उपभोक्ता व्यवहार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकृति एवं घटक

उपभोक्ता व्यवहार विश्व की समस्त विपणन क्रियाओं का केन्द्र बिन्दु उपभोक्ता है। आज विपणन के क्षैत्र में जो कुछ भी किया जा रहा है उसके केन्द्र में कही न कही उपभोक्ता विद्यमान है। इसलिए उपभोक्ता को बाजार का राजा या बाजार का मालिक कहा गया है। सभी विपणन संस्थाए उपभोक्ता की आवश्यकताओं इच्छाओं, उसकी पंसद एवं …

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बाजार विभक्तिकरण क्या है ?

भूमण्डलीकरण के वर्तमान दौर में सम्पूर्ण विश्व एक बड़ा बाजार बन गया है। पूरे विश्व में विभिन्न प्रकार के उपभोक्ता रहते है जिनमें आयु, आय, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय एवं पैशा आदि के आधार पर अनेक अन्तर है। किसी भी संस्था के लिए यह लगभग असम्भव है कि वह इन सभी प्रकार के ग्राहको पर ध्यान केन्द्रित …

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विपणन वातावरण क्या है ?

वातावरण से आशय किसी संगठन के आस पास विद्यमान उन घटकों, शक्तियों से हैं जो संगठन को प्रभावित करते है लेकिन संगठन का उन पर किसी भी प्रकार का नियन्त्रण नहीं होता है विपणन वातावरण के अन्तर्गत आती है। कोटलर एवं आर्मस्ट्रांग –”एक संस्था के विपणन वातावरण में बाहर के वे सभी कारक एवं शक्तियां सम्मिलित …

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विपणन मिश्रण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकृति एवं तत्व

विपणन मिश्रण का अर्थ एवं परिभाषा सरल शब्दों में, विपणन मिश्रण विपणन के विभिन्न घटकों का समुचित मिश्रण है जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की इच्छाओं को सन्तुष्ट कर उपक्रम के विपणन उदेश्यों को प्राप्त किया जा सकता है। प्रो. कोटलर के अनुसार – “विपणन मिश्रण उन विपणन औजारों का समूह है जिन्हें कोर्इ संस्था लक्ष्य बाजार में …

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पूरक चिकित्सा क्या है ?

क्या आप जानते हैं कि पूरक चिकित्सा को दूसरे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है। जैसे-वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति, समग्र चिकित्सा पद्धति, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति इत्यादि। आपकी जानकारी के लिये इस तथ्य को भी स्पष्ट कर देना अति आवश्यक है कि जब किसी रोगी को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारम्परिक चिकित्सा भी दी जाती है, तब …

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प्रबन्ध लेखांकन क्या है ?

शाब्दिक दृष्टिकोण से ‘प्रबन्धकीय लेखांकन’ शब्द से तात्पर्य है, प्रबन्ध के लिए लेखांकन। जब लेखांकन प्रबन्ध की आवश्यकताओं के लिए सभी सूचनाएं प्रदान करने की कला (Art) बन जाती है तो उसे प्रबन्धकी लेखांकन कहते हैं। इन्स्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स, इंग्लैंड – “प्रबन्धकीय लेखा-विधि से आशय लेखांकन के किसी भी ऐसे प्रारूप से है जिससे व्यवसाय …

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वित्तीय विवरण विश्लेषण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, विधि एवं तकनीक

फिने तथा मिलर के शब्दों में “वित्तीय विश्लेषण में निश्चित योजनाओं के आधार पर तथ्यों को विभाजित करने, परिस्थितियों के अनुसार, उसकी वर्ग रचना तथा सुविधाजनक सरल पठनीय एवं समझने लायक रूप में उन्हें प्रयुक्त करने की क्रियाएं सम्मिलित होती हैं।” स्पाइसर तथा पेगलर के अनुसार “लेखों के निर्वचन को वित्तीय समंकों को इस प्रकार अनुवाद …

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जैव भू रसायन चक्र क्या है ?

अजैविक तत्वों के जैविक प्रावस्था में परिवर्तन तथा इनके अकार्बनिक या अजैविक रूप में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को जैव-भू-रसायन चक्र (Bio-Geo-Chemical Cycle) कहते हैं। पौधे अपनी वृद्धि के लिए सौर ऊर्जा जल व कार्बनडायऑक्साइड के अतिरिक्त मिटटी से भी अनेक खनिज प्राप्त करते हैं। पारिस्थितिक तंत्र मैं भी अनेक खनिज प्राप्त करते हैं। पारिस्थितिक तंत्र …

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स्वास्थ्य की अवधारणा एवं परिभाषाएँ

स्वास्थ्य की अवधारणा स्वास्थ्य जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग है। इसकी अवधारणा को समझने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी अवधारणाओं को समझना होगा, क्योंकि सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इसे न केवल अलग-अलग रूप से परिभाषित किया गया है बल्कि उन क्षेत्रों में इसके सिद्धान्त भी अलग-अलग हैं। वर्तमान वैज्ञानिक युग में …

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रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है ?

रोकड़ व्यावसायिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व रखती है अत: इसके बारे में प्रबन्धकों को यह जानना आवश्यक होता है कि संस्था में रोकड़ के आगम एवं निर्गम की क्या स्थिति रही इसी उद्देश्य के लिए रोकड़ प्रवाह विवरण बनाया जाता है। रोकड़ प्रवाह विवरण दो समयावधियों के बीच व्यवसाय के रोकड़ शेष में हुए परिवर्तनों का …

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