बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय एवं साहित्यिक विशेषताएं

बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय  बालकृष्ण शर्मा नवीन का जन्म सन् 1897-1960 ई. ग्राम भयाना जनपद ग्वालियर में हुआ था। इनकी पढ़ाई ग्यारह वर्ष की अवस्था में शुरू हुई। सन् 1917 ई. में हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर कानपुर चले गए। जहां गणेश-शंकर ने इन्हें कालेज में प्रविष्ट करा दिया। किंतु सन् 1920 ई. में …

Read more

वर्चुअल क्लासरूम क्या है || What is a Virtual Classroom?

वर्चुअल क्लासरूम क्या है वर्चुअल क्लासरूम एक ऐसा कक्षा कक्ष होता है, जिसके अंर्तगत शिक्षक , प्रशिक्षक और विद्यार्थी आनलाईन वातावरण मे वेब कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करते है। इससे विद्यार्थी शिक्षक वेबकेम और माइक्रोफोन के माध्यम से एक दूसरे से संवाद स्थापित करते है तथा शिक्षक द्वारा अध्यापन कराते समय विद्यार्थी उस पर विचार …

Read more

ऑनलाइन शिक्षा क्या है ? ऑनलाइन शिक्षा के लाभ और हानि – Online education in Hindi

ऑनलाइन संचार वह संचार है, जिसे इंटरनेट के माध्यम से संप्रेषक एक डिवाइस से संदेश भेजता है और प्राप्तकर्ता दूसरे डिवाइस के माध्यम से प्राप्त करता है। इन संदेशों का आदान-प्रदान इंटरनेट के माध्यम से होता है, जिसमें संचार के साधन जैसे – कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि मुख्य रूप से होते हैं। इंटरनेट विश्वभर में …

Read more

संप्रेषण किसे कहते हैं | संप्रेषण के प्रकार

संप्रेषण दो या दो से अधिक व्यक्तियों के मध्य शब्द, संकेत, हावभाव तथा व्यवहार के द्वारा अपने विचार, तथ्यों, सूचना तथा प्रभावों का आदान-प्रदान को संप्रेषण कहते है। संप्रेषण वह प्रक्रिया है जो संकेतों को व्यवस्थित, चयनित तथा प्रसारित करके ग्रहणकर्ता के लिए संदेश को अर्थपूर्ण बनाता है। संप्रेषण शब्द अंग्रेजी के कम्यूनिकेशन का हिन्दी पर्यायवाची …

Read more

कंप्यूटर नेटवर्क क्या है? इसके प्रकार, उपयोग तथा लाभ और हानियाँ

आज हर कार्य में कम्प्यूटर एवं संबंधित उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। नेटवर्किंग के माध्यम से कम्प्यूटर्स आपस में संपर्क स्थापित करके डाटा का आदान-प्रदान एवं उपकरणों का साझा (Share) कर सकते हैं। नेटवर्क की परिभाषा जब दो या अधिक इकाइयाँ कुछ विशेषताओं के आधार पर जुड़ती हैं तथा आपस में साझेदारी करती है, …

Read more

सारंगी की उत्पत्ति और सारंगी के प्रकार

सारंगी सारंगी की उत्पत्ति भारतवर्ष के प्राचीन, पौराणिक संगीत ग्रन्थों के आधार पर इस मधुर वाद्य सारंगी का आविष्कार श्रृंगी ऋषि’ को माना जाता है। श्रृंगी ऋषि से यह वाद्य पुलस्त्य को, पुलस्त्य से विश्रवस तथा उनसे राक्षसराज रावण ने प्राप्त किया। देश, काल और परिस्थिति के अनुसार इस वाद्य के स्वरूप, आकार, वादनशैली तथा उपयोगिता …

Read more

रीतिकालीन काव्य की प्रमुख प्रवृत्तियाँ एवं धाराएँ

सम्पूर्ण रीति साहित्य को तीन वर्गों में विभक्त किया जा सकता है। (1) रीतिशास्त्रीय काव्य, (2) रीतिबद्ध काव्य, (3) रीतिमुक्त काव्य। किन्तु इस सन्दर्भ में विद्वानों में मतभेद है। डॉ. नगेन्द्र द्वारा सम्पादित ‘हिन्दी साहित्य’ के इतिहास में लिखा गया है। “रीतिकालीन कविता के प्रसंग में विद्वानों ने तीन प्रकार के काव्य का विवरण दिया गया …

Read more

प्लास्टिक मुद्रा किसे कहते हैं इसके उपयोग ?

बैंकिंग में भुगतान के लिये प्रयोग किये जाने वाले साधन के रूप में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आटोमैटिक टेलरिंग मशीन आदि का प्रयोग ग्राहकों द्वारा किया जाता है यह कार्ड प्लास्टिक का बना हुआ होता है जिस कारण इसे प्लास्टिक मुद्रा कहा जाता है। इस कार्ड पर 18 अंका का कोड नम्बर अंकित होता है जिसे …

Read more

वाराणसी का क्षेत्रफल, जनसंख्या, जलवायु एवं आर्थिक विशेषताएँ

वाराणसी विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है जो अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए विश्वविख्यात है। यह भारत के राज्य उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है, इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र शहर माना जाता है। प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक मार्कट्वेन ने लिखा है ‘‘बनारस इतिहास से भी पुरातन है, परम्पराओं से पुराना है, …

Read more

रीतिकाल के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएं

वस्तुतः उत्तर मध्य काल के नामकरण को लेकर विद्वानों में मतभेद रहे हैं। मिश्रबधुओं ने इसे अलंकृत काल कहा है तो आचार्य शुक्ल ने इसे रीतिकाल नाम दिया है। पं. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने इसे शृंगार काल कहा। इसी प्रकार डाॅ. रमाशंकर शुक्ल रसाल ने इसे कला कला कहा है और डाॅ. भगीरथ मिश्र ने इसे …

Read more