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वाराणसी विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है जो अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए विश्वविख्यात है। यह भारत के राज्य उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है, इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र शहर माना जाता है। प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक मार्कट्वेन ने लिखा है ‘‘बनारस इतिहास से भी पुरातन है, परम्पराओं से पुराना है, लोककथाओं से भी प्राचीन है, और जब इन सबकों एकत्र कर दें, तो उस संग्रह से भी दुगुना प्राचीन है।’’
बीच का क्षेत्र वाराणसी कहलाया। लंबे काल से वाराणसी को अविमुक्त क्षेत्र, आनंदकानन, महाश्मशान, ब्रह्मावर्त, सुदर्शन, रम्य आदि नामों से भी संबोधित किया जाता रहा है।
ब्रिटिश शासनकाल में इसे ‘Beneras’ कहा जाता था, स्थानीय लोग इसे ‘बनारस’ कहते थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 मई 1956 को इसका नाम ‘वाराणसी’ स्वीकृत किया।
काशी नरेश वाराणसी शहर के मुख्य सांस्कृतिक संरक्षक एवं सभी धार्मिक क्रियाकलापों के अभिé अंग हैं। यह शहर सहस्रों वर्षों से भारत का, विशेषकर उत्तर भारत का सांस्कृतिक एवं धार्मिक केन्द्र रहा है। हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का बनारस घराना वाराणसी में ही जन्मा एवं विकसित हुआ है। भारत के दार्शनिक, कवि, लेखक, संगीतज्ञ वाराणसी में रहे हैं, जिनमें कबीर, रविदास, स्वामी रामानन्द, तैलंग स्वामी, योगीराज श्यामाचरण लाहिड़ी, मुंशी प्रेमचन्द, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, गिरिजा देवी, पंडित हरिप्रसाद चौरसिया एवं उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ प्रमुख है।
वाराणसी में पाँच बड़े विश्वविद्यालय हैं- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, तिब्बती उच्च अध्ययन संस्थान और संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय तथा जामिया सलफिया है।
वाराणसी की भौगोलिक विशेषताएँ
वाराणसी जनपद उत्तरी भारत की मध्य गंगा घाटी में, भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के पूवÊ छोर पर गंगा नदी के बायी ओर के वक्राकार तट पर स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से यह 25.20 उत्तरी अक्षांश तथा 830.01 पूवÊ देशान्तर के मध्य स्थित है। वाराणसी नगर की समुद्र तट से औसत ऊँचाई 80.71 मीटर है।
वाराणसी का क्षेत्रफल
जनपद वाराणसी का कुल क्षेत्रफल 1550.03 वर्ग किमी है जनपद का ग्रामीण क्षेत्रफल 1445.75 वर्ग कि0मी0 तथा नगरीय क्षेत्रफल 104.28 वर्ग कि0मी0 है।
जनपद चन्दौली का क्षेत्रफल 2541 वर्ग कि0मी0 है, जनपद का ग्रामीण क्षेत्रफल 2499.23 वर्ग कि0मी0 तथा नगरीय क्षेत्रफल 41.77 वर्ग कि0मी0 है।
वाराणसी कुल जनसंख्या
2011 की जनगणना के अनुसार वाराणसी की कुल जनसंख्या 3676841 है जिसमें पुरुषों की संख्या 1921857 स्त्रियों की जनसंख्या 1754984 है। यहाँ लिंगानुपात 909 है अर्थात् 1000 पुरुषों पर 909 महिलाएँ है। वाराणसी क्षेत्र का जनसंख्या घनत्व 2299 व्यक्ति प्रति वर्ग कि0मी0 है।
वाराणसी का साक्षरता
धर्म
वाराणसी में 83.72 प्रतिशत हिन्दू, 15.85 प्रतिशत मुस्लिम, 0.14 प्रतिशत ईसाई, सिक्ख 0.14 प्रतिशत तथा बौद्ध, जैन लोगों की संख्या, 0.03 तथा 0.06 प्रतिशत है।
वाराणसी की जलवायु
वाराणसी में आर्द्र-अर्ध कटिबन्धीय जलवायु है जिसके संग यहाँ ग्रीष्म ऋतु और शीत ऋतु के तापमान में बड़ा अंतर है। ग्रीष्मकाल अप्रैल के आरंभ से अक्टूबर तक लंबे होते हैं, जिस बीच में ही वर्षा ऋतु में मानसून की वर्षाएं भी होती हैं। हिमालय क्षेत्र से आने वाली शीतलहर से यहाँ का तापमान दिसम्बर से फरवरी के बीच शीतकाल में गिर जाता है। औसत वार्षिक वर्षा 1110 मि0मी0 (44 इंच) तक होती है। ठंड के मौसम में कुहरा सामान्य होता है, और गर्मी के मौसम में लू चलना सामान्य होता है।
चन्दौली जनपद की जलवायु उष्ण आर्द्र और मानसूनी है।
वाराणसी की आर्थिक विशेषताएँ
वाराणसी में विभिन्न कुटीर उद्योग कार्यरत है, वाराणसी में विभिन्न कुटीर उद्योग कार्यरत हैं जिसमें बनारसी साड़ी, कपड़ा उद्योग, कालीन उद्योग एवं हस्तशिल्प प्रमुख हैं। बनारसी पान विश्वप्रसिद्ध है। भारतीय रेल का डीजल इंजन निर्माण हेतु डीजल रेल इंजन कारखाना भी वाराणसी में स्थित है।
