गैसीय अवस्था

पदार्थ की तीन भौतिक अवस्थाएँ होती है-ठोस, द्रव तथा गैस। आधुनिक अनुसन्धानों द्वारा एक अवस्था और ज्ञात की गयी है जिसे प्लाज्मा कहते है। ताप तथा दाब की परिस्थितियों के अनुसार पदार्थ एक समय में किसी एक भौतिक अवस्था में पाया जाता है। इन तीनों अवस्थाओं में कोर्इ सुस्पष्ट सीमांकन रेखा नहीं होती, किसी भी पदार्थ …

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भारत की प्रमुख फसलें

चॉवल-  चावॅल भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसल है। देश की कुल कृषि भूमि के लगभग 30प्रतिशत भाग में इसकी कृषि की जाती है। शीतकालीन को अगहनी अमन ग्रीष्मकालीन (दिसम्बर से अप्रेल) चॉवल के बोरों तथा “ारदकालीन (जून से अक्टूबर) चॉवल को ओस के नाम से जाना जाता हैं। उत्पादन:- चाँवल उत्पादन एंव क्षेत्रफल की दृष्टि से …

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जल संसाधन क्या है ?

जल ही जीवन हैं। यह बात पूर्ण रूप से सत्य हैं। पृथ्वी के अतिरिक्त अन्य ग्रहों में किसी भी जगह सिर्फ जल का न होना ही वहां का सूनापन हैं। जल का उपयोग पीने के अतिरिक्त कृषि करने, सिंचार्इ करने, कारखानों, जल व़िद्युत निर्माण आदि कार्यो में होता हैं। जल की इसी उपयोगिता एवं महत्व को …

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मृदा संसाधन क्या है ?

मृदा या मिट्टी चट्टानों द्वारा ही निर्मित होती हैं। पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर आज तक एवं भविष्य में परिवर्तनकारी शक्तियां कार्यरत हैं। जो धरातल पर भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन भी करती हैं। इसके साथ ही अपक्षय एवं अपरदन की शक्तियां भी कार्यरत हैं। मृदा की परिभाषा-  ‘‘मृदा भूमि की वह ऊपरी परत हैं जिसका निर्माण …

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भूकंप के कारण और प्रभाव

भू-पृष्ठ के हिलने या कांपने को भूकम्प कहते है। ये हल्के से कम्पन से लेकर भवनों को तेज हिलाकर रख देने वाले होते है। भूकम्प लहरों की गति की ऊर्जा का एक रूप है जो पृथ्वी की धरातलीय परत से संप्रेषित होती है। सभी भूकम्प समान तीव्रता वाले नहीं होते इनमें से कुछ भूकम्प बहुत भयंकर …

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मृदा संरक्षण के उपाय

मृदा संरक्षण से तात्पर्य उन विधियों से है ,जो मृदा को अपने स्थान सें रोकता है।  मृदा संरक्षण के उपाय- फसल चक्र का उपयोग करना चाहिये।  प्रत्येक स्थान पर वृक्षारोपण करना चाहिये।  मिट्टी के रासायनिक परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जायें।  वृक्षों की कटार्इ एवं अनियंत्रित पशुचारण पर रोक लगार्इ जायें।  तटबांध का निर्माण किया जाना …

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मृदा अपरदन क्या है ?

मृदा को अपने स्थान से विविध रासायनिक, भौतिक एवं जैविक क्रियाओं द्वारा हटाया जाना मृदा अपरदन कहलाता हैं। मृदा अपरदन से मृदा की अनेक समस्यायें उतपन्न हो जाती हैं। उर्वरा शक्ति का ह्रास, नाइट्रोजन की कमी, अत्याधिक पशुचारण, अम्लीय क्षारीय जल का बढ़ना, कॉस खरपतवार का बढ़ना एवं मरूस्थलीय रेत का प्रसार आदि मुख्य हैं। मृदा …

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अपक्षय क्या है ?

अपक्षय एक स्थानीय प्रक्रिया हैं, इसमें शैलो का विघटन और अपघटन मूल स्थान पर ही होता है विघटन तापमान में परिवर्तन और पाले के प्रभाव से होता हैं। इस प्रक्रिया में शैल टुकड़ों में बिखर जाते हैं अपघटन की प्रक्रिया में शैलों के अन्दर रासायनिक परिवर्तन होते है शैलों में विभिन्न प्रकार के खनिज कण एक …

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शैल के प्रकार एवं आर्थिक महत्व

शैल के प्रकार शैल अपने निर्माण की क्रिया द्वारा तीन प्रकार की होती है- आग्नेय शैल  अवसादी शैल  रूपान्तरिंत शैल 1. आग्नेय शैल आग्नेय शैल जैसा कि नाम से ही स्पष्ठ है कि इस शैल की उत्पत्ति अग्नि से हुर्इ होगी इसी आधार पर इसका नाम आग्नेय शैल रखा गया है यह अति तप्त चट्टानी तरल …

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ऊतक क्या है ?

विभिन्न अंग जैसे कि पौधो के तने जड़ों और प्राणियों के अमाशय हृदय और फेफड़े विभिन्न प्रकार के ऊतको के बने होते है। ऊतक ऐसी कोशिकाओं का एक समूह होता है। जिसका उद्भव सरंचना और कार्य समान हाते हैं। इनके सामान्य उद्भव का अर्थ हैं कि वे भ्रूण में कोशिकाओं के एक ही स्तर से व्युत्पन्न …

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