यूरोप में उपनिवेशवाद के आरंभ के कारण थे

1453 ई. में तुर्कों द्वारा कुस्तुनतुनिया पर अधिकार कर लेने के पश्चात् स्थल मार्ग से यूरोप का एशियायी देशों के साथ व्यापार बंद हो गया। अत: अपने व्यापार को निर्बाध रूप से चलाने हेतु नये समुद्री मार्गों की खोज प्रारंभ हुई। कुतुबनुमा, गतिमापक यंत्र, वेध यंत्रों की सहायता से कोलम्बस, मैगलन एवं वास्काेि डगामा आदि साहसी …

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यूरोप में धर्म सुधार आंदोलन के कारण

महात्मा ईसा द्वारा संस्थापित ईसाई धर्म के विभाजन की कहानी बहुत पुरानी है। उनकी मृत्यु के तीन-चार सौ वर्षों के बाद ही ईसाई धर्म दो शाखाओं-रोमन कैथोलिक चर्च और ग्रीक ओर्थोडक्स चर्च में विभाजित हो गया था। यूरोप में रूस तथा बाल्कन क्षेत्र के अलावा अन्य सभी राज्यों में रोमन कैथोलिक चर्च का वर्चस्व कायम रहा। उसका …

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यूरोप में पुनर्जागरण के इन कारणों को इसके लिए उत्तरदायी माना जा सकता है –

पुनर्जागरण एक फ़्रेंच शब्द (रेनेसां) है, पुनर्जागरण का शाब्दिक अर्थ है – ‘फिर से जागना’। इसे ‘नया जन्म’ अथवा ‘पुनर्जन्म’ भी कह सकते हैं। परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से इसे मानव समाज की बौद्धिक चेतना और तर्कशक्ति का पुनर्जन्म कहना ज्यादा उचित होगा। प्राचीन यूनान और रोमन युग में यूरोप में सांस्कृतिक मूल्यों का उत्कर्ष हुआ था। …

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यूरोप में सामंतवाद के पतन के कारणों की विवेचना

सामंतवाद एक ऐसी मध्ययुगीन प्रशासकीय प्रणाली और सामाजिक व्यवस्था थी, जिसमें स्थानीय शासक उन शक्तियों और अधिकारों का उपयोग करते थे जो सम्राट, राजा अथवा किसी केन्द्रीय शक्ति को प्राप्त होते हैं। सामाजिक दृष्टि से समाज प्रमुखता दो वर्गों में विभक्त था- सत्ता ओर अधिकारों से युक्त राजा और उसके सामंत तथा अधिकारों से वंचित कृषक …

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इतिहास का अर्थ, परिभाषा, विषय क्षेत्र, अध्ययन का महत्व

इतिहास न केवल भूतकाल से सम्बन्धित है वर्तमान और भविष्य से भी इसका सम्बन्ध है। अतीत (भूतकाल) की घटनाओं से हम वर्तमान में प्रेरणा लेकर भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त करते हैं या भविष्य के प्रति सजग रहते हैं। इतिहास पृथ्वी के धरातल पर घटित सभी घटनाओं का द्योतक है जो चाहे राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक अथवा …

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बहमनी साम्राज्य के शासक \\ बहमनी साम्राज्य के पतन के कारण

बहमनी साम्राज्य की स्थापना दक्षिण भारत में मुहम्मद तुगलक के खिलाफ विद्रोह से हुई । 1347 ई. में हसन गंगु, अलाउद्दीन बहमनशाह के नाम से गद्दी पर बैठा और दक्षिण में मुस्लिम राज्य की नींव रखी । यह मुस्लिम राज्य भारत में बहमनी साम्राज्य के नाम से प्रसिद्ध हुआ । बहमनी साम्राज्य के शासक 1. अलाउद्दीन …

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विजयनगर साम्राज्य का पतन \ Decline of Vijaynagar Empire

विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर प्रथम तथा बुक्काराय थे । उन्होंने सल्तनत की कमजोरी का फायदा उठाकर होयसल राज्य का (आज का तैमूर) हस्तगत कर लिया तथा हस्तिनावती (हम्पी) को अपनी राजधानी बनाया । इस साम्राज्य पर राजा के रूप में तीन राजवंशों ने राज्य किया – संगम वंश,  सालुव वंश,  तुलव वंश । विजयनगर साम्राज्य का …

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वाकाटक वंश का इतिहास \ History Of Vakataka Dynasty

वाकाटक राज्य प्राचीन दक्षिण भारत का एक मजबूत राज्य था। तीसरी शताब्दी ई0 से छठी शताब्दी तक दक्षिण भारत में जिन राजवंशों का उदय हुआ, उनके वाकाटक राजवंश सर्वश्रेष्ठ था।’’ उत्तर भारत में सबसे शक्तिशाली गुप्त साम्राज्य के साथ-साथ दक्षिण भारत में वाकाटक साम्राज्य बना रहा। वाकाटक प्रारंभ में सातवाहनों के सामन्त थे। वाकाटकों का प्रारंभ …

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हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों का वर्णन \\ हड़प्पा सभ्यता का अंत कैसे हुआ?

भारत में कांस्य युगीन सभ्यता सिंधु घाटी और इसके अगल-बगल के क्षेत्रों में विकसित हुई। इसे इसके सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शहरों में से एक शहर हड़प्पा के नाम से हड़प्पा सभ्यता कहते हैं; इसे विस्तृत सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहा जा सकता है। इस सभ्यता के नगर 1920 के दशक में तब प्रकाश में आए, जब पुरातत्वविदों …

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