भाषा की उत्पत्ति का सिद्धांत

प्राचीनकाल से भाषा की उत्पत्ति पर विचार होता रहा है। कुछ विद्वानों का मंतव्य है कि यह विषय भाषा-विज्ञान का है ही नहीं। इस तथ्य की पुष्टि में उनका कहना है कि विषय मात्रा संभावनाओं पर आधारित है। भाषा के वैज्ञानिक अध्ययन को भाषाविज्ञान कहते हैं। यदि भाषा का विकास और उसके प्रारंभिक रूप का अध्ययन भाषाविज्ञान …

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न्यायिक पुनरावलोकन क्या है न्यायिक पुनरावलोकन की विशेषताएं

भारत में न्यायिक पुनरावलोकन की उत्पत्ति को समझाते हुए, जस्टिस पी. बी. मुखर्जी ने स्पष्ट किया, भारत में यह संविधान ही है जो सर्वोच्च है और संसद के साथ-साथ राज्य विधान सभाओं को न केवल संविधान की सातवीं सूची में दर्ज तीन सूचियों में वर्णित उन संबंधित क्षेत्रों की सीमाओं के अंदर ही कार्य करना होता …

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जाति व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं

भारत में जाति व्यवस्था का अध्ययन तीन परिप्रेक्ष्यों में किया गया है: भारतशास्त्रीय (Indological), समाज-मानवशास्त्रीय (socio-anthropological) तथा समाज-शास्त्रीय (sociological)। भारतशास्त्रीयों ने जाति का अध्ययन धर्म ग्रंथीय (scriptual) दृष्टिकोण से किया है, समाज मानवशास्त्रियों ने सांस्कृतिक दृष्टिकोण से किया है तथा समाजशास्त्रयों ने स्तरीकरण के दृष्टिकोण से किया है। भारतशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में भारतशास्त्रियों ने जाति प्रथा की …

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मिथक का अर्थ, परिभाषा, प्रकार और भेद

संस्कृत में ‘मिथक’ शब्द के समीपवर्ती शब्दों के रूप में दो ही शब्दों का प्राधान्य रहा है। प्रथम है ‘मिथस’ अथवा ‘मिथ’, जिसका अर्थ है – ‘परस्पर सम्मिलन’ तथा द्वितीय है ‘मिथ्या’ जिसका अर्थ है – झूठ तथा असत्य। यदि मिथक का उद्धव ‘मिथस’ से माना जाए तो इस शब्द का अभिप्राय मात्र गप्प अथवा कपोल …

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शैक्षिक नेतृत्व का अर्थ, आवश्यकता, महत्व एवं कार्य क्षेत्र

वर्तमान युग में शिक्षा का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक होता जा रहा है। शिक्षा मन्त्रालय, शिक्षा विभाग तथा शिक्षालयों में सभी प्रकार के व्यक्तियों को कार्य करना पड़ता है। इनमें से कुछ व्यक्ति प्रशासक के रूप में अपने कार्य का निर्वाह करते हैं तथा अन्य व्यक्तियों से आशा की जाती हैं कि वे प्रशासक के आदेशानुसार कार्य …

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संयुक्त परिवार में परिवर्तन के कारण

परम्परागत (संयुक्त) परिवार व्यवस्था के विखण्डन के लिए कौन-कौन से कारक उत्तरदायी हैं? परिवार में परिवर्तन किसी प्रभावों के एक समुच्चय (set of influences) से, नहीं आया है, और न यह सम्भव है कि इन कारकों में से किसी एक को प्राथमिकता दी जा सके। इस परिवर्तित होते हुए परिवार के लिए कई कारक उत्तरदायी है। …

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परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों का वर्णन

परिवार नियोजन का साधारण अर्थ है कि ‘‘एक दम्पति यह योजना बनाएं कि जन्म नियन्त्रण करके कितने बच्चों को पैदा करना है।’’ उस हेतु उसे परिवार नियोजन को प्रयोग में लाना है।  परिवार नियोजन के उपाय परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों का वर्णन निम्नलिखित है – 1. परिवार नियोजन के प्राकृतिक उपाय नैसर्गिक परिवार नियोजन इस …

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SWOT स्वोट विश्लेषण क्या है स्वोट विश्लेषण की विशेषताएँ?

स्वोट विश्लेषण किसी विशेष परिस्थिति को मूल्यांकित करने की विश्लेषणात्मक प्रविधि है। स्वोट (SWOT) चार शब्दों का संक्षिप्त रूप है। S से तात्पर्य Strength अर्थात् शक्तियां, W से Weakness कमजोरियां, O से Opportunities अवसर तथा T से Threats चुनौतियां। किसी भी परिस्थिति के ये चार पक्ष होते हैं जो उसका समग्र विश्लेषण करने के लिए आवश्यक …

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संयुक्त परिवार का अर्थ, परिभाषा, प्रमुख विशेषताएं

भारत में संयुक्त परिवार प्रथा, भूतकाल से चली आ रही है संयुक्त परिवार जिसमें कम से कम 5 से 25 व्यक्तियों का समूह होता है जहाँ परिवार का मुखिया दादा या बड़ा सदस्य होता है। वह परिवार की भलाई के लिए समय-समय पर निर्णय लेते है। और उसका निर्णय मान्य होता है। सब उसका आदर करते है। …

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परिवार का अर्थ, परिभाषाएं एवं विशेषताएं

एक घर में साथ-साथ रहने वाले, एक साथ भोजन करने वाले, यौन व्यवहार एवं प्रजनन प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले तथा एक-दूसरे के सुख-दुख में साझीदार व्यक्तियों के समूह को परिवार कहा जाता है। परिवार ऐसे व्यक्तियों का समूह कहा जा सकता है जो पति-पत्नी, माता-पिता, पुत्र-पुत्री एवं भाई-बहन, के रूप में परस्पर अन्त: क्रियाएँ करते …

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