जाति व्यवस्था का सम्पूर्ण विचार प्राप्त करने के लिए इसकी विशेषताओं का वर्णन किया जा सकता है

‘जाति’ शब्द एक पुर्तगाली शब्द ‘कास्टा’ से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ नस्ल, कुल या समूह से लिया गया है। एक व्यक्ति एक जाति में पैदा होता है और स्थायी तौर पर उसी का सदस्य बना रहता है।  जाति व्यवस्था की विशेषताएं जाति-व्यवस्था का सम्पूर्ण विचार प्राप्त करने के लिए इसकी विशेषताओं का वर्णन किया जा …

Read more

इतिहास अतीत का अर्थ, परिभाषा, उपयोगिता, महत्व, प्रकृति व क्षेत्र

इतिहास अतीत क्या है? इस प्रश्न के उत्तर अनेक रूपों में हमारे सामने आते हैं। विभिन्न विद्वानों के द्वारा इसके अनेक उत्तर दिये गये हैं। इतिहास अतीत एक ऐसा विषय है जिसे सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता। इतिहास अतीत हर विषय से सम्बन्धित है। प्राचीनकाल से आज तक इस पृथ्वी पर जो कुछ भी हुआ …

Read more

राजनीतिक आधुनिकीकरण क्या है इसकी विशेषताएं

राजनीतिक आधुनिकीकरण, आधुनिकीकरण का एक पक्ष है जिसका सम्बन्ध आधुनिकीकरण के राजनीतिक पक्ष से है। राजनीतिक आधुनिकीकरण की अवधारणा आधुनिकीकरण की अवधारणा पर आधारित है। आधुनिकीकरण की धारणा को समझकर ही राजनीतिक आधुनिकरण को समझा जा सकता है। आधुनिकरण की धारणा एक बहुत व्यापक और विशाल धारणा है। इसका सम्बन्ध जीवन के हर क्षेत्र में होने …

Read more

प्राकृतिक आपदा के प्रकार, प्राकृतिक संकट और प्राकृतिक आपदा में क्या अंतर है?

मानव पर दुष्प्रभाव डालने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों को प्राकृतिक आपदाएं है।  प्राकृतिक आपदा के प्रकार 1. भूकम्प – भूकंप आकस्मिक पर्यावरणीय अपदा है, जिसके सामने मानव की समस्त शक्तियाँ व्यर्थ हैं। भूकंप पृथ्वी की आन्तरिक चट्टानों में तनाव के कारण प्रकट होता है जिसका अनुमान लगाना आज भी सम्भव नहीं है। भूकंप के झटके कुछ ही क्षणों …

Read more

स्थानीय इतिहास क्या है?

स्थानीय इतिहास अतीत को आमतौर पर ‘ऐतिहासिक-लेखन की विशिष्ट धारा जो भौगोलिक रूप में लघु क्षेत्र पर केन्द्रित, अव्यावसायिक इतिहास अतीतकारों द्वारा, अशैक्षिक श्रोताओं के लिए लगातार लिखा जाने वाला और उन पर केन्द्रित इतिहास अतीत माना जाता है।’ पश्चिमी देशों में, विशेष रूप से ब्रिटेन में, फ्रांस और अमेरिका में, स्थानीय इतिहास अतीत 18वीं (अठारहवीं) …

Read more

मंत्रिपरिषद का आकार, रचना और कार्यकाल

संविधान के अनुच्छेद 74(9) में मंत्रिपरिषद की व्यवस्था है। 44वें संविधान संशोधन के बाद इस अनुच्छेद का स्वरूप इस प्रकार है- राष्ट्रपति को अपने कार्यों का संपादन करने में सहायता और मंत्रणा देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा। राष्ट्रपति अपने कार्यों के निर्वहन में उसकी मंत्रणा के अनुसार चलेंगे। राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद है …

Read more

सृजनात्मकता : अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं/तत्व/सिद्धांत

सृजनात्मकता का सामान्य अर्थ है सृजन अथवा रचना करने की योग्यता। मनोविज्ञान में सृजनात्मकता से तात्पर्य मनुष्य के उस गुण, योग्यता अथवा शक्ति से होता है जिसके द्वारा वह कुछ नया सृजन करता है। जेम्स ड्रेवर के अनुसार-’’सृजनात्मकता नवीन रचना अथवा उत्पादन में अनिवार्य रूप से पाई जाती है।’’ क्रो व क्रो के अनुसार-’’सृजनात्मकता मौलिक परिणामों …

Read more

केम्ब्रिज सम्प्रदाय क्या है ?

अनिल सील के शोधा प्रबंध इमरजेंस ऑफ इंडिया नेशनलिज्म (1968) का निर्देशन केम्ब्रिज के जॉन गेलेधर ने किया था। इस शोध ग्रंथ में जॉन गेलेधर की अभिधारणा को ही आगे बढ़ाया गया। अनिल सील के प्रथम पीढ़ी के छात्रों खासतौर पर जुडिथ ब्राउन, जिन्होंने गांधीजी राईज टू पावर (केम्ब्रिज 1972) लिखी, ने भी इस परंपरा को …

Read more

प्रधानमंत्री की शक्तियां एवं कार्य का वर्णन

भारत का प्रधानमंत्री मंत्रि-मण्डल रूपी मेहराब की आधारशिला (Key-stone of the Cabinet Arch) हैं। इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री की भांति उसको इतनी व्यापक शक्तियाँ प्राप्त हैं कि उसको देश में शासन प्रबन्ध का केन्द्र कहा जा सकता है। प्रधानमंत्री की शक्तियां एवं कार्य देश के शासन में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं, जिसकों इतनी शक्तियाँ प्राप्त हो। …

Read more

संवेग का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, किशोर में पाये जाने वाले संवेगात्मक व्यवहार

संवेग क्या है? आम लोगों के लिए इसे परिभाषित करना बहुत सरल है। प्रसन्नता, खुशी, क्रोध, उदासी, ईर्ष्या, प्रेम आदि अनुभव किए जाने वाले सामान्य संवेग हैं। उदाहरण स्वरूप हम अच्छा खाना खाते हैं और संतुष्ट महसूस करते हैं। हम अच्छी फिल्म दखते हैं और प्रसन्न महसूस करते हैं। हम प्रियजनों के साथ समय बिताते हैं …

Read more