अगस्त काम्टे के तीन स्तरों का नियम

अगस्त काम्टे का जन्म (19 जनवरी 1798) एक कैथोलिक परिवार में मौटपेलियर फ्रांस में हुआ था। उनके माता-पिता फ्रांस की शाही सत्ता के समर्थक थे।। उस समय फ्रांसीसी क्रान्ति अपने चरम पर थी। उस वक्त ऐसी बहुत सी गतिविधियाँ घटित हो रही थी जिन्होंने आधुनिक विश्व की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। फ्रांसीसी क्रान्ति …

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दुर्खीम का आत्महत्या का सिद्धांत || दुर्खीम के आत्महत्या के प्रकार

आत्महत्या शब्द का प्रयोग उन सभी मृत्युओं के लिए किया जाता है जोकि स्वयं मृत व्यक्ति के किसी सकारात्मक या नकारात्मक ऐसे कार्य के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम होते हैं जिनके बारे में वह व्यक्ति जानता है कि वह कार्य इसी परिणाम अर्थात मृत्यु को उत्पन्न करेगा। दुर्खीम के आत्महत्या का सिद्धांत दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित आत्महत्या …

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मैक्स वेबर के सामाजिक क्रिया के सिद्धांत

मैक्स वेबर के सामाजिक क्रिया के सिद्धांत का प्रतिपादन मैक्स वेबर ने अपनी महान कृति ‘Theory of Social and Economic Organisation’ में प्रवाहित किया है। मैक्स वेबर ने सामाजिक क्रिया की अवधारणा को अपने चिन्तन का मूल आधार बनाया है। मैक्स वेबर के अनुसार मनुष्य अपनी आवश्यकताओं के सन्दर्भ में निरन्तर किसी न किसी प्रकार की …

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मैक्स वेबर के सत्ता के सिद्धांत || मैक्स वेबर के सत्ता के स्वरूप या प्रकार

मैक्स वेबर के अनुसार समाज में सत्ता विशेष रूप से आर्थिक आधारों पर आधारित होती, यद्यपि आर्थिक कारक सत्ता के निर्धारण में एकमात्र कारक नहीं कहा जा सकता। आर्थिक जीवन में यह सहज ही स्पष्ट है कि एक ओर मालिक वर्ग उत्पादन के साधनों तथा मजदूरों की सेवाओं पर अपने अधिकार को बढ़ाने का प्रयत्न करते …

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मैक्स वेबर का नौकरशाही सिद्धांत क्या है?

नौकरशाही के बारे में मार्क्स, लेनिन, ट्राटस्की, लौराट, रिजी, वर्नहम, मिलोवन पिलास, मैक्स स्बैकटमैन, जैसिक कुरुन मैक्स वेबर आदि ने अपने अपने सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया है। इन सभी सिद्धान्तों में वेबर का सिद्धांत अधिक तर्कपूर्ण व व्यवस्थित है। इसी कारण नौकरशाही का व्यवस्थित अध्ययन जर्मनी के समाजशास्त्री मैक्स वेबर से ही प्रारम्भ माना जाता है। …

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सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ का जीवन परिचय, प्रमुख रचनाएं, साहित्यिक विशेषताएं

हिंदी साहित्य क्षेत्र में नए प्रयोग के प्रवर्तक रूप में सर्व परिचित रहे अज्ञेय जी मूलतः एक कवि रह चुके हैं। उनका पूरा नाम सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ है । अज्ञेय का जन्म (7 मार्च 1911-1987 ई.) ग्राम कसया जनपद देवरिया में हुआ था। अज्ञेय के पिता का नाम हीरानंद था।  अज्ञेय जी के पिता पंडित …

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गिरिजाकुमार माथुर का जीवन परिचय एवं साहित्यिक विशेषताएं

गिरिजाकुमार माथुर का जन्म सन् 1918 ई. को मध्य प्रदेश के एक कस्बे में हुआ था। अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. तथा एल.एल.बी. परीक्षा उत्तीर्ण कर वकालत प्रारंभ की। कुछ समय पश्चात दिल्ली सेक्रेटियेट में सेवा की । अंत में आल इंडिया रेडियो में कार्य करने लगे। गिरिजाकुमार माथुर की प्रमुख रचनाएं नाश और निर्माण  धूप के …

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हिंदी कहानी का उद्भव एवं विकास

मानव के आदि काल से कहानी कहने, सुनने, सुनाने की प्रवृत्ति चली आ रही है। विश्व के प्राचीनतम ग्रंथों में कहानी का महत्व प्राय: देशों में है। भारतीय वांगमय में वैदिक संस्कृत, लौकिक संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश तथा पुरानी हिंदी में किसी न किसी स्वरूप में कहानी विद्यमान है, इसके अतिरिक्त पुराणों, उपनिषदों, ब्राह्मणों, रामायण, महाभारत, …

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हिन्दी नाटक उद्भव एवं विकास

नाटक शब्द की व्युत्पत्ति संण् नट् (नाचना) + घ´ से हुई है जिसका अर्थ नच्च, नाच, नृत, नृत्य, नकल या स्वांग होता है। नाटक से पूर्व नट् से नाट शब्द व्युत्पन्न हुआ है। इसलिए नाटक से नाट की व्युत्पत्ति देखी। नाटक शब्द की व्युत्पत्ति नाटक- संण् नट् + ण्वुल् – अक प्रत्यय से नाटक की व्युत्पत्ति हुई …

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हिंदी का प्रथम संस्मरण और हिंदी संस्मरण का विकास

हिंदी साहित्य में संस्मरणों का अभाव नहीं है। हिंदी संस्मरण के विकास में सरस्वती, सुधा, माधुरी, चांद तथा विशाल भारत आदि पत्रिकाओं का विशेष योगदान है। हिंदी का प्रथम संस्मरण सन् 1907 ई. में बाबू बाल मुकुंद गुप्त ने पं. प्रतापनारायण मिश्र एक संस्मरण लिखा जिसे हिंदी का प्रथम संस्मरण स्वीकारा गया। कुछ आलोचकों का कहना …

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