अम्ल पित्त – कारण, लक्षण एवं वैकल्पिक चिकित्सा

अम्ल पित्त रोग से आशय – सर्वप्रथम् यह जानना आवश्यक है कि अम्ल पित्त है क्या है ? आयुर्वेद में कहा गया है- अम्लं विदग्धं च तत्पित्तं अम्लपित्तम्। जब पित्त कुपित होकर अर्थात् विदग्ध होकर अम्ल के समान हो जाता है, तो उसे अम्ल पित्त रोग की संज्ञा दी जाती है। पित्त को अग्नि कहा जाता …

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आंग्ल-सिक्ख युद्ध

प्रथम आंग्ल-सिक्ख युद्ध (1845 र्इ.) कारण रानी झिन्दन की कूटनीति-रणजीतसिंह की मृत्यु के बाद सिक्ख सेना के अधिकारियों ने उत्तराधिकारी-युद्ध में और दरबार के षड्यंत्रो में अत्यन्त सक्रियता से भाग लिया। उनकी शक्ति और उच्छृंखलता इतनी बढ़ गयी थी कि शासन और राज परिवार के लागे उनसे आतंकित हो गये थे। उन्हें नियंत्रित करना रानी झिन्दन …

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गठिया (आर्थराइटिस) के कारण, लक्षण एवं वैकल्पिक चिकित्सा

आर्थराइटिस अगे्रजी भाषा का शब्द है इस शब्द की ममूल उत्पत्ति ग्रीक भाषा से हुर्इ है। आर्थराइटिस ग्रीक भाषा के दो शब्दों आथ्रो (Arthro) और आइटिस (Itis) से मिलकर बना है। ग्रीक भाषा में आथ्रो (Arthro) का अर्थ जोड अर्थात सन्धियां तथा आइटिस (Itis) का अर्थ सूजन होता है अर्थात शाब्दिक अर्थ में वह रोग जिसमें …

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गोलमेज सम्मेलन

सविनय अवज्ञा आन्दोलन की तीव्रता को देखकर ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की कि भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं ब्रिटिश राजनीतिज्ञों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया जाएगा। इसमें साइमन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर भारत की राजनीतिक समस्या पर विचार-विमर्श होगा। प्रथम गोलमेज सम्मेलन (12 नवम्बर 1930-19 जनवरी 1931) प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनाल्ड की …

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आंग्ल-मराठा संघर्ष

प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1772 र्इ. से 1784 र्इ.) 1761 र्इ. में पनीपत के तृतीय युद्ध के कुछ समय बाद ही पेशवा बालाजी बाजीराव की मृत्यु हो गयी। उसके पशचात् उसका पुत्र माधवराव पेशवा बना। उसने थोड़े समय में ही मराठा शक्ति ओर साम्राज्य को पुन: बढ़ा लिया और महादजी सिंधिया ने मुगल सम्राट शाहआलम को अंग्रेजों …

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भारत सरकार अधिनियम 1919

सन 1919 में जलियावाला बाग की दुर्घटना के विरोध में दिल्ली, लाहौर आदि स्थानों में उपद्रव हुए और पंजाब के कुछ भागों में फौजी शासन लगा दिया गया। नेताओं की गिरफ्तारी से असंतोष की अग्नि और भडक उठीं इस तूफान तथा विपत्ति के वातावरण में 1918 की रिपाटेर् में की गर्इ शिफारिशों से युक्त एक बिल …

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पिट्स इंडिया एक्ट (1784 र्इ.)

अगस्त, 1784 र्इ. में पिट का इण्डिया एक्ट पास हुआ। इसने भतू पूर्व अधिनियमों के दोषो को दूर करने का प्रयास किया। इसकी भाषा संयमित थी। इसमें कंपनी के प्रदेशांे को शभारत में ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्रश कहा गया था। मुख्य उपबंध 1. गृह सरकार के संबंध में उपबंध-  भारतीय मामलों की देखरेख के लिए नियंत्रण मंडली …

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फोबिया का अर्थ, लक्षण, प्रकार, कारण एवं उपचार

दुर्भीति जिसे अंग्रेजी के फोबिया शब्द से जाना जाता है, वस्तुत: चिंता विकृति के प्रमुख प्रकारों में गिना जाता है। चिंता एक संवेग है जिसमें अविवेकपूर्ण नकारात्मक विचारों की श्रृंखला चलती है, तथा व्यक्ति अपने साथ कुछ बुरा होने की नकारात्मक भययुक्त आशंका से ग्रस्त रहता है। जब तक यह अविवेकपूर्ण डर व्यक्ति के नियंत्रण में …

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मस्तिष्क की संरचना एवं कार्य

पूर्णरूप से विकसित मानवीय मस्तिष्क शरीर के भार का लगभग 1/50 होता है और कपाल गुहा (Cranial cavity) में अवस्थित रहता है। विकास की आरम्भिक अवस्था में मस्तिष्क को तीन भागों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें अग्रमस्तिष्क (Fore brain), मध्यमस्तिष्क (Mid brain) तथा पश्चमस्तिष्क (Hind brain) कहते हैं। 1) अग्रमस्तिष्क  यह मस्तिष्क का आगे का …

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संतुलित आहार, परिभाषा, महत्व एवं घटक

संतुलित आहार की अवधारणा अथवा संतुलित आहार क्या है? संतुलित आहार वह भोजन है, जिसमें विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ ऐसी मात्रा व समानुपात में हों कि जिससे कैलोरी खनिज लवण, विटामिन व अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता समुचित रूप से पूरी हो सके। इसके साथ-साथ पोषक तत्वों का कुछ अतिरिक्त मात्रा में प्रावधान हो ताकि …

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