अवसाद का अर्थ, लक्षण, प्रकार एवं कारण

मनोदशा विकृतियों में अवसाद एक प्रमुख रोग है। विषाद या अवसाद से आशय मनोदशा में उत्पन्न उदासी से होता है अथवा यह भी कहा जा सकता है कि अवसाद से तात्पर्य एक नैदानिक संलक्षण से है, जिसमें सांवेगिक अभिप्रेरणात्मक, व्यवहारात्मक, संज्ञानात्मक एवं दैहिक या शारीरिक लक्षणों का मिश्रित स्वरूप होता हे। इसे ‘‘ नैदानिक अवसाद’’ (clinical …

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एक्यूपंक्चर के लाभ

एक्युपंक्चर चिकित्सा के लाभ हैं – इस प्रणाली के कोर्इ दुष्परिणाम नहीं हैं।  यह औषधि रहित चिकित्सा प्रणाली है।  इस पद्धति से रोगी की रक्षा व रोग की समाप्ति होती है।  यह कष्ट रहित चिकित्सा है।  यह कम खर्चीली चिकित्सा प्रणाली है।  यह चिकित्सा दूसरे अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ भी चल सकती है।  यह एक …

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स्वाध्याय चिकित्सा का अर्थ, प्रक्रिया एवं महत्व

कुछ लोग स्वाध्याय का अर्थ पुस्तकों का अध्ययन मात्र करना समझते हे, किन्तु इस प्रकार के अध्ययन को हम स्वाध्याय की संज्ञा नहीं दे सकते। स्वाध्याय की अवधारणा अत्यन्त व्यापक है। कुछ भी पढ़ लेने का नाम स्वाध्याय नहीं है, वरन् स्वाध्याय की सामग्री केवल वही ग्रन्थ, पुस्तक का विचार हो सकता है, जो किसी अध्यात्मवेदता …

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विपणन मिश्रण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकृति एवं तत्व

विपणन मिश्रण का अर्थ एवं परिभाषा सरल शब्दों में, विपणन मिश्रण विपणन के विभिन्न घटकों का समुचित मिश्रण है जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की इच्छाओं को सन्तुष्ट कर उपक्रम के विपणन उदेश्यों को प्राप्त किया जा सकता है। प्रो. कोटलर के अनुसार – “विपणन मिश्रण उन विपणन औजारों का समूह है जिन्हें कोर्इ संस्था लक्ष्य बाजार में …

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पूरक चिकित्सा क्या है ?

क्या आप जानते हैं कि पूरक चिकित्सा को दूसरे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है। जैसे-वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति, समग्र चिकित्सा पद्धति, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति इत्यादि। आपकी जानकारी के लिये इस तथ्य को भी स्पष्ट कर देना अति आवश्यक है कि जब किसी रोगी को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारम्परिक चिकित्सा भी दी जाती है, तब …

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निष्पादन बजटन का अर्थ एवं परिभाषा

निष्पादन बजटन व्यय एवं अर्जन अनुमानों को कार्यों, कार्यक्रमों क्रियाओं तथा परियोजनाओं के रूप में प्रस्ततीकरण करने तथा बजट में समविष्ट व्यक्तिगत मदों के भौतिक एवं वित्तीय पहलुओं को सम्बन्धित करने की एक तकनीक है। प्रो. घोष एवं गुप्ता के शब्दों में, “निष्पादन बजटन को कार्यों, कार्यक्रमों, गतिवििधों तथा परियोजनाओं के रूप में प्रस्तुत करने की …

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सीमान्त लागत क्या है ?

वस्तु की एक अतिरिक्त इकार्इ निर्मित करने की लागत सीमान्त लागत है। सीमान्त लागत से आशय परिवर्तनशील लागतों अर्थात्, मूल लागत तथा परिवर्तनशील उपरिव्ययों के योग से है। प्रति इकार्इ सीमान्त लागत उत्पादन के किसी भी स्तर पर राशि में हुए परिवर्तन से है जिससे कुल लागत में परिवर्तन होता है, यदि उत्पादन मात्रा एक इकार्इ …

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जैव भू रसायन चक्र क्या है ?

अजैविक तत्वों के जैविक प्रावस्था में परिवर्तन तथा इनके अकार्बनिक या अजैविक रूप में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को जैव-भू-रसायन चक्र (Bio-Geo-Chemical Cycle) कहते हैं। पौधे अपनी वृद्धि के लिए सौर ऊर्जा जल व कार्बनडायऑक्साइड के अतिरिक्त मिटटी से भी अनेक खनिज प्राप्त करते हैं। पारिस्थितिक तंत्र मैं भी अनेक खनिज प्राप्त करते हैं। पारिस्थितिक तंत्र …

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स्वास्थ्य की अवधारणा एवं परिभाषाएँ

स्वास्थ्य की अवधारणा स्वास्थ्य जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग है। इसकी अवधारणा को समझने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी अवधारणाओं को समझना होगा, क्योंकि सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इसे न केवल अलग-अलग रूप से परिभाषित किया गया है बल्कि उन क्षेत्रों में इसके सिद्धान्त भी अलग-अलग हैं। वर्तमान वैज्ञानिक युग में …

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रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है ?

रोकड़ व्यावसायिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व रखती है अत: इसके बारे में प्रबन्धकों को यह जानना आवश्यक होता है कि संस्था में रोकड़ के आगम एवं निर्गम की क्या स्थिति रही इसी उद्देश्य के लिए रोकड़ प्रवाह विवरण बनाया जाता है। रोकड़ प्रवाह विवरण दो समयावधियों के बीच व्यवसाय के रोकड़ शेष में हुए परिवर्तनों का …

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