इतिहास का अर्थ, परिभाषा एवं वर्गीकरण

इतिहास (History) की व्युत्पत्ति जर्मन शब्द ‘गेस्चिचटे’ से मानी जाती है, जिसका अर्थ है विगत घटनाओं का विशेष एवं बोधगम्य विवरण। इति-ह-आस में अंतिम शब्द अधिक महत्व रखता है, क्योंकि इसका उल्लेख प्राचीन वाडग़्मय में बहुत स्थानों पर हुआ है। ‘इतिहास’ शब्द तीन शब्दों से मिल कर बना है ‘इति-ह-आस’। जिसका अर्थ है- ‘निश्चित रूप से …

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हिंदू धर्म के कौन कौन से ग्रंथ हैं?

हिन्दू धर्म भारत में 5000 वर्ष पूर्व आर्यों के आगमन के समय से माना गया है । हिन्दू धर्म को वैदिक धर्म भी कहा गया । भारत में सबसे अधिक हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं । हिन्दू धर्म की अपनी मान्यताएँ और विचार धराएँ हैं जो इसके वेदों, रचना, पुराणों और महाग्रंथों में …

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वुड के घोषणा पत्र के प्रमुख उद्देश्य जो उसने अपनी प्रस्तावना में लिखे हैं

1853 के वर्ष को आधुनिक भारतीय शिक्षा के विकास की ‘किशोरावस्था’ की संज्ञा प्रदान की जा सकते है, क्योंकि इस वर्ष में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के आज्ञा-पत्र के नवीनीकरण (Renewal) के समय ब्रिटिश पार्लियामेन्ट ने भारत में कम्पनी द्वारा किये गये शिक्षा प्रयासों को और अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया। यद्यपि इसमें भी उनके साम्राज्यवादी …

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मैकॉले का विवरण पत्र 1813 के आज्ञा-पत्र के सन्दर्भ में 43वीं धारा की विवेचना एवं व्याख्या

लॉर्ड मैकॉले (Lord Macaulay) एक सुयोग्य शिक्षाशास्त्री, राजनीतिज्ञ एवं कुशल प्रशासक था। वह अंग्रेजी साहित्य का प्रकाण्ड विद्वान था। वह ओजस्वी लेखक एवं वक्ता भी था। उसने 10 जून, 1834 को गर्वनर जनरल की काउन्सिल के कानूनी सदस्य (Legal Advisor) के रूप में कार्य करना प्रारम्भ किया था। वह ऐसे समय में भारत में इस दायित्व, …

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रोमन साम्राज्य (सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक जीवन)।

प्राचीन धारणाओं के अनुसार रोम की स्थापना रोमुलस तथा रमेस नामक दो जुडवां भाइयों ने की थी। रोमन कवि विरजिल (virgil) ने भी इससे मिलती-जुलती कहानी अपनी कविता इनीउहद (Aeneid) में बताई है कि ट्रोजन का नायक जब ट्राय (Troy) से विध्वंश होने के बाद अपने पिता को अपनी पीठ पर उठा कर ले गया तथा …

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यूनानी सभ्यता (सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक जीवन)

यूनान एक पहाड़ी प्रायद्वीप है, जो पूर्वी भूमध्यसागर पर स्थित है। पहाडी क्षेत्र होने के कारण यहां का एक चौथाई भाग ही कृषि योग्य है। इसका तट चारों तरफ से पहाडियों द्वारा कटा-फटा होने के कारण यहां पर कई अच्छी बन्दरगाहें स्थित होने तथा एशिया और अफ्रीका के समीप होने के कारण यहां के नागरिक बैबीलोन, …

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मिस्र सभ्यता की लिपि कौन सी थी ?

मिस्र को अकसर नील नदी का तोहफा कहते हैं, जो बिल्कुल सही है। हर साल नदी में बाढ़ आती और उसके किनारे जनमग्न हो जाते। वहां गाद की एक मोटी तह जमा हो जाती, जो जमीन को बेहद उपजाऊ बना देती। इस तरह वहां बारिश नही के बराबर होने के बावजूद किसान अच्छी फसल उपजाते। प्राचीन …

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मेसोपोटामिया सभ्यता की विशेषताएं

मेसोपोटामिया का शाब्दिक अर्थ है, नदियों के बीच की जमीन। यह दजला और फरात नदियों के बीच स्थित थी और आधुनिक नाम इराक है । इन नदियों मे अक्सर बाढ़ आ जाया करती थी। इस प्रक्रिया में उनके किनारों पर ढेर सारी मिट्टी और गाद जमा हो जाती थी। यह किनारों के पास की जमीन को …

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भारत में औद्योगिक विकास की शुरुआत कब से हुई?

भारत में आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रारंभ मुंबई में प्रथम सूती कपड़े की मिल की स्थापना (1854) से हुआ। इस कारखाने की स्थापना में भारतीय पूँजी तथा भारतीय प्रबंधन ही मुख्य था। जूट उद्योग का प्रारंभ 1855 में कोलकाता के समीप हुगली घाटी में जूट मिल की स्थापना से हुआ जिसमें पूँजी एवं प्रबंध-नियन्त्रण दोनो विदेशी …

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ताम्र पाषाण काल और उसकी प्रमुख विशेषताएं

नवपाषाण काल में कृषि की शुरूआत के साथ ही मानव के जीवन में स्थायित्व आ गया था और साथ ही उसने पशुपालन की भी शुरूआत कर दी थी। इस काल का मानव अब खाद्य संग्रहकर्ता से खाद्य-उत्पादनकर्ता बन गया था। कृषि कर्म में प्राय: स्त्रियां संलिप्त रहती थी तथा शिकार मे पुरूष संलग्न थे। हांलाकि कृषिकर्म …

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