जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचनाएं

जयशंकर प्रसाद (सन् 1890-1937 ई.) का जन्म माघ शुक्ल दशमी, संवत् 1946 वि. को वाराणसी के प्रसिद्ध तंबाकू के भारी व्यापारी सुंघनी साहू के पुत्र रूप में हुआ। जयशंकर प्रसाद के पिता शिवरतन साहू काशी के अति प्रतिष्ठित नागरिक थे। अवधि में सुंघनी सूंघने वाली तंबाकू को कहते हैं। यह परिवार अति उत्तम कोटि की तम्बाकू …

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रघुवीर सहाय का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचनाएँ

रघुवीर सहाय का जन्म 9 दिसम्बर, सन् 1929 ई. को उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के एक सामान्य मध्यवर्गीय परिवार में हुआ। इनके पिता हरदेव सहाय साहित्य शिक्षक थे । 1955 ई. में इनका विवाह विमलेश्वरी सहाय से हुआ, इनकी पढ़ाई-लिखाई लखनऊ में हुई और वहीं से इन्होंने अंग्रेज़ी भाषा और साहित्य में एम. ए.की परीक्षा …

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राजनीतिक सिद्धांत का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, महत्व

इसे सही ढंग से समझने के लिए ‘राजनीतिक’ तथा ‘सिद्धांत’ इन दोनों शब्दों को अलग-अलग समझना आवश्यक है। यहाँ शब्द ‘सिद्धांत’ तथा ‘राजनीतिक’ एक दूसरे की विशेषता बताते हैं कि राजनीति सिद्धांत या राजनीति का सिद्धांत किसी विशिष्ट विषय की तरफ इशारा करते हैं। आइये इन्हें थोड़ा बारीकी से समझें।  पहला, सिद्धांत का अर्थ क्या है? …

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राजनीतिक सिद्धांत की उपयोगिता

राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति समझने के लिए उन विषयों और मुद्दों पर ध्यान देना भी जरूरी है जो पिछले 2400 सालों में इसके अध्ययन का अंग रहे हैं। यद्यपि राजनीतिक सिद्धांतों का मुख्य विषय राज्य है तथापि राजनीतिक चिंतन के इतिहास के विभिन्न चरणों में राज्य से संबंधित अलग-अलग विषय महत्त्वपूर्ण रहे हैं। क्लासिकी राजनीतिक सिद्धांतों …

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राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

राजनीतिक सिद्धांत की परंपरा बहुत प्राचीन है। राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति इसके अर्थ के साथ जुड़ी है जबकि राजनीतिक सिद्धांत के अर्थ में विभिन्न विद्वानों के भिन्न-भिन्न मत हैं। इसीलिए इसकी प्रकृति के बारे में भी भिन्न-भिन्न विचार पाए जाते हैं। इसलिए अध्ययन की दृष्टि से राजनीतिक चिंतन को दो भागों में विभक्त किया जा सकता …

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राष्ट्र क्या है राष्ट्रीयता के विविध तत्व क्या हैं?

राष्ट्र उस राज्य को कहते हैं, जिसके निवासियों में परस्पर एक होने की अनुभूति हो, जिनमें राष्ट्रीयता की भावना विद्यमान हों। राज्य ऐसा भी हो सकता है, जिसमें अनेक प्रकार के लोगों का निवास हो। 1914-18 के महायुद्ध से पूर्व आस्ट्रिया-हंगरी के राज्य में आस्ट्रियन, हंगेरियन, चेक, स्लोवक, स्लाव आदि अनेक जातियों व जन-समूहों का निवास …

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आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं? नागरिकों को ये आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं

आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं? लोकतंत्रीय राज्य में नागरिकों को आर्थिक विकास के लिए आर्थिक अधिकार भी प्राप्त होते हैं। नागरिकों को प्राय: निम्नलिखित आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं-  1. काम पाने का अधिकार: काम करने का अधिकार से अभिप्राय यह है कि नागरिक वैतनिक काम करने की माँग करते हैं। राज्य का कर्तव्य है कि …

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सामाजिक अधिकार किसे कहते हैं? सभ्य राज्यों में नागरिकों को ये सामाजिक अधिकार प्राप्त होते हैं

सामाजिक अधिकार किसे कहते हैं? सभ्य राज्यों में नागरिकों को प्राय: निम्नलिखित सामाजिक अधिकार प्राप्त होते हैं-  1. जीवन का अधिकार: सामाजिक अधिकारों में सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण अधिकार जीवन का अधिकार है। प्रत्येक राज्य अपने नागरिकों को जीवन का अधिकार देता है। अरस्तु के मतानुसार, राज्य जीवन की रक्षा के लिए बना और वह अच्छे जीवन …

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सती का अर्थ, सती प्रथा क्या है, सती प्रथा का अंत किसने किया

सती प्रथा जो अपने पति के मृत्यु के बाद उसके चिता के साथ अपने आप को जिंदा जला दे उसे सती कहते हैं।  सती का अर्थ सती का वास्तविक अर्थ है ’’पवित्र साध्वी स्त्री‘‘। वह स्त्री जो अपनी पति के साथ जन्म जन्मातर साथ रहने की इच्छा रखती है। और उसके प्रमाण हेतु पति की मृत्यु …

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खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के उद्देश्य

खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के उद्देश्य है खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के लिए प्रावधान बनाना। खाद्य सामग्री का अर्थ है कोई वस्तु जो मानव के खाने या पीने के रूप में उपयोग में लाई जाती है, सिवाय दवाइयों और पानी के और इसमें वह वस्तु भी शामिल है जो सामान्यत: मानव खाद्य सामग्री …

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