दलित शब्द का अर्थ, परिभाषा एवं दलितों का इतिहास

दलित शब्द का शाब्दिक अर्थ है – दलन किया हुआ। इसमें वह हर व्यक्ति आ जाता है जिसका शेण-उत्पीड़न हुआ है। रामचंद्र वर्मा ने अपने शब्दकोश में दलित का अर्थ लिखा है, ‘‘मसला हुआ, मर्दित, दबाया, रौंदा या कुचला हुआ, विनष्ट किया हुआ।’’ ‘‘दलित-वर्ग- समाज का वह वर्ग जो सबसे नीचा माना गया हो या दुखी …

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दुर्खीम के आत्महत्या का सिद्धांत, दुर्खीम के अनुसार आत्महत्या के प्रकार

फ्रांस के सामाजिक विचारकों में दुर्खीम को ऑगस्ट कॉम्ट का उत्तराधिकारी माना जाता है। दुर्खीम का जन्म 15 अप्रैल 1858 सन् में पूर्वी फ्रांस के लॉरेन प्रान्त में स्थित एपिनाल (Epinal) नामक नगर में एक यहूदी परिवार में हुआ था। इनके पारिवारिक व शैक्षणिक जीवन के बाद इन्होंने अनेक सिद्धांत समाजशास्त्र में प्रतिपादित किये।  दुर्खीम के …

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अहिल्याबाई होल्कर का जीवन परिचय

माँ अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 1725 में महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिला में चौड़ी नामक गाँव में हुआ था। मल्हार राव होल्कर जब सेना के साथ युद्ध से लौटे तो उन्होने ग्राम चौड़ी में पड़ाव डाला। इसी दौरान श्रीमंत मल्हार राव होल्कर ग्राम भ्रमण पर निकले। ग्राम भ्रमण के दौरान उनकी नजर शिव मंदिर में पूजा …

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कार्ल मार्क्स का वर्ग संघर्ष सिद्धांत की विवेचना

मार्क्सवादी विचार के अनुसार मनुष्य साधारणतया एक सामाजिक प्राणी है, परन्तु अधिक स्पष्ट और आर्थिक रूप में वह एक ‘वर्ग-प्राणी’ है। कार्ल मार्क्स का कहना है कि किसी भी युग में, जीविका उपार्जन की प्राप्ति के विभिन्न साधनों के कारण पृथक-पृथक वर्गों में विभाजित हो जाते हैं और प्रत्येक वर्ग में एक विशेष वर्ग-चेतना उत्पन्न हो जाती …

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प्रतिबद्धता का अर्थ, परिभाषा एवं घटक

प्रतिबद्धता का अर्थ है कि विशेष व्यक्ति, सिद्धान्त अथवा कार्य के प्रति वचन देना, किसी भी सामाजिक व्यवस्था के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना एवं अपनी ऊर्जा को उस सामाजिक कार्य में समर्पित कर देने की तत्परता।  प्रतिबद्धता किसी कार्य के प्रति समर्पित होने अथवा कार्य के प्रति वचनबद्धता को कहा जा सकता है। अपने कार्य …

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कार्ल मार्क्स का ऐतिहासिक भौतिकवाद की संक्षेप में विवेचना

ऐतिहासिक भौतिकवाद मार्क्स के विचारों की धूरी है। यह सिद्धांत इतिहास, संस्कृति और सामाजिक परिवर्तन की सभी आदर्शवादी व्याख्याओं को नकारता है। मानवशास्त्रीय दर्शन पर आधारित यह सिद्धांत इतिहास की व्याख्या मानव द्वारा सामाजिक विश्व के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिये किये गये आर्थिक प्रयत्नों और मूलभूत आर्थिक विभिन्नताओं के कारण उत्पन्न वर्ग संघर्ष के …

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सृजनात्मकता से क्या अभिप्राय है?

पहले यह माना जाता था कि केवल लेखक, कवि, चित्रकार, संगीतकार आदि व्यक्ति ही सृजनात्मक होते हैं परन्तु अब माना जाने लगा है कि मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सृजनात्मकता की अभिव्यक्ति हो सकती है। वास्तव में संसार के समस्त प्राणियों में सृजनात्मकता पाई जाती है-किसी में कम मात्रा में सृजनात्मकता होती है तथा किसी …

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प्रत्यक्षवाद क्या है इसकी मूल मान्यताएं एवं विशेषताएं

प्रत्यक्षवाद का अर्थ सामाजिक घटनाओं का प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण करके किसी निष्कर्ष तक पहुँचना है। प्राकृतिक विज्ञानों का विकास तेजी से इसी कारण हुआ कि इनके द्वारा विभिन्न पदार्थों का अध्ययन कल्पना के आधार पर न करके निरीक्षण, परीक्षण के आधार पर किया जाता है। वैज्ञानिक इस आधार पर कार्य करते है कि सभी पदार्थ …

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महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन परिचय |

ज्योतिबा फुले का जीवन परिचय महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के पुणे या पूना शहर में हुआ था । वैसे उनकी जन्म तिथि के बारे में स्पष्ट एवं निर्विवाद जानकारी उपलब्ध नहीं है । ज्योतिबा फुले के पिता सातारा से 25 किलोमीटर दूर कटगन गांव के निवासी थे । उनके परिवार का …

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1965 भारत पाकिस्तान युद्ध की पूरी कहानी

भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान बनते ही तमाम ऐसे मुद्दे पैदा हो गए जो आज तक दोनों देशों के बीच विवाद की जड. बने हुए है। ऐसे मुद्दों का समाप्त होना तो दूर बल्कि इनमें इजाफा ही होता गया हैं विभाजन के तत्काल बाद दोनों देशों ने आपस में युद्ध कर अपनी भडास निकालने की …

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