महारानी विक्टोरिया की घोषणा तथा 1858 का अधिनियम

1 नवम्बर, 1858 र्इ0 को ब्रिटेन की रानी विक्टोरिया ने एक घोषणा की जिसे भारत के प्रत्येक शहर में पढ़कर सुनाया गयां इस घोषणा में ब्रिटिश सरकार ने उन मुख्य सिद्धान्तों का विवरण दिया जिसके आधार पर भारत का भविष्य का शासन निर्भर करता था। इस घोषणा का कोर्इ कानूनी आधार न था क्योंकि इसे ब्रिटिश …

Read more

ओजोन क्षरण के कारण, वितरण और इसके प्रभाव

हमारे सौरमण्डल में पृथ्वी ही संभवत ऐसा अनोखा ग्रह है, जिसका वायुमण्डल रासायनिक दृष्टि से सक्रिय तथा ऑक्सीजन से भरा हुआ है, अन्य ग्रह कार्बनडार्इ ऑक्साइड, मीथेन तथा हाइड्रोजन जैसी निष्क्रिय गैसों से घिरे हुए हैं। हमारे वायुमण्डल की ऊपरी परत में 15 से 35 किमी के मध्य ओजोन गैस (O3) पायी जाती है। ओजोन गंधयुक्त …

Read more

भारत की प्राकृतिक विपदाएं

पश्चिम प्राकृतिक विपदाये इतनी विकराल प्राकृतिक घटनायें हैं जो मानव को काल के गाल में समा लेती हैं। मनुष्य  प्रकृति पर अपना कब्जा करता जा रहा हैं। वह एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक उपलब्धियां प्राप्त करता जा रहा हैं। लेकिन जब प्राकृतिक विपदायें अपना रौद्र रूप धारण करती हैं तो पलक झपकते ही विनाश के बादल …

Read more

रैयतवाड़ी एवं महालवाड़ी व्यवस्था

रैयतवाड़ी व्यवस्था  यह व्यवस्था 1792 र्इ. में मद्रास पे्रसीडेन्सी के बारामहल जिले में सर्वप्रथम लागू की गर्इ। थॉमस मुनरो 1820 र्इ. से 1827 र्इ. के बीच मद्रास का गवर्नर रहा। रैयतवाड़ी व्यवस्था के प्रारंभिक प्रयोग के बाद कैप्टन मुनरो ने इसे 1820 र्इ. में संपूर्ण मद्रास में लागू कर दिया। इसके तहत कंपनी तथा रैयतों (किसानो) …

Read more

अम्लीय वर्षा का निर्माण, प्रभाव एवं नियंत्रण

अम्लीय वर्षा वायु प्रदूषण का विनाशकारी प्रभाव है। विभिन्न उत्पादन क्रियाओं -उद्योगों, कारखानों, वाहन एवं तेल शोधकों से निकली कार्बन डार्इ ऑक्साइड, नाइट्रिक ऑक्साइड, सल्फर डार्इ ऑक्साइड (SO2), वायु में घुल जाती है। वर्षा जब होती है जब सूर्य किरणों की ऊष्मा समुद्र की सतह, झीलों एवं नदियों की जल सतह पर वाष्पीकरण को उत्प्रेरित करती …

Read more

भारत की जलवायु

वायुमंडलीय दशायें तापमान, वायुदाब, हवाये, आर्द्रता, वर्षा तथा मेघ मुख्य तथ्य एवं परिस्थितियां हैं। वायुमंडलीय अल्पकालिक या क्षणिक दशाओं को मौसम कहते हैं। मौसम की दीर्घकालिक औसत वायुमंडलीय दशाओं को जलवायु कहते हैं। तापमान  भारत का विस्तार उत्तरी गोलार्द्ध में उष्ण एवं शीतोष्ण दोनो कटिबंधों में हैं। भूमध्य रेखीय भागों में औसत दिनरात की लम्बार्इ बराबर …

Read more

स्थायी बंदोबस्त क्या है ?

ब्रिटिश कंपनी (र्इस्ट इण्डिया कंपनी) द्वारा बंगाल में 1793 र्इ. में इस्तमरारी (स्थायी) बन्दोबस्त लागू किया। इस व्यवस्था के अंतर्गत कंपनी द्वारा निश्चित की गर्इ राशि को प्रत्येक जमींदार द्वारा रैयतों से एकत्रित कर जमा करनी होती थी। गाँव से राजस्व एकत्रित करने का कार्य जमींदार द्वारा नियुक्त अधिकारी ‘अमला’ किया करता था। यदि जमींदार राजस्व …

Read more

मृदा प्रदूषण के कारण, दुष्प्रभाव, रोकने के उपाय

भूमि अथवा भू एक व्यापक शब्द है, जिसमें पृथ्वी का सम्पूर्ण धरातल समाहित है किन्तु मूल रूप से भूमि की ऊपरी परत, जिस पर कृषि की जाती है एवं मानव जीविका उपार्जन की विविध क्रियाएँ करता है, वह विशेष महत्व की है। इस परत अथवा भूमि का निर्माण विभिन्न प्रकार की शैलों से होता है, जिनका …

Read more

सुभाष चन्द्र बोस का जीवन परिचय

सुभाषचंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 र्इ. को उड़ीसा में हुआ था। इनके पिता का नाम जानकी नाथ बोस था और माता प्रभावती थी। इनके पिता वकील थे। सुभाषचंद्र अपने चौदह भार्इ बहिनों में छठें पुत्र और नवीं संतान थे। इनका परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार था। इनके माता-पिता अनुशासन प्रिय थे जिसे सुभाष ने भी …

Read more

1857 का विद्रोह : स्वरूप, कारण एवं परिणाम

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन भारतीयों द्वारा स्वत्रतंता प्राप्ति के लिए किये गये संग्राम का इतिहास है। यह संग्राम ब्रिटिश सत्ता की गुलामी से मुक्ति पाने के लिए भारतीयों द्वारा संचालित एवं संगठित आंदोलन है। विद्रोह का स्वरूप भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम 1857 र्इ. में ब्रिटिश सत्ता के विरूद्ध भारतीयों द्वारा पहली बार संगठित एवं हथियार बंद …

Read more