आहार के कार्य

आहार के संबंध में आपने अब तक जितना अध्ययन किया है, उससे आप इस बात का अनुमान तो आसानी से लगा सकते हैं कि आहार का कार्यक्षेत्र अत्यन्त विस्तृत है अर्थात् आहार के कार्यों का दायरा केवल शरीर तक ही सीमित नहीं है, वरन् यह प्राणी के समग्र विकास में सहायक है।  आहार के प्रमुख कार्य …

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स्वदेशी आन्दोलन क्या है ?

स्वदेशी आन्दोलन बंगाल – विभाजन आंदोलन अंतत: स्वदेशी आंदोलन में परिणत हो गयां बंगालियों ने महसूस किया कि संवैधानिक आंदोलन अर्थात् जनसभाओं में भाषण देना, प्रेस द्वारा प्रचार, निवेदन, आवेदन-पत्र एवं सम्मेलन आदि बेकार है। ब्रिटिश सरकार का विरोध बहिष्कार और स्वदेशी आंदोलन द्वारा किया जाना चाहिए। बहिष्कार के मलू में आर्थिक अवधारणा हैं इसके दो …

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कर्नाटक का युद्ध (प्रथम, द्वितीय, तृतीय)

कर्नाटक का प्रथम युद्ध (1744 र्इ. से 1748 र्इ.) 1740 र्इ. में यूरोप में ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार-युद्ध में एक और फ्रांस और दूसरी और ब्रिटेन था अत: दोनों के मध्य यूरोप में युद्ध प्रारम्भ हो गया। इस युद्ध के प्रतिक्रियास्वरूप भारत में भी ब्रिटिश और फ्रेंच कंपनियां परस्पर एक-दूसरे के विरुद्ध रण क्षेत्र में आ गर्इं। …

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आहार का अर्थ, परिभाषा, महत्व एवं आवश्यकता

आहार का अर्थ आहार का अर्थ है भीतर लेना। मुँह से खाना, पीना, नाक से श्वांस लेना, त्वचा से वायु का- धूप का ग्रहण करना, आदि को भी आहार के अन्तर्गत ही समझना चाहिए। जन्म के पहले माँ के रक्त द्वारा बालक को पोषण होता है, जन्म के बाद माँ का स्तन-पान ही उसका आहार है। …

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लार्ड कर्जन के सुधार

कर्जन के आंतरिक प्रशासनिक सुधार- लार्ड कर्जन ने जनवरी,1899 र्इ. में भारत के वायसराय का पद ग्रहण किया। लार्ड कर्जन एक योग्य शासक था। उसके द्वारा किये गये भारतीय समस्याओं से संबंधित आंतरिक प्रशासनिक सुधार इस प्रकार है :- 1. दुर्भिक्ष एवं महामारी की रोकथाम –  लार्ड कर्जन ने बडे धैर्य से इनका सामना किया। उसने …

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परामर्श का अर्थ, परिभाषा एवं सिद्धान्त

‘परामर्श’ शब्द अंग्रेजी के ‘counselling’ शब्द का हिन्दी रुपान्तर है,जो लैटिन के ‘Consilium’ से बना है जिसका शब्दिक अर्थ है सलाह लेना या परामर्श लेना। अत: परामर्श एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें परामर्श प्राथ्री अपने से अधिक अनुभवी, योग्य व प्रशिक्षित व्यक्ति के पास जाकर पूछताछ, विचार-विमर्श, तर्क-वितर्क तथा विचारों का विनिमय करता है। इस प्रक्रिया …

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दिनचर्या का अर्थ, परिभाषा, आवश्यकता एवं महत्व

दिनचर्या का अर्थ – दिनचर्या शब्द दिन चर्या दो शब्दों से मिलकर बना है। दिन का अर्थ है दिवस तथा चर्या का अर्थ है। चरण अथवा आचरण से हैं। अर्थात् प्रतिदिन की चर्या को दिनचर्या कहते हैं। दिनचर्या एक आदर्श समय सारणी है जो प्रकृति की क्रमबद्धता को अपनाती है, तथा उसी का अनुसरण करने का …

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बंगाल विभाजन (1905 र्इ.)

भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में बंगाल विभाजन का एक विशिष्ट स्थान है। बंगाल प्रान्त के अन्तर्गत खास बंगाल, बिहार, उड़ीसा, तथा छोटा नागपुर थे।इस विशाल प्रान्त से सरकार को प्रतिवर्ष ग्यारह करोड़ रूपये से भी अधिक का राजस्व प्राप्त होता था। सरकार का विचार था कि इतने बड़ा प्रान्त पर एक व्यक्ति का शासन …

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धुंध (Smog) क्या है, इससे खुद को कैसे बचाएं?

Smog शब्द दो शब्दों के मेल से बना है Smoke = Fog = Smog धुंध असल में पानी के कणों और धुएं में उपस्थित कार्बन के कणों के मिश्रित होने से बनता है और यह सर्दी के मौसम में अधिक होता है क्योंकि उस समय कोहरे में पानी के कण हवा में होते हैं और कार्बन …

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सामाजिक मनोविज्ञान क्या है ?

सामाजिक मनोविज्ञान में हम जीवन के सामाजिक पक्षों से सम्बन्धित अनेकानेक प्रश्नों के उत्तरों को खोजने का प्रयास करते हैं। इसीलिए सामाजिक मनोविज्ञान को परिभाषित करना सामान्य कार्य नही है। राबर्ट ए. बैरन तथा जॉन बायर्न (2004:5) ने ठीक ही लिखा है कि, ‘सामाजिक मनोविज्ञान में यह कठिनार्इ दो कारणों से बढ़ जाती है : विषय …

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