या है

भारत में वामपंथी आंदोलन का उद्भव बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुआ। सन् 1917 ई. में हुई रूस की साम्यवादी राज्यक्रांति की सफलता ने भारतीय उग्र राष्ट्रवादियों की भावना को समाजवाद की आरे मोड़ दिया। असहयोग आंदोलन की असफलता ने उनके इस विचार को दृढ़ता प्रदान की। प्रथम महायुद्ध के पश्चात् बढ़ती हुई मंहगाई और बेरोजगारी …

Read more