व्यक्तित्व का अर्थ, परिभाषा, एवं व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक

साधारणतः व्यक्तित्व का अर्थ व्यक्ति के बाह्य रूप, रंग तथा शारीरिक गठन आदि से लगाया जाता है। दैनिक जीवन में प्रायः हम यह सुना करते हैं कि अमुक व्यक्ति का व्यक्तित्व बड़ा अच्छा है, प्रभावशाली है या खराब है। अच्छे व्यक्तित्व का अभिप्राय यह है कि उस व्यक्ति की शारीरिक रचना सुन्दर है, वह स्वस्थ एवं …

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बाल अपराध का अर्थ, उसकी परिभाषाएं और उसके कारण

एक निश्चित आयु से कम आयु के बच्चों का अपराधपूर्ण कार्य बाल अपराध समझा जाता है। किन्तु प्रश्न उठता है कि बालक किसे कहा जाए? इसके लिए कम या अधिकतम आयु सीमा क्या है? इस संबंध में यह लिखना अनुचित नहीं प्रतीत होता है कि विभिन्न राज्यों या राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न आयु के बच्चे को बाल …

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मन का अर्थ, परिभाषा, प्रकार

मन की हम मात्र कल्पना कर सकते हैं। इसको न तो किसी ने देखा है और न ही हम इसकी कल्पना कर सकते हैं।’’ दूसरे शब्दों में मस्तिष्क के विभिन्न अंगों की प्रक्रिया का नाम मन है। मन का अर्थ मन शब्द का प्रयोग कई अर्थों में किया जाता है। जैसे- मानस, चित्त, मनोभाव तथा मत। लेकिन …

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सर्वोदय का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, तत्व एवं विशेषताएं

सर्वोदय ऐसी समाज रचना चाहता है जिसमें वर्ण, वर्ग, धर्म, जाति, भाषा आदि के आधार पर किसी समुदाय का न तो संहार हो, न बहिष्कार हो। सर्वोदय का अर्थ सर्वोदय अर्थात् सबका उदय, सभी का विकास। सर्वोदय भारत का पुराना आदर्श है। विनोबा जी ने कहा है, सर्वोदय का अर्थ है- सर्वसेवा के माध्यम से समस्त …

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शोध प्रारूप क्या है शोध प्रारुप के प्रकार?

‘‘क्या तथ्य इकट्ठा करना है, किनसे, कैसे और कब तक इकट्ठा करना है और प्राप्त तथ्यों को कैसे विश्लेषित करना है कि योजना शोध प्रारूप है।’’ शोध प्रारूप शोध की ऐसी रूपरेखा होती है, जिसे वास्तविक शोध कार्य को प्रारम्भ करने के पूर्व व्यापक रूप से सोच-समझ के बाद तैयार किया जाता है।  शोध की प्रस्तावित …

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सामाजिक शोध का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं चरण

सामाजिक घटनाओं एवं समस्याओं के सम्बन्ध में नये ज्ञान की प्राप्ति हेतु व्यवस्थित अन्वेषण को हम सामाजिक शोध कहते हैं, जिसके सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक उद्देश्य होते हैं। शोध की सम्पूर्ण प्रक्रिया विविध चरणों से गुजरती हुई पूर्ण होती है। वस्तुनिष्ठता से युक्त सामाजिक शोध से न केवल विषय की समझ विकसित होती है, बल्कि नए ज्ञान …

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संप्रत्यात्मक विकास क्या है? बच्चों के प्रत्ययों की विशेषताएँ

सभी प्रकार के सीखने का आधार प्रत्यय है। शैशवावस्था से वृद्धावस्था तक मनुष्य अनेक नए प्रत्ययों का निर्माण करता है तथा प्रतिदिन के जीवन में पुराने निर्मित प्रत्ययों का प्रयोग करता है। व्यक्ति स्वयं आयु, अनुभव व बुद्धि के आधार पर प्रत्यय निर्माण के अलग-अलग स्तर पर होते है।  उदाहरणार्थ – एक चार साल के बच्चे …

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आदर्शवाद का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत/ आदर्शवाद क्या है

आदर्शवाद पाश्चात्य दर्शन की प्राचीन विचारधारा है। ज्ञान की किरण भारत के बाद यदि कहीं पहले प्रस्फुटित हुई तो वह यूनान (ग्रीस) देश में। यूनान पाश्चात्य दर्शन की गुरुस्थली है। ईसा की कई शताब्दी पूर्व वहाँ तत्व ज्ञान का विकास होने लगा था। पश्चिमी जगत में यूनानी दार्शनिक थेल्स 640-550 ई. पू. सबसे पहले व्यक्ति थे …

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कला का अर्थ, परिभाषा एवं रूप

कला अत्यन्त व्यापक शब्द है। प्राचीन काल से भारतीय भाषाओं में कला एवं इससे भी पूर्व से कला और शिल्प का प्रयोग हो रहा है। Art शब्द का प्रयोग तेरहवीं शताब्दी से प्रारम्भ हुआ, जिसका अर्थ बनाना, उत्पन्न करना या ठीक करना है। कला मानव की अभिव्यक्ति का रूप है। यह अनायास हो या सायास, किन्तु इस …

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मैक्स वेबर का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचनाएं

Max Weber ka jeevan parichay मैक्स वेबर  का जन्म जर्मनी के थुरिंगा (Thuringa) शहर में 21 अप्रैल 1864 को एक प्रोटेस्टेंट परिवार में हुआ था। वह अपने माता-पिता के सात पुत्रों में से सबसे बड़ा था। मैक्स वेबर के पिता पश्चिमी जर्मनी के व्यापारियों तथा वस्त्र निर्माताओं के परिवार में उत्पन्न हुए थे। दृढ़ प्रोटेस्टेंट विश्वासों के …

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