थॉमस एक्विनास का जीवन परिचय एवं राजनीतिक विचार

13 वीं शताब्दी के महान् दार्शनिक सेण्ट थॉमस एक्विनास का जन्म 1225 ई0 में नेपल्स राज्य (इटली) के एक्वीनो नगर में हुआ। उसका पिता एकवीनी का काऊण्ट था उसकी माता थियोडोरा थी। सेण्ट थॉमस एक्विनास का बचपन सम्पूर्ण सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण था। उसकी जन्मजात प्रतिभा को देखकर उसके माता-पिता उसे एक उच्च राज्याधिकारी बनाना चाहते थे। …

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मैकियावली का जीवन परिचय एवं महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

मैकियावली का जन्म 1469 ई0 में इटली के फलोरेन्स नगर में हुआ। उसके पिता एक वकील थे जो टस्कन वंश से सम्बन्धित थे। यद्यपि उसको पर्याप्त शिक्षा तो प्राप्त नहीं हो सकी, फिर भी उसे लैटिन भाषा का अच्छा ज्ञान था। उसकी लेखनी में कला और शक्ति दोनों थीं। जीवन की व्यवहार कुशलता और धनार्जन की …

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थॉमस हॉब्स का जीवन परिचय एवं महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

थॉमस हॉब्स का जन्म 5 अप्रैल 1588 को विल्टरशायर (इंगलैण्ड) में माम्सबरी (Malmesbury) नामक स्थान पर हुआ। उस समय इंगलैण्ड के तट पर स्पेन के आरमेड़ा के आक्रमण के भय से त्रस्त थॉमस हॉब्स की माँ ने उसे समय से पूर्व ही जन्म देकर उसमे जन्मजात डर की भावना डाल दी। थॉमस हॉब्स ने स्वयं कहा …

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जॉन लॉक का जीवन परिचय एवं महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

सामाजिक समझौता सिद्धान्त के प्रतिपादक जॉन लॉक का जन्म 29 अगस्त, 1632 में सामरसेंट शायर के रिंग्टन नामक स्थान पर एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ। जब लॉक का जन्म हुआ, उस समय हॉब्स की आयु 43 वर्ष थी और ब्रिटिश संसद अपने अधिकारों के लिए राजा के साथ संघर्ष कर रही थी। जब लॉक की आयु …

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हिन्दू धर्म के 16 संस्कार

संस्कार शब्द सम् उपसर्ग पूर्वक कृ धातु से घ´ प्रत्यय ओर सुट् का का आगम करने पर सिद्ध होता है। इसका अर्थ होता है-सजाना, सँवारना, संस्कार पद का निर्वचन करते हुए विद्वज्जन लिखते हैं :-  ‘संस्कारो हि गुणान्तराधानमुच्यते’ अर्थात् संस्कार पहले से विद्यमान दुर्गुणों को हटाकर सद्गुणों को आधान कर देने का नाम है। मनु ने …

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ईश्वर शब्द का अर्थ

शब्द व्युत्पत्ति की दृष्टि से ईश्वर शब्द ईश धातु में वरच् प्रत्यय लगाकर बना है जिसका अर्थ है ऐश्वर्य युक्त, समर्थ, शक्तिशाली, स्वामी, प्रभु, मालिक, राजा, शासक आदि। हिन्दी संस्कृत कोश के अनुसार ईश्वर शब्द का प्रयोग परमेश्वर, जगदीश्वर, परमात्मन, परमेश, स्वामी, शिव आदि अनेक रूपों में किया गया है। ऋग्वेद में ईश धातु का प्रयोग …

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संसदीय सरकार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं

संसदीय सरकार को उत्तरदायी सरकार भी कहते हैं, इसमें कार्यपालक शक्तियां एक मन्त्रिमण्डल में निहित होती हैं, इसलिए मन्त्रिमण्डलात्मक सरकार भी कहा जाता है। संसदीय सरकार शासन की वह प्रणाली है जिसमें कार्यपालिका (मन्त्रिमण्डल) अपने कार्यों के लिए विधायिका (संसद) के प्रति उत्तरदायी होती है। इसलिए इसे उत्तरदायी सरकार भी कहा जाता है। इसमें कार्यपालिका अपने …

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नाबार्ड के प्रमुख कार्य

कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना के पूर्व दो प्रमुख संस्थायें ग्रामीण साख के क्षेत्र में कार्य कर रही थीं (1) रिजर्व बैंक का कृषि साख उपलब्ध कराने के लिये एक विशेष विभाग जो ग्रामीण क्षेत्र में हर प्रकार का आर्थिक अनुसंधान भी करता था। (2) जुलाई 1968 में स्थापित “कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम” …

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छतरपुर जिले का सामान्य परिचय

छतरपुर जिला भारत के मध्यप्रदेश राज्य के 51 जिले में से एक है। जिला प्रशासन का मुख्यालय छतरपुर शहर में स्थित है। यह जिला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से पश्चिम की ओर 326 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। इस जिले में 6 अनुभाग (सब डिवीजन) 11 तहसील, 6 जनपद पंचायत, 3 नगर पालिका तथा …

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मौद्रिक नीति का अर्थ, उद्देश्य एवं महत्व

भारत के केन्द्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल, 1935 में एवं रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया का राष्ट्रीयकरण 1948 में एक्ट द्वारा किया गया था । इसके अनुसार सरकार की नीतियों के कियान्वयन हेतु बैंक को राज्य नियंत्रित संस्थान होना चाहिए और सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बैंक के कार्यों …

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