पाषाण काल किसे कहते हैं पाषाण काल कितने प्रकार के होते हैं?

जिस काल में पत्थर का प्रयोग किया जाता था उसे पाषाणकाल कहा जाता है । पाषाणकाल, मानव के उद्भव एवं विकास का काल है। मानव के प्रारंभिक काल के विषय में जो पुरात्विक साक्ष्य मिलते हैं उनमें पाषाण निर्मित उपकरणों की अधिकता के कारण ही इसे पाषाणकाल कहा जाता है।  पाषाणकाल के प्रकार भारतीय पुरातत्वविदों ने …

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हीनयान और महायान क्या है ? हीनयान सम्प्रदाय, महायान सम्प्रदाय से क्यों अलग था ?

कुषाण राजवंश में कनिष्क के सत्तारूढ़ होने तक बौद्ध मतानुयायियों की संख्या बहुत अधिक हो चुकी थी। बौद्ध धर्म के प्राचीन स्वरूप में परिवर्तन लाना जरूरी हो गया। कुछ रूढि़वादी लोग बौद्ध धर्म के प्राचीन आदर्शों को ज्यों का त्यों बनाये रखना चाहते थे और वे उसके स्वरूप में किसी प्रकार का परिवर्तन अथवा सुधार नहीं …

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जैन धर्म के सिद्धांत क्या है? » Jain Dharam Ke Siddhant Kya Hai

जैन धर्म और साहित्य के अनुसार कुल 24 तीर्थंकर हुए है। जैन अनुश्रुति के अनुसार जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थकर थे । महावीर का जन्म 599 ई.पू. वैशाली के समीप कुण्डग्राम में हुआ था । तीस वर्ष की कठोर तप के उपरान्त उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई …

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भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत कौन कौन थे?

भक्ति आंदोलन के प्रचारक आध्यात्मिक संत थे जिनके विचार कई प्रकार से समान थे। उनमें से अधिकांश ने मूर्तिपूजा का विरोध किया। वे केवल एक ईश्वर को मानते थे परंतु एक ही ईश्वर को राम, कृष्ण, शिव, अल्लाह आदि के कई नामों से पुकारते थे।  भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत कौन …

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भारत के प्रमुख सूफी सम्प्रदाय एवं उसके संस्थापक

कुछ विद्वानों का यह भी विचार है कि सूफी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द सोफिया से हुई जिसका अर्थ ज्ञान है। एक मत यह भी है कि मदीना के मुहम्मद साहब द्वारा बनाई मस्जिद के बाहर सफा अर्थात मक्के की एक पहाड़ी पर जिन व्यक्तियों ने शरण ली तथा खुदा की आराधना में लगे …

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प्रार्थना समाज की स्थापना के क्या उद्देश्य थे?

बंगाल से प्रारंभ समाज सुधार की लहर महाराष्ट्र प्रांत में भी आई, जहाँ 31 मार्च 1867 ई. में ब्रहा समाज से प्रभावित डाॅ. आत्माराम पांडुरंग (1823-98) द्वारा उद्घाटित और केशवचंद सेन द्वारा प्रेरित प्रार्थना समाज का जन्म हुआ। इसकी सफलता का श्रेय महादेव गोविन्द रानाडे को जाता है, जो इसकी स्थापना के दो वर्ष बाद प्रसिद्ध …

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बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य

गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध हैं । जिनका जन्म नेपाल की तराई में कपिलवस्तु के समीप लुम्बिनी गाँव में हुआ । बुद्ध ने जो उपदेश और शिक्षा दी वह बौद्ध धर्म के नाम से जानी जाती है । भारत में बौद्ध धर्मावलम्बियों की संख्या करीब 60.30 लाख है जो कुल जनसंख्या का 0.77 प्रतिशत …

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गांधार शैली क्या होती है? गांधार शैली की विशेषताएं

कुषाणों के शासन काल में आचार-व्यवहार एवं संस्कृति के आदान-प्रदान द्वारा भारतीय संस्कृति को नया आयाम मिला। शक – कुषाण काल में गांधार प्रदेश में ग्रीक कलाकारों ने अपनी शैली से जिन भारतीय विषयों एवं प्रतीकों का कलात्मक रूपायन किया, उसे ही गांधार शैली कहा जाता है। गांधार शैली की मूर्तियां काबुल से खुतान तक उपलब्ध …

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योग दर्शन का परिचय | Yog Darshan Ka Parichay

‘दर्शन’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के ‘दृश’ धातु से हुई है, जिसका अर्थ है देखना। दर्शन शब्द का अर्थ है “दृश्यते अनेन इति दर्शनम् ” जिसके द्वारा देखा – जाय तो वह दर्शन है, अर्थात वस्तु का वास्तविक स्वरूप जाना जाय वह दर्शन है । वेदों में बतलाये गये ज्ञान की मीमांसा दर्शन शास्त्रों में …

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भक्ति आंदोलन के उदय के क्या कारण थे भारतीय समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?

भक्ति आन्दोलन का प्रारम्भ सर्वप्रथम दक्षिण भारत में हुआ और उसके उपरान्त यह आन्दोलन उत्तर भारत में शुरू हुआ। इसके उपरान्त धीरे-धीरे यह आन्दोलन सम्पूर्ण भारत में फैल गया। रामानुाचार्य के पश्चात् भक्ति आन्दोलन का विकास तीव्रगति से हुआ। और भारत के प्रायः सभी भागों में सन्तों की मधुर वाणी गुंजार उठी। पंजाब में गुरुनानक ने …

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