काल किसे कहते हैं (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

काल व्याकरण में क्रिया के होने वाले समय को काल कहते हैं। काल के सामान्यतया तीन भेद किए जाते हैं-1. वर्तमान, 2. भूत, 3. भविष्यत्। इसका आधार हैकार्य की निष्पत्ति के होने का समय। यदि घटना अब की है तो वर्तमान काल, पहले की है तो भूतकाल, आगे होने वाली हो तो भविष्यकाल। काल के लिए …

Read more

कारक परिभाषा, कारक के कितने भेद हैं? उदाहरण

कारक का अर्थ है – ‘करोति इति कारकम्’। जो क्रिया का निष्पादक होता है, उसे कारक कहते हैं। कैयट और भर्तृहरि का कथन है कि क्रिया साध्य है और कारक साधन है। इस प्रकार क्रिया को सिद्ध करने वाले को ‘कारक’ कहते हैं। संस्कृत व्याकरण के अनुसार सात कारक माने गए हैं। कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, …

Read more

वचन किसे कहते हैं ? वचन के प्रकार / वचन के कितने भेद होते हैं

वचन सामान्यतः वचन शब्द का प्रयोग किसी के द्वारा कहे गये कथन अथवा दिये गये आश्वासन के अर्थ में किया जाता है, किन्तु व्याकरण में वचन का अर्थ संख्या से लिया जाता है। वह, जिसके द्वारा किसी विकारी शब्द की संख्या का बोध होता है, उसे वचन कहते हैं।  वचन के प्रकार / वचन के भेद …

Read more

लिंग किसे कहते है? // लिंग के कितने प्रकार होते है?

लिंग शब्द का अर्थ होता है चिह्न या पहचान। व्याकरण के अन्तर्गत लिंग उसे कहते हैं, जिसके द्वारा किसी विकारी शब्द के स्त्री या पुरुष जाति का होने का बोध होता है।  लिंग के भेद हैं? हिन्दी भाषा में लिंग दो प्रकार के होते हैं – (i) पुल्लिंग (ii) स्त्री लिंग ।  (i) पुल्लिंग: जिसके द्वारा किसी विकारी …

Read more

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं उदाहरण सहित ?

वे अविकारी या अव्यय शब्द, जो क्रिया की विशेषता बतलाते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं।  परिभाषा – जो अविकारी शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। जैसे – जैसे – गीता तेज चलती है, वह धीरे-धीरे चलता है, वह जल्दी-जल्दी खाता है। इसमें तेज, धीरे-धीरे, जल्दी-जल्दी क्रिया विशेषण हैं। क्रिया विशेषण के …

Read more

क्रिया किसे कहते हैं और इसके कितने भेद हैं?

वे शब्द, जिनके द्वारा किसी कार्य का करना या होना पाया जाता है, उन्हें क्रिया पद कहते हैं। संस्कृत में क्रिया रूप को धातु कहते हैं, हिन्दी में उन्हीं के साथ ‘ना’ लग जाता है जैसे लिख से लिखना, हँस से हँसना।  क्रिया की परिभाषा – जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का …

Read more

विशेषण किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं ?

विशेषण वो शब्द या शब्दों का समूह (उपवाक्य) होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषण बताते हैं या फिर उस संज्ञा या सर्वनाम के बारे में कुछ अतिरिक्त सूचना देते हैं। ये भी कह सकते हैं कि विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम का वर्णन करते हैं। विशेषण किसे कहते हैं वे शब्द, जो किसी संज्ञा …

Read more

संज्ञा किसे कहते हैं उदाहरण सहित

किसी प्राणी, वस्तु, स्थान या भाव के  नाम को संज्ञा कहते हैं जैसे- रवि, पेंसिल, दिल्ली, बुढ़ापा आदि। संज्ञा किसे कहते हैं किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, भाव, अवस्था, गुण या दशा के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे आलोक, पुस्तक, जोधपुर, दया, बचपन, मिठास, गरीबी आदि।  परिभाषा – किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का बोध …

Read more

सर्वनाम किसे कहते हैं इसके कितने भेद होते हैं ?

संज्ञा के बदले में आने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम का शाब्दिक अर्थ है – सबका नाम। जैसे – वह, मैं, तुम, तू, आप इत्यादि। सर्वनाम शब्द का अर्थ है- सब का नाम। वाक्य में संज्ञा की पुनरुक्ति को दूर करने के लिए संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्दों को सर्वनाम …

Read more

मैस्लो का व्यक्तित्व का मानवतावादी सिद्धांत क्या है? इसकी सीमायें एवं गुण क्या-क्या है

एब्राहम मैस्लो का व्यक्तित्व सिद्धांत। मैस्लों का व्यक्तित्व सिद्धांत मानवतावादी आन्दोलन से प्रेरित है, जिसमें मानवीय व्यक्तित्व के विकास में बाह्य कारकों की तुलना में व्यक्तिगत मूल्यों, आत्मनिर्देश तथा व्यक्तिगत वर्धन इत्यादि मानवीय एवं आन्तरिक कारकों पर अधिक बल दिया गया है।  मैस्लों द्वारा व्यक्तित्व विकास में आन्तरिक कारकों पर अत्यधिक बल दिये जाने के कारण …

Read more