नेपोलियन तृतीय की गृह नीति और आर्थिक सुधार

लुई नेपोलियन इस युग के यूरोपीय राजनीतिज्ञो में लुई नेपोलियन सबसे अद्भुत था। उसके जीवन चरित्र तथा उसके साम्राज्य की कथा का उन्नीसवीं शताब्दी के इतिहास में केन्द्रीय स्थान है। लुई नेपोलियन तृतीय का जन्म 1808 में पेरिस में के राजमहल में हुआ था। उसका शैशव लाड़-प्यार, वैभव में बीता, जब 1815 में फ्रांस में बूर्बो-वंश की …

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वाचन किसे कहते हैं ? वाचन की परिभाषा और भेद

जब हम कोई पुस्तक, पत्र या लिखित सामग्री आदि को पढ़ते है, उसी को वाचन कहते है। वाचन में शब्द के साथ ध्वनि एवं अर्थ दोनों ही निहित होते है।  वाचन की परिभाषा 1- वाचन वह जटिल अधिगम (सीखने) की प्रक्रिया है, जिसमें दृश्य, श्रव्य एवं गति सर्किटों को मस्तिष्क के अधिगम से संबंध होता है। …

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राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन के उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन के उद्देश्य 1. शिक्षा का भारतीयकरण- इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा प्रसारित की गई पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति व ज्ञान-विज्ञान के स्थान पर भारतीय शिक्षा संस्कृति का प्रचार करता था, जो भारतीय संस्कृति व जनता के अनुरूप हो। अतः पाठ्यचर्याओं को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों को समुचित स्थान दिया जाए।  2. …

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परिपत्र किसे कहते हैं इसकी विशेषताएं

जिन पत्रों के मााध्यम से सूचनाओं और आदेशों को प्रसारित किया जाता है, उन्हें परिपत्र कहा जाता है। परिपत्र को अंग्रेजी में Circular कहते हैं। प्रत्येक कार्यालय में प्रायः कई सूचनाएं, आदेश, प्रसारित होते रहते हैं। वे सूचनाएं एवं आदेश जो सभी अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों के संबंध में होते है वे परिपत्र के माध्यम से भेजे …

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पाषाणकाल किसे कहते हैं ? पाषाण काल का विभाजन

जिस काल में मानव अपने औजार और हथियार पत्थर के बनाते थे उसे पाषाणकाल कहते हैं।  पाषाण काल का विभाजन उपकरणों की बनावट में भिन्नता के आधार पर पाषाणकाल को तीन भागो में विभाजित किया जाता है- पुरापाषाणकाल मध्यपाषाणकाल नवपाषाणकाल 1. पुरापाषाण युग सम्भवतया 500000 वर्ष पूर्व द्वितीय हिम युग के आरम्भ काल में भारत में …

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संदेश लेखन क्या है ? संदेश लेखन का महत्व और कार्य

संदेश का अर्थ – चलना या एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना है। अपने विज्ञान में ताप संचार के बारे में पढ़ा होगा कि कैसे गरमी एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक पहुंचती है। इसी तरह टेलीफोन, तार या बेतार, तथा पत्र के जरिये मौखिक या लिखित संदेश को एक स्थान से दूसरे पर भेजा …

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प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने के पुरातात्विक स्रोत क्या है?

इतिहासकार प्राचीन भारतीय इतिहास को तीन भागो में बाॅटते हैं। वह काल जिसके लिये कोई लिखित साधन उपलब्ध नहीं है जिसमें मानव का जीवन अपेक्षाकृत पूर्णतया सभ्य नहीं था, ‘प्रागैतिहासिक काल‘ कहलाता है। प्रागैतिहासिक काल के अन्तर्गत पाषाणकाल की गणना होती है। वह काल जिसके लिए लेखन कला के प्रमाण तो हैं किन्तु या तो वे …

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जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत

जीन पियाजे (Jean Piaget) स्विट्जरलैंड निवासी एक मनोवैज्ञानिक थे। ‘‘बालकों का वृद्धि और विकास किस विशेष तरह से होता है’’ इस विषय के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि थी जिसके लिए उन्होंने स्वयं के बच्चों को अपनी खोज का आधार बनाया। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते गये, उनकी मानसिक विकास सम्बन्धी क्रियाओं का वे बड़ी बारीकी से …

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उदारीकरण का कृषि पर प्रभाव

उदारीकरण का अर्थ है, औद्योगिक सेवा क्षेत्र और व्यापार से संबंधित नियमों एवं कानूनों के बंधनों में ढील देना ओर विदेशी कम्पनियों को घरेलू क्षेत्र में व्यापारिक और उत्पादन इकाईयाँ लगाने हेतु ओर प्रोत्साहित करना।  उदारीकरण का कृषि पर प्रभाव उदारीकरण की प्रक्रिया द्वारा भारत सरकार ने कृषि व्यापार को परिवर्तित करने का प्रयास किया। उदारीकरण …

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डॉ0 भीमराव अंबेडकर के धार्मिक विचार, आर्थिक विचार, शिक्षा सम्बन्धी विचार

अंबेडकर का जन्म मध्य भारत के एक छोटे से शहर मऊ में एक अछूत परिवार में 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। उनके परिवार का सैन्य-सेवा से संबंध था। वे महार जाति के सदस्य थे। अंबेडकर के दादा मलोजी सैन्य सेवा में थे और अंबेडकर के पिता रामजी मऊ सैनिक स्कूल के प्रभारी सुबेदार-मेजर थे। रामजी …

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