रुचि का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, रुचि मापन की विधियां

हम अपने दैनिक जीवन में देखते हैं कि एक व्यक्ति यदि प्रोफेसर बनना चाहता है तो दूसरा डॉक्टर, इंजीनियर अथवा वकील बनना पसंद करता है। इसी प्रकार, विद्यालय में जहा प्रतीक को गणित, अनुभा को गृह विज्ञान, सोनल को संगीत, फराह को राजनीति शास्त्र पढ़ना अच्छा लगता है, वहीं सुशान्त हर समय पिक्चर की ही बातें …

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साक्षात्कार क्या है? साक्षात्कार की परिभाषा

सामान्यत: दो या दो से अधिक व्यक्तियों द्वारा किसी विशेष उद्देश्य से आमने-सामने की गयी बातचीत को साक्षात्कार कहा जाता है। साक्षात्कार एक प्रकार की मौखिक प्रश्नावली है जिसमें हम किसी भी व्यक्ति के विचारों और प्रतिक्रियाओं को लिखने के बजाय उसके सम्मुख रहकर बातचीत करके प्राप्त करते हैं। साक्षात्कार एक आत्मनिष्ठ विधि है इसके माध्यम …

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अस्तित्ववाद क्या है, अर्थ, परिभाषा, प्रमुख विशेषताएं

अस्तित्ववाद से क्या तात्पर्य है अस्तित्ववाद एक ऐसी विचारधारा है जो 19 वीं और 20 वीं शताब्दी के दौरान सामने आई। इसके मूल में आधुनिकता की यह दृष्टि निहित थी कि एक मनुष्य सोचता, विचारता, अनुभव करता, जीवन जीता वैयक्तिक (Individual) है। ज्याँ पाल सार्त्र के अनुसार मूलत: यह मानववाद है।  उनका कथन है कि, ‘‘ …

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कार्य विवरण का अर्थ, परिभाषा, लाभ, विशेषताएँ

कार्य विवरण कार्य को प्रस्तुत करने की एक विशिष्ट प्रणाली होती है। यह कार्य का विस्तृत रूप दर्शाने की एक प्रत्यक्ष विधि है जिससे कर्मचारी को क्या करना है? इसका ज्ञान हो जाता है। इसे सरल ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रमापित प्रारूप होता है। इसकी सहायता से सन्दर्भ शीघ्र मिल जाता है। इससे शंकाओं …

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सहयोग का अर्थ, परिभाषा, महत्व एवं प्रकार

जब व्यक्ति समान उद्देश्य के लिए एक साथ कार्य करते हैं तो उनके व्यवहार को सहयोग कहते हैं। सहयोग व्यक्ति की मौलिक आवश्यकता है क्योंकि इससे उसकी आवश्यकताओं की संतुष्टि तथा उद्देश्यों की पूर्ति होती है। व्यक्ति चेतन रूप से सहयोगिक क्रिया में भाग लेता है। सहयोग की परिभाषा ग्रीन, ए डब्लू ,‘‘सहयोग दो या अधिक व्यक्तियों …

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अभिप्रेरणा का अर्थ, परिभाषा सिद्धांत, स्रोत, विधियां

प्राणी के व्यवहार को परिचालित करने वाली जन्मजात तथा अर्जित वृतिया को प्रेरक कहते है। यह वह अन्तवृति है जो प्राणी मेंं क्रिया उत्पन्न करती है और उस क्रिया को तब तक जारी रखती है जब तक उद्देश्य की पूर्ति नहीं जाती है। ‘Motivation’ शब्द लेटिन भाषा के ‘Movers’ का रूपान्तर है जिसका अर्थ है आगे …

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स्वामी दयानन्द सरस्वती का जीवन परिचय

दयानंद सरस्वती ब्रह्म को निराकार, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान एवं सर्वज्ञ मानते हैं। साथ ही वे जीवात्माओं एवं पदार्थों के स्वतंत्र अस्तित्व को भी स्वीकार करते है। उनके अनुसार ब्रह्म या ईश्वर इस ब्रह्माण्ड का कर्ता है, पदार्थ जन्य इसके उपादान का कारण है और जीवात्माएँ इसके सामान्य कारण। अर्थात् पदार्थ जन्म जगत भी वास्तविक है, यर्थाथ है। …

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स्मृति का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ प्रकार

स्मृति एक मानसिक प्रक्रिया है। जिसमें व्यक्ति धारण की गयी विषय वस्तु का पुन: स्मरण करने चेतना में लाकर उसका उपयोग करता है। व्यक्ति जो कुछ भी नित्य अनुभव करता है वह मस्तिष्क में किसी-न-किसी रूप में संचित होता रहता है। जो अनुभव मन के अचेतन स्तर पर रहते हैं या चेतनायुक्त नहीं होते उन्हें ‘संचय’ …

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वैयक्तिक अध्ययन पद्धति क्या है ?

वैयक्तिक अध्ययन पद्धति सामाजिक शोध में तथ्य संकलन की एक महत्वपूर्ण विधि है। इसका प्रयोग विविध सामाजिक विज्ञानों में कई दशकों से होता आया है। अनेकों विद्धानों ने अपने अध्ययनों में इस पद्धति का प्रयोग किया है। यह पद्धति किसी भी सामाजिक इकाई का उसकी सम्पूर्णता एवं गहनता में अध्ययन करती है। इसके द्वारा किया गया …

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संघर्ष का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, स्वरूप

Conflict शब्द लेटिन भाषा के Con+Fligo से मिलकर बना है Con का अर्थ है together तथा Fligo का अर्थ है-To Strike. अत: संघर्ष का अर्थ है-लड़ना, प्रभुत्व के लिए संघर्ष करना, विरोध करना, किसी पर काबू पाना आदि। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार-दो वर्गों में या समूहों के बीच सशस्त्र प्रतिरोध, लड़ा या युद्ध संघर्ष है। विपरीत …

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