स्वामी विवेकानंद का वेदांत दर्शन

स्वामी विवेकानन्द का जन्म १२ जनवरी १८६३ को कलकत्ता में हुआ था। उनका बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त था। उनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकील थे। उनकी माता भुवनेश्वरी देवी अत्यन्त धर्मपरायण महिला थीं। बचपन से ही नरेन्द्र एक कुशाग्र बुद्धि एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के बालक थे। छात्र जीवन में उन्होंने विशेषकर …

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पेरिस शांति सम्मेलन क्यों बुलाया गया इसके क्या कार्य थे?

11 नवम्बर, 1918 ई. को प्रथम महायुद्ध की विराम संधि पर मित्र राष्ट्रों के सेनापति मार्शल फॉच एवं जर्मन प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये। प्रथम विश्वयुद्ध में एक ओर अत्यधिक आर्थिक हानि हुई तो दूसरी ओर भारी संख्या में नरसंहार हुआ। इस कारण विश्व के सभी देश शांति स्थापना की ओर अग्रसर हुए। जर्मनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति …

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जर्मनी में वाइमर गणतंत्र की स्थापना और उसकी असफलता के कारण

पेरिस शांति सम्मेलन में 230 पृष्ठों का पन्द्रह भागों में विभक्त वर्साय संधि का अत्यन्त कठोर एवं अपमानजनक मसौदा जर्मन प्रतिनिधि काउंट फाॅन ब्राकडार्फ रान्टाजू के सम्मुख रखा गया। तत्कालीन जर्मनी की शिडेमान सरकार ने संधि को अस्वीकार कर त्यागपत्र दे दिया। तब जर्मनी में नयी सरकार बनी जिसका प्रधानमंत्री गुस्टावजीर एवं विदेश मंत्री मूलर था। …

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फासीवाद के प्रमुख सिद्धांत

बेनिटो मुसोलिनी का जन्म सन् 1883 में हुआ था। उसका पिता समाजवादी विचारधारा का समर्थक था, इसलिए मुसोलिनी भी अपने पिता के विचारों से प्रभावित हुआ था। उसकी माता अध्यापनकार्य करती थीं। उनकी प्रेरणा से मुसोलिनी ने भी एक छोटे स्कूल में अध्यापन प्रारंभ कर दिया। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह स्विट्जरलैण्ड चला गया। …

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संचार व्यवस्था क्या है इसके दो प्रमुख अवयव ?

संचार व्यवस्था विचारों, सूचनाओं  और अभिवृत्तियो को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के माध्यमों को संचार व्यवस्था कहा जाता है । टेलीफ़ोन, टेलीग्राफ टेलीप्रिन्टर, फैक्स, रेडियो¨, टेलीविजन आदि सभी साधन जन संचार माध्यम के अन्तर्गत आते है ।  यहां हम प्रमुख जन संचार माध्यमों की चर्चा करेंगे निम्नलिखित …

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तारीख-ए-फिरोजशाही क्या है? इसका संक्षिप्त वर्णन

तारीख-ए-फिरोजशाही का लेखक जियाउद्दीन बरनी था। बरनी का जन्म बल्वन के राज्यकाल में 684 हिस. 1285-86 ई. में हुआ था। वह तुगलक वंश के समकालीन था। तारीख-ए-फिरोजशाही जियाउद्दीन बरनी की प्रसिद्ध रचना है। इसे उसने 758 हि.स.,1357 ई. में पुरा किया। इसमें बल्वन के सिहासनारोहण 1265 ई. से लेकर फिरोजशाह के छठे बर्ष तक का इतिहास …

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मुगल साम्राज्य की आय और उसके साधन

मुगलकाल में शासकों के साथ साम्राज्य की आय एक समान न होकर सदा घटती-बढ़ती रहती थी। अकबर और उसके उŸाराधिकारी के दरबारी इतिहास उनके काल की घटनाओं का विस्तृत वर्णन देते है, किन्तु उन्होंने न तो विभिन्न करों से होने वाली आय को अलग-अलग बताया है और न विभिन्न वर्षों की अपेक्षित तथा वास्तविक आय के …

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अभिलेखागार क्या है ? भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार की स्थापना कब हुई?

अभिलेखागार शब्द यूनानी भाषाओं के आर्कियोन (Archaeon) से निकला है, जिसका अर्थ है सार्वजनिक कार्यालय या टाउन हाल। अभिलेखागारों में सभी सरकारी, गैर-सरकारी अभिलेख इकट्ठा रहते हैं। इनमें हाथ का लिखा हुआ पाण्डुलिपियां, ब्रिटिश कालीन अभिलेख, पत्र, अखबार, मानचित्र, योजनाएं, डायरियां, फोटोग्राफ, कतरने, कानूनी दस्तावेज, रेखांकनों की फोटो काॅपी की गई सामग्री एवं माइक्रोफिल्म पर उतारी …

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बंगाल में द्वैध शासन व्यवस्था क्या थी? बंगाल में द्वैध शासन की शुरुआत किसने की

बंगाल विजय के बाद इलाहाबाद की संधि से मुगल सम्राट शाहआलम से अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हो गई। दीवानी से अभिप्राय है भूमिकर वसूल करना और भूमि-कर सम्बन्धी दीवानी मुकदमों का निर्णय करना। बंगाल के नवाब नजमुद्दौला से अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की निजामत भी प्राप्त हो गई थी। …

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प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण, घटनाएं, महत्व

प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण  प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध कंपनी की मद्रास सरकार द्वारा दक्षिण की राजनीति में सक्रिय भाग लेने के कारण हुआ। अंग्रेजों ने बंगाल में सरलता से आशा से अधिक सफलता प्राप्त की थी। मद्रास सरकार भी दक्षिण में अंग्रेजी राज्य के विस्तार की आशा से निजाम और मराठों द्वारा हैदरअली के विरूद्ध निर्मित गुट …

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