भ्रमरगीत का क्या अर्थ है? सूरदास के भ्रमरगीत की विशेषताएं

भ्रमरगीत का शाब्दिक अर्थ है- भ्रमर का गान अथवा गुंजन। भ्रमरगीत काव्य परम्परा का मूल एवं आधारभूत ग्रंथ श्रीमद्भागवत है। भागवत में कृष्ण कथा के अन्य प्रसंगों के साथ 47वें अध्याय में भ्रमरगीत का प्रसंग आया है। इसमें भ्रमरगीत का प्रारम्भ श्रीकृष्ण के गोकुल लीला के स्मरण से होता है। उन्हें बचपन के ग्वाल’- बाल सखाओं …

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घनानंद का जीवन परिचय, प्रमुख रचनाएं, भावपक्ष, कला पक्ष

घनानंद रीतिकाल की रीतिमुक्त स्वच्छन्द काव्यधारा के सुप्रसिद्ध कवि है। आचार्य शुक्ल के मतानुसार इनका जन्म सवंत् 1746 में दिल्ली में हुआ था। घनानंद की मृत्यु के बारे में विद्वानों के दो प्रकार के मत है। प्रथम मत के अनुसार नादिरशाह के आक्रमण के समय मथुरा में सैनिकों द्वारा प्रथम प्रश्नपत्र घनानंद की मृत्यु हुई। किन्तु …

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रजिया सुल्तान कौन थी रजिया की मृत्यु कैसे हुई?

रजिया सुल्तान, इल्तुतमिश की योग्य पुत्री थी। अल्तमश ने अपने किसी भी पुत्र को गद्दी के उपयुक्त नहीं समझा था । इसलिए उसने अपनी पुत्री रजिया को मनोनीत किया । अल्तमश की मृत्यु के बाद कुछ अमीरों ने उसके सबसे बड़े बेटे रूकनुद्दीन को गद्दी पर बैठाया । तथापि रजिया ने दिल्ली की जनता और कुछ …

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गयासुद्दीन बलबन कौन था ? बलबन के बाद दिल्ली की गद्दी पर कौन बैठा?

गयासुद्दीन बलबन इलबरी तुर्क था। बचपन में मंगोलों ने पकड़कर इसे गुलाम के रूप में बेच दिया। अपनी योग्यता के बल पर बलबन उन्नति करता गया तथा इल्तुतमिश के ‘‘चालीसा’’ का सदस्य बनने में सफल हो गया। रनासिरूद्दीन की मृत्यु के बाद बलबन दिल्ली की गद्दी पर बैठा।  जिस समय बलबन गद्दी पर बैठा उसकी स्थिति …

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मंगोल कौन थे ? मंगोलो की पराजय के क्या कारण थे?

मंगोल जाति, मंगोलिया की बहादुर तथा लड़ाकू जाति थी। उन्होंने मध्य एशिया में आतंक मचा रखा था। मंगोलों ने मध्य एशिया के मुस्लिम राज्यों को छिन्न-भिन्न कर दिया और अफगानिस्तान, गजनी तथा पेशावर पर अधिकार कर लिया। उसके परिणामस्वरूप दिल्ली सल्तनत की पश्चिमी सीमाएं सुरक्षित नहीं रही। दिल्ली सुल्तानों के सामने पश्चिमी सीमा की सुरक्षा की …

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वस्तुनिष्ठ परीक्षण की विशेषताएं एवं सीमाएं

वस्तुनिष्ठ परीक्षण से तात्पर्य ऐसे परीक्षण से है जिसमें प्रश्नों के उत्तर के रूप में कुछ विकल्प दिये जाते हैं और उत्तरदाता को सही विकल्प का चयन उत्तर के रूप में करना होता है अथवा कथन में रिक्त स्थान दिया जाता है, इनकी पूर्ति कर वाक्य या कथन पूर्ण करना होता है अथवा निश्चित शब्द के …

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प्रतिभाशाली बालक की पहचान एवं विशेषताएं

प्रतिभाशाली बालक सामान्य बालकों से सभी बातों में श्रेष्ठ होता है। ये बालक उच्च बुद्धि-लब्धि वाले होते हैं और यह बुद्धि लब्धि 120 से ऊपर होती है। ये बालक एक साधारण बालक से बहुत अधिक योग्य होते है। जो कार्य इन्हें दिया जाता है, उसे शीघ्र ही पूरा कर लेते हैं। प्रतिभाशाली बालक सामान्य कार्यों को …

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संज्ञान एवं संज्ञानात्मक मनोविज्ञान क्या है ?

संज्ञान एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया है जो ज्ञानार्जन और समझ (बोध) से सम्बन्धित है। इस प्रक्रिया में, चिन्तन, स्मृति, निर्णयक्षमता, समस्या समाधान, कल्पना, प्रत्यक्षीकरण योजना आदि समाहित रहते हैं। अन्य शब्दों में अनुभवों, संवेदना और विचारों द्वारा, समझ और ज्ञान को अर्जित करने की प्रक्रिया संज्ञान है। संज्ञान की प्रक्रिया, ज्ञान, अवधान, स्मृति, निर्णय, मूल्यांकन, तर्क …

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वृद्धि तथा विकास का क्या अर्थ है ?

सामान्य रुप से ‘अभिवृद्धि’ शब्द का प्रयोग शरीर और उसके अंगों के भार और आकार में वृद्धि के लिए किया जाता है इस वृद्धि को नापा जा सकता है। ‘विकास’ का सम्बन्ध ‘अभिवृद्धि’ से अवश्य होता है पर यह शरीर के अंगों में होने वाले परिवर्तनों को विशेष रूप से व्यक्त करता हैं। उदाहरण- हड्डियों के …

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आत्मसम्मान का अर्थ एवं परिभाषा

आत्मसम्मान एक व्यक्ति के अपने मूल्यों का व्यक्तिपरक मूल्यांकन है। यह अपने बारे में अनेक विश्वासों को शामिल करता है। जैसे-मैं योग्य हूँ, मुझ में क्षमता है आदि। साथ ही इसमें भावनाओं का भी समावेश होता है। जैसे- निराशा, विजय, गर्व आदि। आत्मसम्मान की परिभाषा विलियम जेम्स ने आत्म सम्मान को परिभाषित करते हुए लिखा है …

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