गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की उपलब्धियाँ इस प्रकार है।

डॉ. कृष्णा कुदेशिया ने अपनी पुस्तक ‘ विश्व राजनीति में भारत ‘ में गुटनिरपेक्षता का उल्लेख करते हुए लिखा है कि ‘‘गुटनिरपेक्षता का अर्थ तटस्थता नहीं है क्योंकि भारत ने अपने आपको संकुचित सीमाओं में बांधकर नहीं रखा है और न न्यायपूर्ण परिस्थिति में किसी गुट विशेष का समर्थन करने से बचता है। उसकी यह गुटनिरपेक्षता …

Read more

नारीवाद क्या है || नारीवाद का इतिहास

नारीवाद एक आन्दोलन है। यह महिलाओं की हीन प्रस्थिति पर सवाल खड़े करता है। यह आन्दोलन की माँग करता है कि पुरुषों और महिलाओं की प्रस्थिति एक समान हो। यह एक विचारधारा भी है जो महिलाओं को सशक्तीकृत करने की दिशा में कार्य करती है। यह एक सामूहिक चेतना है।  नारीवादी (फेमिनिस्ट)’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग …

Read more

रंग भेद की नीति क्या है?

रंगभेद Apartheid शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘Apart’ एवं Hood शब्दों से मिलकर बना है इसका व्यावहारिक रूप से सरल अर्थ ‘रंगभेद’ माना जा सकता है। इसे ‘वर्ण पृथक्करण’ की नीति भी कहा जा सकता है। दक्षिण अफ्रीका के उपनिवेशकाल में प्रजाति पृथक्करण की नीति प्रारंभ हुई और 20वीं सदी के मध्य तक यह कायम रही।  सन् …

Read more

नागरिक अधिकार आंदोलन (अमेरिका में)

नागरिक अधिकारों का इतिहास उतना ही पुराना है जितना की लोकतंत्र का। नागरिक अधिकार आंदोलन उन आंदोलनों को कहा जाता है जिनके द्वारा श्विधि के समक्ष समानता के लिए संघष किया गया। यह विश्व के अलग-अलग देशों में विभिन्न असंतुष्ट नेताओं और लोकप्रिय विद्राहियों के नेतृत्व में लगभग 1950 से 1980 के मध्य अलग-अलग रूप से …

Read more

चीन की सांस्कृतिक क्रांति का प्रारंभ, घटनाएं, प्रभाव एवं महत्व

चीन में 1911 की क्रांति के बाद जो राजनीतिक एवं सामाजिक पुर्ननिर्माण का सिलसिला प्रारंभ हुआ वह 1949 की लाल क्रांति से होता हुआ 1968 की महान सांस्कृतिक क्रांति में परिणीत हो गया। 1966 से 1976 का कालखंड वह समय माना जा सकता है जब चीनी समाज में राजनैतिक एवं सामाजिक व्यवस्था को लेकर शीर्ष नेतृत्व …

Read more

1905 की रूसी क्रांति के लिए जो परिस्थितियाँ उत्तरदायी थीं, उनका विवरण

क्रांति का अर्थ मात्र रक्तपात नहीं है, बल्कि अत्यन्त शीघ्रता के साथ होने वाले आमूल परिवर्तन को क्रांति कहा जाता है । एक रूसी विद्वान ने कहा है कि क्रांति उस समय होती है, जब उसके पीछे कोई सामाजिक माँग होती है ।  क्रांति के संबंध में लार्ड मैकाले का कथन है कि “क्रांति और विप्लव …

Read more

राष्ट्रवाद का अर्थ, परिभाषा, अनिवार्य तत्व

राष्ट्रवाद लोगों में किसी समूह की उस आस्था को कहते हैं, जिनमें इतिहास, भाषा, जातीयता एवं संस्कृति के आधार पर एकजुट हों। इन्हीं बंधनों के कारण वे इस निष्कर्ष पर पहुँचते है कि अपने राजनीतिक समुदाय अर्थात राष्ट्र की स्थापना करने का आधार हो। हालांकि दुनिया में ऐसा कोई राष्ट्र नहीं है जो इन कसौटियों पर …

Read more

संघात्मक शासन प्रणाली का अर्थ, परिभाषा, लक्षण या तत्व

शासन की शक्तियों का प्रयोग मूल रूप से एक स्थान से किया जाता है या कई स्थानों से। इस आधार पर शासन-प्रणालियों के दो प्रकार हैं-एकात्मक शासन और संघात्मक शासन। जिस शासन-व्यवस्था में शासन की शक्ति एक केन्द्रीय सरकार में संकेन्द्रित होती है, उसे एकात्मक शासन कहते हैं। इसके विपरित जिस प्रणाली में शासन की शक्तियाँ …

Read more

आधुनिकीकरण क्या है, आधुनिकीकरण की समस्याएं?

आधुनिकीकरण कोई दर्शन या आन्दोलन नहीं है जिसमें स्पष्ट मूल्य व्यवस्था हो। यह तो परिवर्तन की एक प्रक्रिया है प्रारम्भ में आधुनिकीकरण शब्द का प्रयोग ‘‘अर्थ व्यवस्था में परिवर्तन और सामाजिक मूल्यों एवं प्रथाओं पर इसके प्रभाव’’ के संदर्भ में किया जाता था। इसका वर्णन ऐसी प्रक्रिया के रूप में किया जाता था जिसने समाज को …

Read more

सांप्रदायिक हिंसा के कारण (बहुकारक उपागम में दस प्रमुख कारक साम्प्रदायिकता के कारणों के बताये गये हैं)

सांप्रदायिक हिंसा के कारण साम्प्रदायिक हिंसा की समस्या को समझने के लिये दो उपागमों का उपयोग किया जा सकता है: (क) ढांचों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करना, और (ख) उसके उद्भव की प्रक्रिया के कारण मालूम करना। पहले प्रकरण (case) में साम्प्रदायिक हिंसा को सामाजिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली या समाज के ढांचों के संचालन के अध्ययन …

Read more