भूकंप का अर्थ, परिभाषा एवं भूकंप के पूर्व संकेत

भूकम्प अत्यन्त विनाशक और विध्वंशकारी, प्राकृतिक आपदा है। इसका पुनर्वनुमान नहीं हो पाता है। क्योंकि इसमें कम समय में पृथ्वी के अन्तरिक भाग से अधिक मात्रा में उर्जा का निकास होता है और पृथ्वी की पपटी हिलने और कांपने लगती है जिससे जनजीवन का अधिक विनाश और हानि होती है। भूकम्प पृथ्वी का कंपन होते है। …

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सामाजिक विकास क्या है ?

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह दूसरो के व्यवहार को प्रभावित करता है और उसके व्यवहार से प्रभावित होता है। इस परस्पर व्यवहार के व्यवस्थापन पर ही सामाजिक संबंध निर्भर होते हैं। इस परस्पर व्यवहार में रूचियों, अभिवश्त्तियों, आदतों आदि का बड़ा महत्व है। सामाजिक विकास में इन सभी का विकास सम्मिलित है। जब सामाजिक परिस्थिति …

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उपभोक्ता व्यवहार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकृति एवं घटक

उपभोक्ता व्यवहार विश्व की समस्त विपणन क्रियाओं का केन्द्र बिन्दु उपभोक्ता है। आज विपणन के क्षैत्र में जो कुछ भी किया जा रहा है उसके केन्द्र में कही न कही उपभोक्ता विद्यमान है। इसलिए उपभोक्ता को बाजार का राजा या बाजार का मालिक कहा गया है। सभी विपणन संस्थाए उपभोक्ता की आवश्यकताओं इच्छाओं, उसकी पंसद एवं …

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बाजार विभक्तिकरण क्या है ?

भूमण्डलीकरण के वर्तमान दौर में सम्पूर्ण विश्व एक बड़ा बाजार बन गया है। पूरे विश्व में विभिन्न प्रकार के उपभोक्ता रहते है जिनमें आयु, आय, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय एवं पैशा आदि के आधार पर अनेक अन्तर है। किसी भी संस्था के लिए यह लगभग असम्भव है कि वह इन सभी प्रकार के ग्राहको पर ध्यान केन्द्रित …

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विपणन वातावरण क्या है ?

वातावरण से आशय किसी संगठन के आस पास विद्यमान उन घटकों, शक्तियों से हैं जो संगठन को प्रभावित करते है लेकिन संगठन का उन पर किसी भी प्रकार का नियन्त्रण नहीं होता है विपणन वातावरण के अन्तर्गत आती है। कोटलर एवं आर्मस्ट्रांग –”एक संस्था के विपणन वातावरण में बाहर के वे सभी कारक एवं शक्तियां सम्मिलित …

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विपणन मिश्रण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकृति एवं तत्व

विपणन मिश्रण का अर्थ एवं परिभाषा सरल शब्दों में, विपणन मिश्रण विपणन के विभिन्न घटकों का समुचित मिश्रण है जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की इच्छाओं को सन्तुष्ट कर उपक्रम के विपणन उदेश्यों को प्राप्त किया जा सकता है। प्रो. कोटलर के अनुसार – “विपणन मिश्रण उन विपणन औजारों का समूह है जिन्हें कोर्इ संस्था लक्ष्य बाजार में …

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पूरक चिकित्सा क्या है ?

क्या आप जानते हैं कि पूरक चिकित्सा को दूसरे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है। जैसे-वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति, समग्र चिकित्सा पद्धति, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति इत्यादि। आपकी जानकारी के लिये इस तथ्य को भी स्पष्ट कर देना अति आवश्यक है कि जब किसी रोगी को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारम्परिक चिकित्सा भी दी जाती है, तब …

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प्रबन्ध लेखांकन क्या है ?

शाब्दिक दृष्टिकोण से ‘प्रबन्धकीय लेखांकन’ शब्द से तात्पर्य है, प्रबन्ध के लिए लेखांकन। जब लेखांकन प्रबन्ध की आवश्यकताओं के लिए सभी सूचनाएं प्रदान करने की कला (Art) बन जाती है तो उसे प्रबन्धकी लेखांकन कहते हैं। इन्स्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स, इंग्लैंड – “प्रबन्धकीय लेखा-विधि से आशय लेखांकन के किसी भी ऐसे प्रारूप से है जिससे व्यवसाय …

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वित्तीय विवरण विश्लेषण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, विधि एवं तकनीक

फिने तथा मिलर के शब्दों में “वित्तीय विश्लेषण में निश्चित योजनाओं के आधार पर तथ्यों को विभाजित करने, परिस्थितियों के अनुसार, उसकी वर्ग रचना तथा सुविधाजनक सरल पठनीय एवं समझने लायक रूप में उन्हें प्रयुक्त करने की क्रियाएं सम्मिलित होती हैं।” स्पाइसर तथा पेगलर के अनुसार “लेखों के निर्वचन को वित्तीय समंकों को इस प्रकार अनुवाद …

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रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है ?

रोकड़ व्यावसायिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व रखती है अत: इसके बारे में प्रबन्धकों को यह जानना आवश्यक होता है कि संस्था में रोकड़ के आगम एवं निर्गम की क्या स्थिति रही इसी उद्देश्य के लिए रोकड़ प्रवाह विवरण बनाया जाता है। रोकड़ प्रवाह विवरण दो समयावधियों के बीच व्यवसाय के रोकड़ शेष में हुए परिवर्तनों का …

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