मनोरोग क्या है, परिभाषा, लक्षण और कारण

मनोरोग मानसिक स्वास्थ्य की ठीक विपरीत की स्थिति है, जिसमें व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति के विपरीत व्यवहार करता है मानसिक रोग एक ऐसा रोग है जो कि किसी भी आयु किसी भी वर्ग व जाति के व्यक्ति को हो सकता है जिस प्रकार शारीरिक परेशानियां होने पर उसका उपचार कराने हेतु चिकित्सक के पास …

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अरविन्द घोष का जीवन परिचय एवं महत्वपूर्ण रचनाएं

अरविन्द घोष का जन्म 15 अगस्त, 1872 ई0 को कलकत्ता में हुआ। उनके पिता डॉ. कृष्णधन घोष एक सफल चिकित्सक थे और उन पर पाश्चात्य सभ्यता व संस्कृति का प्रभाव कुछ ज्यादा ही था। इसलिए उन्होंने अरबिन्द घोष को भारतीय सभ्यता से दूर रखने के लिए दार्जिलिंग के लोरेंटो कॉन्वेट स्कूल में प्रवेश दिला दिया। दो …

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एकल अध्ययन का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, अवस्थाएं, प्रकार एवं विशेषताएँ

एकल अध्ययन का अर्थ एकल (Case) का अर्थ किसी व्यक्ति विशेष से ही नहीं बल्कि ‘एकल’ का अर्थ एक संस्था, राष्टं, धर्म, एक व्यक्ति या समूह भी हो सकता है। इस प्रकार की स्थिति (एकल) को संकेत करती है एकल का अर्थ किसी भी इकाई से होता है- एकल एक निकट अध्ययन (Close study of a …

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साक्षात्कार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकार एवं उद्देश्य

करलिंगर के अनुसार, ‘साक्षात्कार अन्तर-व्यक्तिगत भूमिका की ऐसी स्थिति है, जिसमें एक व्यक्ति (साक्षात्कारकर्त्ता) एक दूसरे व्यक्ति (जिसका साक्षात्कार किया जा रहा है) अथवा उत्तरदाता से उन प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करना चाहता है, जिनकी रचना सम्बन्धित अनुसन्धान समस्या के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए की गई है।’ साक्षात्कार का अर्थ साक्षात्कार का अंग्रेजी रूपान्तर ‘इन्टरव्यू’ …

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सूक्ष्म शिक्षण का अर्थ ,परिभाषा, सिद्धांत, मूलभूत मान्यताएँ

सूक्ष्म-शिक्षण प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नवीन नियन्त्रित अभ्यास की प्रक्रिया है। इसका विकास स्टेनपफोर्ड यूनिवर्सिटी में किया गया। सन् 1961 में एचीसन, बुश तथा एलन ने सर्वप्रथम नियन्त्रित रूप में ‘संकुचित-अध्ययन-अभ्यास क्रम’ प्रारम्भ किये, जिनके अन्तर्गत प्रत्येक छात्राध्यापक 5 से 10 छात्रों को एक छोटा-सा पाठ पढ़ाता था और अन्य छात्राध्यापक विभिन्न प्रकार की भूमिका …

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अनुदेशन प्रारूप का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, मान्यताएँ

अनुदेशन प्रारूप दो शब्दों से मिलकर बना है-(1) अनुदेशन तथा (2) प्रारूप (Instruction + Designs) अनुदेशन का अर्थ है सूचनाएँ देना तथा प्रारूप का अभिप्राय ‘वैज्ञानिक विधियों से जाँच किये गये’ सिद्धान्तों से है। सारा शोध-संसार कुछ धारणाओं के आधार पर कार्य करता है और उनका मूल्यांकन कर निश्चित निष्कर्षों पर पहुँचने में मदद देता है। …

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शिक्षण नीतियां का अर्थ, परिभाषा व विशेषताएँ

शिक्षण नीतियां दो शब्दों से मिलकर बना है शिक्षण + नीतियां (Teaching and Strategies)। शिक्षण एक अन्त:क्रियात्मक प्रक्रिया है जो कक्षागत परिस्थितियों में वांछित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए छात्र और शिक्षकों के द्वारा सम्पन्न की जाती है। नीतियाँ योजना, नीति, चतुराई तथा कौशल की ओर संकेत करती है।  कौलिन इंगलिश जैम शब्दकोश (The Collin English Gem Dictionary …

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शैक्षिक तकनीकी का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, उपयोगिता

शैक्षिक तकनीकी की विभिन्न विद्वानों ने विभिन्न प्रकार से परिभाषायें दी हैं। कुछ महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ नीचे उद्धृत की जा रही हैं। ये परिभाषाएँ शैक्षिक तकनीकी के अर्थ एवं स्वरूप को समझने में सहायता प्रदान करती हैं – शैक्षिक तकनीकी की परिभाषा 1. शैक्षिक तकनीकी की एकांगी परिभाषाएँ 1. जैकोटा ब्लूमर (Jacquetta Bloomer, 1973) – शैक्षिक तकनीकी …

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व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र में अंतर

व्यष्टि अर्थशास्त्र तथा समष्टि अर्थशास्त्र आर्थिक समस्याओं तथा विश्लेषण के दो मार्ग हैं। पहले का संबंध व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों के अध्ययन से है, जबकि दूसरे का समस्त अर्थव्यवस्था के अध्ययन से है।  रेगनर प्रिफश (Ragner Frisch) पहला व्यक्ति था जिसने 1933 में अर्थशास्त्र में व्यष्टि तथा समष्टि शब्दों का प्रयोग किया था। व्यक्तियों और व्यक्तियों के …

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रूप परिवर्तन के कारण एवं दिशाएं

भाषा निरन्तर परिवर्तनशील या विकाशील है। भाषा के विकास के साथ-साथ शब्द-रूपों में परिवर्तन होना स्वाभाविक हैं यही भाषा विज्ञाान में रूप परिवर्तन कहलाता है। रूप परिवर्तन के कारण रूप परिवर्तन के कारण ‘रूप’ का सम्बन्ध ध्वनियों से है।  1. सरलीकरण की प्रवृत्ति – सरलीकरण की प्रवृति मानव की वृत्ति रही है। साथ ही कठिनता से सरलता …

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