ध्वनि प्रदूषण की परिभाषा, कारण, प्रभाव एवं रोकने के उपाय

मानव के आधुनिक जीवन ने एक नये प्रकार के प्रदूषण को उत्पन्न किया है जो कि ध्वनि प्रदूषण कहलाता है। भीड़-भाड़ वाले शहर, गाँव, यान्त्रिकी प्रकार का परिवहन, मनोरंजन के नये साधन, उनके निरंतर शोर के द्वारा वातावरण (पर्यावरण) प्रदूषित हो रहा है। वास्तव में शोर जीवन की एक सामान्य प्रक्रिया है और यह मनुष्य के …

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वामपंथी आंदोलन का उद्भव एवं विकास

भारत में वामपंथी आंदोलन का उद्भव बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुआ। सन् 1917 र्इ. में हुर्इ रूस की साम्यवादी राज्यक्रांति की सफलता ने भारतीय उग्र राष्ट्रवादियों की भावना को समाजवाद की आरे मोड़ दिया। असहयोग आंदोलन की असफलता ने उनके इस विचार को दृढ़ता प्रदान की। प्रथम महायुद्ध के पश्चात् बढ़ती हुर्इ मंहगार्इ और बेरोजगारी …

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लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति

1848 र्इ. से 1856 र्इ. का काल ब्रिटिश कालीन भारत के इतिहास में अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। इस काल में लॉर्ड डलहौजी भारत का गवर्नर जनरल रहा। वह बहुत ही सक्रिय प्रशासक था, उसने युद्धों और कूटनीतियों से भारतीय राज्यों पर अधिकार करके भारत में ब्रिटिश कंपनी के साम्राज्य का विस्तार किया। डलहौजी साम्राज्यवादी विचारों …

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मुंह के छाले के कारण, लक्षण एवं चिकित्सा

मुँह के छालो को मुुखकोथ भी कहा जाता है। मुँह के छालो मुँह की म्यूकस झिल्ली में प्रदाह उत्पन्न हो जाता है और व्रण या छाले उत्पन्न हो जाते है। मुँह के छाले एक सामान्य रोग है,जो किसी ना किसी को कभी ना कभी हो ही जाता है। आँकड़ो के अनुसार हर 5 में से 1 …

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क्रांतिकारी आंदोलन

क्रांतिकारी आंदोलन की पृष्ठभूमि  भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की एक पृथक धारा क्रांतिकारी आंदोलन है। भारत के नवयुवकों का एक वर्ग हिंसात्मक संघर्ष को राजनीतिक प्राप्ति के लिए आवश्यक मानते थे। वे स्वयं को मातृभूमि के लिए बलिदान करने को तैयार थे और हिंसक माध्यमों से ब्रिटिश शासन को भयभीत कर, आतंकित कर देश से निकाल देना …

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आंग्ल-बर्मा सम्बन्ध

बर्मा में कंपनी की प्रारंभिक गतिविधियाँ भारत के पूर्व में बर्मा देश है जिसे म्यान्मार भी कहा जाता है। भारतीय साम्राज्य की रक्षा के लिए स्वाभाविक था कि कांग्रेस पूर्वी सीमा की भी रक्षा करे। मुगल सम्राटों ने आसाम के कुछ भागों को जीतकर अपने साम्राज्य में शामिल किया था। बंगाल पर अधिकार करने के बाद …

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अतिसार के कारण, लक्षण एवं वैकल्पिक चिकित्सा

अतिसार एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को बार-बार मल निष्कासन हेतु जाना आवश्यक हो जाता है। मल बिल्कुल पतला होकर निकलता है। अतिसार रोग रोगी को असहाय सा बना देता है। रोगी के शरीर में पानी, खनिज लवण और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। सामान्य रूप से सभी व्यक्ति इस बीमारी से …

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मोटापा के कारण, लक्षण एवं वैकल्पिक चिकित्सा

आज नि:संदेह मोटापा विश्व के अनेक देशों मे सर्वव्यापी समस्या के रूप में चिकित्सा विज्ञान के लिए बन गया है। मोटापा बढ़ने के साथ – साथ यह अनेक रोगों को जन्म देता है। यह शारीरिक अंगों की कुशलता को कम कर उनके कार्यो को प्रभावित करता है। मोटापे से अनेक रोग उत्पन्न होते है। जैसे – …

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मराठों का पतन

मराठों के पतन के कारण  1. एकता का अभाव-  मराठों में एकता का सर्वदा से अभाव था। सामतं प्रथा के कारण मराठा साम्राज्य कर्इ छोटे-बड़ े राज्यों में विभाजित था। पेशवा माधवराव के बाद केंद्रीय सत्ता शिथिल हो गयी थी और एकता का अभाव हो गया था। मराठा सामंतों और शासकों में पारस्परिक आंतरिक कलह, र्इश्र्या और …

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बवासीर के कारण, लक्षण एवं वैकल्पिक चिकित्सा

बवासीर या अर्श जिसे अंग्रेजी मे (Piles) कहा जाता है, अर्श शब्द संस्कृत का है, इसे आयुर्वेद में अर्श, यूनानी चिकित्सा बवासीर, अंग्रेजी मे होमोरायड्स या पाइल्स, ये सभी एक ही रोग के पर्यायवाची शब्द हैं, अष्टाग हदय में अर्श के बारे में निम्न प्रकार से वर्णन मिलता है, – अखित प्राणिनो मांसकीलका विशसन्तियत्। अर्शासि तस्मादुच्यते …

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