शैक्षिक अवसरों की समानता की आवश्यकता

शैक्षिक अवसरों की समानता का अर्थ हमें समानता को जानने के लिए बाध्य करता है। ‘समानता’ का तात्पर्य यह नहीं है कि सब हर प्रकार से समान हों। ऐसा असंभव है। समानता का तात्पर्य अवसर की समानता से है। राज्य की ओर से सबको समान समझा जाये। जाति, रंग, नस्ल, धर्म आदि के कारण किसी के …

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संविधान किसे कहते हैं भारत के संविधान का निर्माण कब हुआ ?

संविधान नियमों का वह संग्रह है जो उन उद्देश्यों की प्राप्ति कराता है जिनके लिए शासन शक्ति प्रवर्तित की जाती है और जो शासन के उन विविध अंगों की सृष्टि करता है जिनके माध्यम से सरकार अपनी शक्ति का प्रयोग करती है। संविधान एक ऐसा दस्तावेज है जिसके अनुसार किसी देश की सरकार का कार्य चलाया जाता …

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वुड के घोषणा पत्र की प्रमुख विशेषताएं

भारतीय शिक्षा के प्रवर्तकों में प्रायः ऐसे लोग आते हैं, जिन्होंने भारतवर्ष में रहकर तथा यहां की शैक्षिक परिस्थितियों और आवश्यकताओं की न्यनाधिक जानकारी प्राप्त कर अपने विचारों या कार्यों से उसके विकास में योगदान दिया । किन्तु उसके प्रवर्तकों में एक ऐसा भी व्यक्ति था, जिसने भारत भूमि से सहस्त्रों को दूर इंग्लैण्ड में बैठकर …

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सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) अर्थ, परिभाषा, विशेषता

अधिकतर समाजों में व्यक्ति एक-दूसरे को विभिन्न वर्गों में वर्गीकृत करते हैं तथा इन वर्गों को उच्च से निम्न तक की विभिन्न श्रेणी में रखते हैं। इस प्रकार के वर्गीकरण की प्रक्रिया को सामाजिक स्तरीकरण कहा जाता हैं। सामाजिक स्तरीकरण से आशय ऐसे समाज से है, जो विभिन्न स्तरों में विभाजित रहता है उदाहरण के तौर पर …

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भू-राजनीति क्या है? अर्थ, परिभाषा, विषय क्षेत्र, ऐतिहासिक विकास

भू-राजनीति (Geopolitics) दो शब्दों से मिलकर बना है (Geo) जियो एंव पाॅलीटिक्स (Polition) । जियों का सम्बध भैगोलिक तत्वों से है एवं पाॅलीटिक्स का सम्बंध राजनीतिक रूचियों से हैं जियोपाॅलीटिक्स शब्द का शाब्दिक अर्थ है देश का सामाजिक राजनीतिक एवं आर्थिक विकास में भूगोल (Geography) का क्या योगदान है। प्रमुख भौगोलिक तत्व जैसे स्थान जलवायु, प्राकृतिक …

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वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत एवं उनका उपयोग

आधुनिक जीवन में जब ऊर्जा के परम्परागत स्रोतों से अपेक्षित ऊर्जा का समायोजन क्षीण होने लगा तो मनुष्य की धनात्मक ऊर्जा ने उप वैकल्पिक ऋण ऊर्जा संचरित स्रोतों की ओर ध्यान दिया जिनसे कार्यकरणीय ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। इन्हें वैकल्पिक ऊर्जा के नाम से जाना जाता है। इनकी प्रमुख विशेषता है, इसका कभी क्षय …

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सिंधु घाटी सभ्यता का आर्थिक जीवन, सामाजिक जीवन, धार्मिक जीवन

सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) का उदय 5000 ई. पू. हुआ था। इस घाटी का क्षेत्र नील घाटी तथा टिगरिस दजला-फरात यूफरेटस के क्षेत्रफल से अधिक था। सिंध के लरकाना जिले में खुदाई स्वरूप प्राप्त हुए जिसे मोहनजोदड़ों के नाम से पुकारे जाने वाले एक भव्य नगर के अवशेष प्राप्त हुए। यह भी पढ़ें: हड़प्पा सभ्यता …

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मौन वाचन किसे कहते हैं सस्वर वाचन & मौन वाचन में अंतर ?

मौन वाचन अर्थात् मन-ही -मन का वाचन, इस प्रकार के वाचन में जब लिखित सामग्री को बिना हौंठ हिलाए, बिना आवाज किये हुए चुपचाप पढ़ते है तो उसे मौन वाचन कहते है।  👉 शिक्षा शब्दकोश में लिखा है, ‘‘मौन वाचन श्रवणीय शब्दोच्चारण के बिना किया गया पठन है। मौन वाचन का महत्व मौन वाचन में थकान …

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संबंधसूचक अव्यय । संबंधसूचक अव्यय के भेद

संबंधसूचक वे अविकारी शब्द है, जो संज्ञा या सर्वनाम के अनंतर प्रयुक्त होता है, और वाक्य में आये हुए अन्य शब्दों के साथ उसका संबंध प्रकट करतें हैं। उदा. 1. सीता घर के बाहर है। 2. बिना मेहनत के सफलता नहीं मिलती। संबंधसूचक के भेद 1. प्रयोग के अनुसार भेद प्रयोग के अनुसार संबंध बोधक के …

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सस्वर वाचन का अर्थ, उद्देश्य, महत्व, गुण, भेद

सस्वर का अर्थ है जोर से अथवा स्वयं सहित वाचन करना। हम देखते है अनेक अनौपचारिक अवसरों पर व्याख्यान देते समय वाद-विचार एवं गोष्ठियों में अपनी बात को प्रभावशाली ढंग से कहने के लिए यही वाचन का रूप प्रयुक्त होता है। शुद्ध, प्रभावपूर्ण वाचन श्रोताओं पर विशिष्ट प्रभाव डालता है। यही नहीं बल्कि वक्ता का अपना …

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