कलेक्टर की शक्तियां और कार्य

कलेक्टर के पद का सृजन 200 वर्षों से अधिक समय पहले किया गया था। यह सबसे अधिक महत्वपूर्ण पदों में से है। यह पद स्वतंत्र भारत की लोक प्रशासन प्रणाली को उपनिवेशी शासकों से विरासत में मिला है। वह देश में ज़िला/जिला प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी होता है।  कलेक्टर की शक्तियां और कार्य कलेक्टर का कार्यालय एक …

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राज्य वित्त आयोग का कार्य क्या है?

राज्य वित्त आयोग का हर पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर गठन किया जाना आवश्यक है। संविधान के अंतर्गत आयोग को सौंपी गयी ज़िम्मेदारियों का मूल रूप से अनुच्छेद 280 में वर्णन किया गया है, वित्तीय आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वे राष्ट्रपति को निम्नलिखित के संबंध में सिफारिशें देगा:  करों की शुद्ध आय का संघ …

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सर सैयद अहमद खान का जीवन परिचय

सर सैयद अहमद खान का जीवन परिचय सर सैयद अहमद खान का जन्म 17 अक्टूबर 1817 को दिल्ली में हुआ था।  पीढ़ियों पहले उनके पूर्वजों का सम्बन्ध पैगम्बर मुहम्मद के साथ था। उनके पूर्वज मुगल बादशाह शाहजहाँ के समय में हेरात से भारत आये थे। उनमें से एक सैयद मुहम्मद दोस्त औरंगजेब के दक्कन अभियान में शामिल …

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बाबरनामा या तुजुके बाबरी क्या है इसमे क्या लिखा है?

बाबरनामा बाबर ने लिखा था। बाबर द्वारा रचित तुर्की भाषा की इस कृति कों तुजुके बाबरी भी कहा जाता है। शेख जेतुद्दीन ख्वाजा ने इसका सर्वप्रथम फारसी में अनुवाद किया। इसमें खानवा तक की लड़ाई का उल्लेख है।  यह ग्रन्थ भारत की 1504 ई. से 1529 ई. तक की राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति पर वर्णनात्मक प्रकाश डालता …

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शोध का अर्थ एवं परिभाषा

शोध का अर्थ  शोध को अंग्रेजी भाषा में ‘‘रिसर्च’’ कहा जाता है, रिसर्च में ‘‘री’’ शब्द का अर्थ बार-बार तथा ‘‘सर्च’’ का अर्थ ‘‘खाजे ना’’ होता है। इस प्रकार रिसर्च का अर्थ ‘‘प्रयत्नों की गहन खोज’’ करना होता है।  शोध की परिभाषा विभिन्न वैज्ञानिकों ने अपने-अपने मत दिये हैं, कुछ विद्वानों द्वारा दी गई परिभाषाएं इस …

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क्रिया किसे कहते हैं और इसके कितने भेद हैं?

वे शब्द, जिनके द्वारा किसी कार्य का करना या होना पाया जाता है, उन्हें क्रिया पद कहते हैं। संस्कृत में क्रिया रूप को धातु कहते हैं, हिन्दी में उन्हीं के साथ ‘ना’ लग जाता है जैसे लिख से लिखना, हँस से हँसना।  क्रिया की परिभाषा – जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का …

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विशेषण किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं ?

विशेषण वो शब्द या शब्दों का समूह (उपवाक्य) होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषण बताते हैं या फिर उस संज्ञा या सर्वनाम के बारे में कुछ अतिरिक्त सूचना देते हैं। ये भी कह सकते हैं कि विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम का वर्णन करते हैं। विशेषण किसे कहते हैं वे शब्द, जो किसी संज्ञा …

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संज्ञा किसे कहते हैं उदाहरण सहित

किसी प्राणी, वस्तु, स्थान या भाव के  नाम को संज्ञा कहते हैं जैसे- रवि, पेंसिल, दिल्ली, बुढ़ापा आदि। संज्ञा किसे कहते हैं किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, भाव, अवस्था, गुण या दशा के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे आलोक, पुस्तक, जोधपुर, दया, बचपन, मिठास, गरीबी आदि।  परिभाषा – किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का बोध …

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सर्वनाम किसे कहते हैं इसके कितने भेद होते हैं ?

संज्ञा के बदले में आने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम का शाब्दिक अर्थ है – सबका नाम। जैसे – वह, मैं, तुम, तू, आप इत्यादि। सर्वनाम शब्द का अर्थ है- सब का नाम। वाक्य में संज्ञा की पुनरुक्ति को दूर करने के लिए संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्दों को सर्वनाम …

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मैस्लो का व्यक्तित्व का मानवतावादी सिद्धांत क्या है? इसकी सीमायें एवं गुण क्या-क्या है

एब्राहम मैस्लो का व्यक्तित्व सिद्धांत। मैस्लों का व्यक्तित्व सिद्धांत मानवतावादी आन्दोलन से प्रेरित है, जिसमें मानवीय व्यक्तित्व के विकास में बाह्य कारकों की तुलना में व्यक्तिगत मूल्यों, आत्मनिर्देश तथा व्यक्तिगत वर्धन इत्यादि मानवीय एवं आन्तरिक कारकों पर अधिक बल दिया गया है।  मैस्लों द्वारा व्यक्तित्व विकास में आन्तरिक कारकों पर अत्यधिक बल दिये जाने के कारण …

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